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भारतीय इतिहास एवं संस्कृति पर आधारित प्रश्न

भारतीय इतिहास एवं संस्कृति  कपास का प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुआ है  - मेहरगढ से   कौनसा पशु समूह मोहनजोदड़ो की पशुपति मुद्रा पर अंकित है - व्याध, हाथी, गैंडा और मैंसा   प्राचीन भारतीय सामाजिक संरचना में 'अनिर्वसित' शब्द का सम्बन्ध था - शूद्रों से   संगमकालीन वह तमिल साहित्य जिसकी तुलना अश्वघोष के 'बुद्धचरित' से की जाती है - पत्तिनप्पालै   उज्जैन का प्राचीनकाल में नाम था - अवन्तिका   "जब तक जीवित रहो, सुख से जीवित रहो, चाहे इसके लिए ऋण ही लेना पड़े, क्योंकि शरीर के भस्मीभूत हो जाने पर पुनरागमन नहीं हो सकता' पुनर्जन्म का निषेध करने वाली यह उक्ति है - चार्वाक की   बौद्ध शब्दावली में धर्मचक्र प्रवर्तन निर्देशित करता है - बुद्ध का प्रथम उपदेश   नफांइस उल मासिर नामक ग्रंथ के लेखक हैं - मीर अलाउद्दौला कजवीनी   अकबर ने किस विद्वान् को जरीकलम की उपाधि दी थी ? - मुहम्मद हुसैन को   विजयनगर साम्राज्य में महानायकाचार्य थे - ग्राम सभा की कार्यवाहियों का निरीक्षण करने वाले अधिकारी चालकोलिथिक युग को जिस अन्य नाम से जाना जाता है, वह है - ताम्रपाषा...

सदिश 3i ̂+4k ̂ का y-अक्ष पर प्रक्षेप्य क्या होगा?

प्रश्न - सदिश 3i ̂+4k ̂ का y-अक्ष पर प्रक्षेप्य क्या होगा? a. 5  b. 4.  c. 3 d. शून्य  हल - सदिश 3i ̂+4k ̂  में j ̂  का गुणांक शून्य है अतः यह सदिश XZ तल में ही स्थति होगा। क्योंकि XZ तल में स्थित किसी भी सदिश के लिए y-अक्ष का मन शून्य होता है अतः दिए गए सदिश 3i ̂+4k ̂ का y-अक्ष पर प्रक्षेप्य शून्य होगा। 

सदिश से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें Important things about vector

 

सदिश से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

सदिश से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें किसी समतल में किसी सदिश के केवल दो समकोणिक घटक होते है । किसी सदिश के न्यूनतम दो घटक होते हैं और अधिकतम अनन्त घटक हो सकते हैं। अदिशों को साधारण बीजगणितीय नियम से जोड़ा जा सकता है, जबकि सदिशों को ज्यामितीय विधि से ही जोड़ा अथवा घटाया जा सकता है । सदिशों का विभाजन सम्भव नहीं होता क्योंकि सदिशों को विभाजित नहीं किया जा सकता है। इकाई सदिश किसी सदिश की केवल दिशा को प्रदर्शित करता है। इकाई सदिश का कोई मात्रक नहीं होता है। 

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक

📁 भारत का राष्ट्रगीत 📁 भारत का राष्ट्रगान 📁 भारत का राष्ट्रीय चिह्न 📁 भारत का राष्ट्रीय ध्वज 📁 भारत की राष्ट्रीय नदी 📁 भारत का राष्ट्रीय पंचांग 📁 भारत का राष्ट्रीय वृक्ष 📁 भारत का राष्ट्रीय पुष्प 📁 भारत का राष्ट्रीय फल 📁 भारत का राष्ट्रीय खेल 📁 भारत का राष्ट्रीय पक्षी 📁 भारत का राष्ट्रीय पशु 📁 भारत का राष्ट्रीय जलजीव 📁 भारत का राष्ट्रीय धरोहर पशु 📁 भारत की राष्ट्रीय शपथ 📁 भारत का राष्ट्रीय वाक्य 📁 भारत की राष्ट्रभाषा 📁 भारत का राष्ट्रपिता 📁 भारत की राष्ट्रीय मुद्रा 📁 भारत के राष्ट्रीय पर्व

भारत के राष्ट्रीय पर्व

भारत के राष्ट्रीय दिवस के रुप में स्वतंत्रता दिवस, गाँधी जयंती और गणतंत्र दिवस को घोषित किया गया है। 15 अगस्त को हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1947 में भारतीयों को ब्रिटीश शासन से आजादी मिली थी। 26 जनवरी 1950 को भारत को अपना संविधान प्राप्त हुआ था इसलिये इस दिन को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाता है। हर साल 2 अक्टूबर को गाँधी जयंती मनायी जाती है क्योंकि इसी दिन गाँधी का जन्म हुआ था। 

भारत की राष्ट्रीय मुद्रा

आधिकारिक रुप से भारत के गणराज्य की करेंसी भारतीय रुपया (ISO code: INR) है. इसके संबंधित मुद्दों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया नियंत्रित करता है। भारतीय रुपये को “र” देवनागरी व्यंजन और लेटिन अक्षर “R” से चिन्हित किया गया है। 15 जुलाई 2010 में भारत सरकार द्वारा इसको जारी किया गया था। 8 जुलाई 2011 को रुपये के चिन्हों के साथ भारत में सिक्कों की शुरुआत हुई थी। 

भारत का राष्ट्रपिता

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी है। राष्ट्रपिता की वैधानिकता गाँधी जी को राष्ट्रपिता की उपाधि किसने दी और क्या इसकी कोई वैधानिकता है भी अथवा नहीं, तो इस विषय पर बहुत अधिक चर्चा हो चुकी है। कुछ उत्साही व्यक्तियों द्वारा 2005 में केन्द्रीय सूचना का अधिकार अधिनियम आने के बाद इस अधिकार के अंतरगत भी उन दस्तावेजो की मांग की। इन सभी प्रयासों का जो परिणाम निकाल कर आया उसके अनुसार- दिनांक 12 अप्रैल, 1919 को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गांधी जी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्हें ‘महात्मा’ का संबोधन दिया गया था। इसके उपरांत गांधी जी के साथ महात्मा शब्द अनुलग्नक के रूप में लिखा जाने लगा और इसे समूचे देश मे इसे अघोषित मान्यता मिल गयी। इसके उपरांत 4 जून 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुये महात्मा गांधी को ‘देश का पिता’ कहकर संबोधित किया। इसके उपरांत पुनः 6 जुलाई 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने रेडियो सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुये महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया। 30 जनवरी, 1948 को गांधी जी की हत्या होने के उपरांत देश के...

भारत की राष्ट्रभाषा

भारतीय संविधान में किसी भी भाषा को राष्ट्र भाषा के रूप में नहीं माना गया है। सरकार ने 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषा के रूप में जगह दी है। जिसमें केन्द्र सरकार या राज्य सरकार अपने जगह के अनुसार किसी भी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में चुन सकती है। केन्द्र सरकार ने अपने कार्यों के लिए हिन्दी और अंग्रेजी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में जगह दी है। इसके अलावा अलग अलग राज्यों में स्थानीय भाषा के अनुसार भी अलग अलग आधिकारिक भाषाओं को चुना गया है। फिलहाल 22 आधिकारिक भाषाओं में असमी, उर्दू, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संस्कृत, संतली, सिंधी, तमिल, तेलुगू, बोड़ो, डोगरी, बंगाली और गुजराती है। वर्तमान में सभी 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। 2010 में गुजरात उच्च न्यायालय ने भी सभी भाषाओं को समान अधिकार के साथ रखने की बात की थी, हालांकि न्यायालयों और कई स्थानों में केवल अंग्रेजी भाषा को ही जगह दिया गया है।

भारत का राष्ट्रीय वाक्य

सत्यमेव जयते भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है। इसका अर्थ है- सत्य ही जीतता है/सत्य की ही जीत होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है। यह प्रतीक उत्तर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में वाराणसी के निकट सारनाथ में 250 ई.पू. में सम्राट अशोक द्वारा बनवाये गए सिंह स्तम्भ के शिखर से लिया गया है, लेकिन उसमें यह आदर्श वाक्य नहीं है। 'सत्यमेव जयते' मूलतः मुण्डक-उपनिषद का सर्वज्ञात मंत्र 3.1.6 है।  पूर्ण मंत्र इस प्रकार है- सत्यमेव जयते नानृतम सत्येन पंथा विततो देवयानः। येनाक्रमंत्यृषयो ह्याप्तकामो यत्र तत् सत्यस्य परमम् निधानम्॥ अर्थ - 'सत्य' की ही विजय होती है असत्य की नहीं; 'सत्य' के द्वारा ही देवों का यात्रा-पथ विस्तीर्ण हुआ, जिसके द्वारा आप्तकाम ऋषिगण वहां आरोहण करते हैं जहाँ 'सत्य' का परम धाम है।

भारत की राष्ट्रीय शपथ

भारत मेरा देश है तथा हम सब भारतवासी भाई-बहन हैं।  मुझे अपना देश प्राणों से भी प्यारा है। इसकी समृद्धि और विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। हम इसके सुयोग्य अधिकारी बनने का सदा प्रयत्न करते रहेंगे।  मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सदा आदर करूँगा और सबके साथ शिष्टता का व्यवहार करूँगा।  मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति वफादार रहने की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।

भारत का राष्ट्रीय धरोहर पशु

भारत सरकार ने पर्यावरणविद् महेश रंगराजन समिति की सिफारिश पर हाथी को अगस्त, 2010 में भारत का 'राष्ट्रीय धरोहर पशु' घोषित किया। मई, 2011 में नई दिल्ली में 'हाथी मेरे साथी' नामक अभियान शुरू किया।

भारत का राष्ट्रीय जलजीव

सरकार ने 5 अक्टूबर, 2009 को डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है। यह स्तनधारी जन्तु पवित्र गंगा की शुद्धता को भी प्रकट करता है, क्योंकि यह केवल शुद्ध मीठे पानी ही जीवित रह सकता है। प्लेटेनिस्टा गंगोटिका नामक यह मछली लम्बे नोकदार मुँह वाली होती है और इसकी आँखें लेन्सरहित होती हैं, इसलिए ये केवल प्रकाश की दिशा का पता लगाने के साधन के रूप में कार्य करती हैं।

भारत का राष्ट्रीय पशु

भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ (पैथरा टाइग्रिस लिन्ननायस), पीले रंगों और धारीदार लोमचर्म वाला एक पशु है। शालीनता, दृढ़ता, फुर्ती और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में गौरवान्वित किया गया है। इसकी आठ प्रजातियों में से भारत में पाई जाने वाली प्रजाति को रॉयल बंगाल टाइगर के नाम से जाना जाता है। 1 अप्रैल, 1973 को भारत में बाघ परियोजना ( Project Tiger ) का शुभारम्भ हुआ। इस योजना का उद्देश्य बाघों की गिरती संख्या को रोकना तथा पारिस्थितिकीय सन्तुलन बनाए रखने के लिए उनकी संख्या में वृद्धि करना है। अब तक देश में कुल 45 बाघ आरक्षित क्षेत्र बनाए जा चुके हैं।

भारत का राष्ट्रीय पक्षी

भारत का राष्ट्रीय पक्षी मयूर (पावो क्रिस्टेटस) है। हंस के आकार के इस रंग-बिरंगे पक्षी की गर्दन लम्बी, आँख के नीचे एक सफेद निशान और सिर पर पंखे के आकार की कलंगी होती है। मादा मयूर का रंग भूरा होता है। वह नर मयूर से थोड़ी छोटी होती है। मयूर भारतीय उप-महाद्वीप में सिन्धु नदी के दक्षिण और पूर्व से लेकर जम्मू-कश्मीर, असोम के पूर्व, मिजोरम के दक्षिण और पूर्व से लेकर पूरे भारतीय प्रायद्वीप में व्यापक रूप से पाया जाता है। भारतीय वन्य प्राणी (सुरक्षा) अधिनियम, 1972 के अन्तर्गत इसे पूर्ण संरक्षण प्राप्त है।

भारत का राष्ट्रीय खेल

भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। हॉकी का उद्भव भारत में नहीं हुआ, लेकिन वर्ष 1928 के एम्सटर्डम ओलम्पिक से भारत में इसकी पहचान बनी, जब भारत ने इस ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीता। यद्यपि एक आर टी आई के उत्तर में खेल मन्त्रालय ने कहा है कि भारत का कोई राष्ट्रीय खेल नहीं है, परन्तु भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट India.gov.in पर हॉकी को ही राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया है। 

भारत का राष्ट्रीय फल

भारत का राष्ट्रीय फल आम (मेन्जिफैरा इण्डिका) है । इस फल का उत्पादन उष्ण कटिबन्धीय देशों में वृहत पैमाने पर होता है। यह फल पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़कर भारत में लगभग सभी स्थानों पर पाया जाता है। इस फल में विटामिन ए, सी एवं डी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। भारत में यह फल प्राचीनकाल से ही उगाया जा रहा है। इसे फलों के राजा के नाम से भी सम्बोधित किया जाता है ।

भारत का राष्ट्रीय पुष्प

भारत का राष्ट्रीय पुष्प कमल है। इसका वैज्ञानिक नाम 'नेलम्बो-न्यूसिफेरा' है। प्राचीनकाल से ही इसे भारतीय संस्कृति का शुभ प्रतीक माना जाता है कमल का पौधा (कमलिनी, नलिनी, पद्मिनी) पानी में ही उत्पन्न होता है और भारत के सभी उष्ण भागों में तथा ईरान से लेकर आस्ट्रेलिया तक पाया जाता है। कमल का फूल सफेद या गुलाबी रंग का होता है और पत्ते लगभग गोल, ढाल जैसे, होते हैं। पत्तों की लंबी डंडियों और नसों से एक तरह का रेशा निकाला जाता है जिससे मंदिरों के दीपों की बत्तियाँ बनाई जाती हैं। कहते हैं, इस रेशे से तैयार किया हुआ कपड़ा पहनने से अनेक रोग दूर हो जाते हैं। कमल के तने लंबे, सीधे और खोखले होते हैं तथा पानी के नीचे कीचड़ में चारों ओर फैलते हैं। तनों की गाँठों पर से जड़ें निकलती हैं।

भारत का राष्ट्रीय वृक्ष

भारत का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है। इसका वैज्ञानिक नाम 'फाइकस बेधालेसिस' है। यह वृक्ष घना तथा फैला हुआ होता है। इसकी शाखाएँ दूर-दूर कई एकड़ तक फैली तथा जड़ें गहरी होती है। इस वृक्ष को हिन्दुओं का पवित्र वृक्ष भी माना जाता है।  इस वृक्ष की विशेषताओं और इसके लंबे जीवन के कारण इस पेड़ को अनश्‍वर माना जाता है और यह भारत के इतिहास और लोक कथाओं का एक अविभाज्‍य अंग है। आज भी बरगद के पेड़ को ग्रामीण जीवन का केंद्र बिन्‍दु माना जाता है और गांव की परिषद इसी पेड़ की छाया में बैठक करती है।