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Showing posts from May, 2020

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक

📁 भारत का राष्ट्रगीत 📁 भारत का राष्ट्रगान 📁 भारत का राष्ट्रीय चिह्न 📁 भारत का राष्ट्रीय ध्वज 📁 भारत की राष्ट्रीय नदी 📁 भारत का राष्ट्रीय पंचांग 📁 भारत का राष्ट्रीय वृक्ष 📁 भारत का राष्ट्रीय पुष्प 📁 भारत का राष्ट्रीय फल 📁 भारत का राष्ट्रीय खेल 📁 भारत का राष्ट्रीय पक्षी 📁 भारत का राष्ट्रीय पशु 📁 भारत का राष्ट्रीय जलजीव 📁 भारत का राष्ट्रीय धरोहर पशु 📁 भारत की राष्ट्रीय शपथ 📁 भारत का राष्ट्रीय वाक्य 📁 भारत की राष्ट्रभाषा 📁 भारत का राष्ट्रपिता 📁 भारत की राष्ट्रीय मुद्रा 📁 भारत के राष्ट्रीय पर्व

भारत के राष्ट्रीय पर्व

भारत के राष्ट्रीय दिवस के रुप में स्वतंत्रता दिवस, गाँधी जयंती और गणतंत्र दिवस को घोषित किया गया है। 15 अगस्त को हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1947 में भारतीयों को ब्रिटीश शासन से आजादी मिली थी। 26 जनवरी 1950 को भारत को अपना संविधान प्राप्त हुआ था इसलिये इस दिन को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाता है। हर साल 2 अक्टूबर को गाँधी जयंती मनायी जाती है क्योंकि इसी दिन गाँधी का जन्म हुआ था। 

भारत की राष्ट्रीय मुद्रा

आधिकारिक रुप से भारत के गणराज्य की करेंसी भारतीय रुपया (ISO code: INR) है. इसके संबंधित मुद्दों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया नियंत्रित करता है। भारतीय रुपये को “र” देवनागरी व्यंजन और लेटिन अक्षर “R” से चिन्हित किया गया है। 15 जुलाई 2010 में भारत सरकार द्वारा इसको जारी किया गया था। 8 जुलाई 2011 को रुपये के चिन्हों के साथ भारत में सिक्कों की शुरुआत हुई थी। 

भारत का राष्ट्रपिता

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी है। राष्ट्रपिता की वैधानिकता गाँधी जी को राष्ट्रपिता की उपाधि किसने दी और क्या इसकी कोई वैधानिकता है भी अथवा नहीं, तो इस विषय पर बहुत अधिक चर्चा हो चुकी है। कुछ उत्साही व्यक्तियों द्वारा 2005 में केन्द्रीय सूचना का अधिकार अधिनियम आने के बाद इस अधिकार के अंतरगत भी उन दस्तावेजो की मांग की। इन सभी प्रयासों का जो परिणाम निकाल कर आया उसके अनुसार- दिनांक 12 अप्रैल, 1919 को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गांधी जी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्हें ‘महात्मा’ का संबोधन दिया गया था। इसके उपरांत गांधी जी के साथ महात्मा शब्द अनुलग्नक के रूप में लिखा जाने लगा और इसे समूचे देश मे इसे अघोषित मान्यता मिल गयी। इसके उपरांत 4 जून 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुये महात्मा गांधी को ‘देश का पिता’ कहकर संबोधित किया। इसके उपरांत पुनः 6 जुलाई 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने रेडियो सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुये महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया। 30 जनवरी, 1948 को गांधी जी की हत्या होने के उपरांत देश के...

भारत की राष्ट्रभाषा

भारतीय संविधान में किसी भी भाषा को राष्ट्र भाषा के रूप में नहीं माना गया है। सरकार ने 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषा के रूप में जगह दी है। जिसमें केन्द्र सरकार या राज्य सरकार अपने जगह के अनुसार किसी भी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में चुन सकती है। केन्द्र सरकार ने अपने कार्यों के लिए हिन्दी और अंग्रेजी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में जगह दी है। इसके अलावा अलग अलग राज्यों में स्थानीय भाषा के अनुसार भी अलग अलग आधिकारिक भाषाओं को चुना गया है। फिलहाल 22 आधिकारिक भाषाओं में असमी, उर्दू, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संस्कृत, संतली, सिंधी, तमिल, तेलुगू, बोड़ो, डोगरी, बंगाली और गुजराती है। वर्तमान में सभी 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। 2010 में गुजरात उच्च न्यायालय ने भी सभी भाषाओं को समान अधिकार के साथ रखने की बात की थी, हालांकि न्यायालयों और कई स्थानों में केवल अंग्रेजी भाषा को ही जगह दिया गया है।

भारत का राष्ट्रीय वाक्य

सत्यमेव जयते भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है। इसका अर्थ है- सत्य ही जीतता है/सत्य की ही जीत होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है। यह प्रतीक उत्तर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में वाराणसी के निकट सारनाथ में 250 ई.पू. में सम्राट अशोक द्वारा बनवाये गए सिंह स्तम्भ के शिखर से लिया गया है, लेकिन उसमें यह आदर्श वाक्य नहीं है। 'सत्यमेव जयते' मूलतः मुण्डक-उपनिषद का सर्वज्ञात मंत्र 3.1.6 है।  पूर्ण मंत्र इस प्रकार है- सत्यमेव जयते नानृतम सत्येन पंथा विततो देवयानः। येनाक्रमंत्यृषयो ह्याप्तकामो यत्र तत् सत्यस्य परमम् निधानम्॥ अर्थ - 'सत्य' की ही विजय होती है असत्य की नहीं; 'सत्य' के द्वारा ही देवों का यात्रा-पथ विस्तीर्ण हुआ, जिसके द्वारा आप्तकाम ऋषिगण वहां आरोहण करते हैं जहाँ 'सत्य' का परम धाम है।

भारत की राष्ट्रीय शपथ

भारत मेरा देश है तथा हम सब भारतवासी भाई-बहन हैं।  मुझे अपना देश प्राणों से भी प्यारा है। इसकी समृद्धि और विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। हम इसके सुयोग्य अधिकारी बनने का सदा प्रयत्न करते रहेंगे।  मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सदा आदर करूँगा और सबके साथ शिष्टता का व्यवहार करूँगा।  मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति वफादार रहने की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।

भारत का राष्ट्रीय धरोहर पशु

भारत सरकार ने पर्यावरणविद् महेश रंगराजन समिति की सिफारिश पर हाथी को अगस्त, 2010 में भारत का 'राष्ट्रीय धरोहर पशु' घोषित किया। मई, 2011 में नई दिल्ली में 'हाथी मेरे साथी' नामक अभियान शुरू किया।

भारत का राष्ट्रीय जलजीव

सरकार ने 5 अक्टूबर, 2009 को डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है। यह स्तनधारी जन्तु पवित्र गंगा की शुद्धता को भी प्रकट करता है, क्योंकि यह केवल शुद्ध मीठे पानी ही जीवित रह सकता है। प्लेटेनिस्टा गंगोटिका नामक यह मछली लम्बे नोकदार मुँह वाली होती है और इसकी आँखें लेन्सरहित होती हैं, इसलिए ये केवल प्रकाश की दिशा का पता लगाने के साधन के रूप में कार्य करती हैं।

भारत का राष्ट्रीय पशु

भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ (पैथरा टाइग्रिस लिन्ननायस), पीले रंगों और धारीदार लोमचर्म वाला एक पशु है। शालीनता, दृढ़ता, फुर्ती और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में गौरवान्वित किया गया है। इसकी आठ प्रजातियों में से भारत में पाई जाने वाली प्रजाति को रॉयल बंगाल टाइगर के नाम से जाना जाता है। 1 अप्रैल, 1973 को भारत में बाघ परियोजना ( Project Tiger ) का शुभारम्भ हुआ। इस योजना का उद्देश्य बाघों की गिरती संख्या को रोकना तथा पारिस्थितिकीय सन्तुलन बनाए रखने के लिए उनकी संख्या में वृद्धि करना है। अब तक देश में कुल 45 बाघ आरक्षित क्षेत्र बनाए जा चुके हैं।

भारत का राष्ट्रीय पक्षी

भारत का राष्ट्रीय पक्षी मयूर (पावो क्रिस्टेटस) है। हंस के आकार के इस रंग-बिरंगे पक्षी की गर्दन लम्बी, आँख के नीचे एक सफेद निशान और सिर पर पंखे के आकार की कलंगी होती है। मादा मयूर का रंग भूरा होता है। वह नर मयूर से थोड़ी छोटी होती है। मयूर भारतीय उप-महाद्वीप में सिन्धु नदी के दक्षिण और पूर्व से लेकर जम्मू-कश्मीर, असोम के पूर्व, मिजोरम के दक्षिण और पूर्व से लेकर पूरे भारतीय प्रायद्वीप में व्यापक रूप से पाया जाता है। भारतीय वन्य प्राणी (सुरक्षा) अधिनियम, 1972 के अन्तर्गत इसे पूर्ण संरक्षण प्राप्त है।

भारत का राष्ट्रीय खेल

भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। हॉकी का उद्भव भारत में नहीं हुआ, लेकिन वर्ष 1928 के एम्सटर्डम ओलम्पिक से भारत में इसकी पहचान बनी, जब भारत ने इस ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीता। यद्यपि एक आर टी आई के उत्तर में खेल मन्त्रालय ने कहा है कि भारत का कोई राष्ट्रीय खेल नहीं है, परन्तु भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट India.gov.in पर हॉकी को ही राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया है। 

भारत का राष्ट्रीय फल

भारत का राष्ट्रीय फल आम (मेन्जिफैरा इण्डिका) है । इस फल का उत्पादन उष्ण कटिबन्धीय देशों में वृहत पैमाने पर होता है। यह फल पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़कर भारत में लगभग सभी स्थानों पर पाया जाता है। इस फल में विटामिन ए, सी एवं डी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। भारत में यह फल प्राचीनकाल से ही उगाया जा रहा है। इसे फलों के राजा के नाम से भी सम्बोधित किया जाता है ।

भारत का राष्ट्रीय पुष्प

भारत का राष्ट्रीय पुष्प कमल है। इसका वैज्ञानिक नाम 'नेलम्बो-न्यूसिफेरा' है। प्राचीनकाल से ही इसे भारतीय संस्कृति का शुभ प्रतीक माना जाता है कमल का पौधा (कमलिनी, नलिनी, पद्मिनी) पानी में ही उत्पन्न होता है और भारत के सभी उष्ण भागों में तथा ईरान से लेकर आस्ट्रेलिया तक पाया जाता है। कमल का फूल सफेद या गुलाबी रंग का होता है और पत्ते लगभग गोल, ढाल जैसे, होते हैं। पत्तों की लंबी डंडियों और नसों से एक तरह का रेशा निकाला जाता है जिससे मंदिरों के दीपों की बत्तियाँ बनाई जाती हैं। कहते हैं, इस रेशे से तैयार किया हुआ कपड़ा पहनने से अनेक रोग दूर हो जाते हैं। कमल के तने लंबे, सीधे और खोखले होते हैं तथा पानी के नीचे कीचड़ में चारों ओर फैलते हैं। तनों की गाँठों पर से जड़ें निकलती हैं।

भारत का राष्ट्रीय वृक्ष

भारत का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है। इसका वैज्ञानिक नाम 'फाइकस बेधालेसिस' है। यह वृक्ष घना तथा फैला हुआ होता है। इसकी शाखाएँ दूर-दूर कई एकड़ तक फैली तथा जड़ें गहरी होती है। इस वृक्ष को हिन्दुओं का पवित्र वृक्ष भी माना जाता है।  इस वृक्ष की विशेषताओं और इसके लंबे जीवन के कारण इस पेड़ को अनश्‍वर माना जाता है और यह भारत के इतिहास और लोक कथाओं का एक अविभाज्‍य अंग है। आज भी बरगद के पेड़ को ग्रामीण जीवन का केंद्र बिन्‍दु माना जाता है और गांव की परिषद इसी पेड़ की छाया में बैठक करती है।

भारत का राष्ट्रीय पंचांग

राष्ट्रीय पंचांग ग्रिगेरियन कैलेण्डर के अतिरिक्त देश में शक संवत् पर आधारित राष्ट्रीय पंचांग है, जिसका प्रथम माह चैत्र है और सामान्य वर्ष 365 दिन का होता है। 22 मार्च , 1957 ( शक संवत् 1879 ) को निम्नलिखित सरकारी उद्देश्यों के लिए अपनाया गया- भारत का राजपत्र  आकाशवाणी के समाचार प्रसारण  भारत सरकार द्वारा जारी किए गए कैलेण्डर भारत सरकार द्वारा नागरिकों को सम्बोधित सरकारी सूचनाएँ।  हमारे राष्ट्रीय पंचांग का दिवस, ग्रिगेरियन पंचांग के साथ सामंजस्य स्थापित करता है, सामान्यत: चैत्र माह का प्रथम दिवस 22 मार्च को आता है, परन्तु लोप वर्ष में यह दिवस 21 मार्च को आता है। इसका प्रारूप निम्नलिखित है- क्रम माह शुरुआत की तिथि (ग्रेगोरियन) अवधि 1 चैत्र मार्च 22 30/31 दिन 2 वैशाख अप्रेल 21 31 3 ज्येष्ठ मई 22 31 4 आषाढ़ जून 22 31 5 श्रावण जुलाई 23 31 6 भाद्रपद अगस्त 23 31 7 आश्विन सितम्बर 23 30 ...

प्रक्षेप्य पथ का समीकरण

माना एक प्रक्षेप्य को क्षैतिज से θ कोण पर u वेग से फेंका जाता है। वेग u को दो लम्बवत घटकों में वियोजित करने पर, वेग u का क्षैतिज घटक ucosθ तथा ऊर्ध्वाधर घटक usinθ होगा।

भारत की राष्ट्रीय नदी

राष्ट्रीय नदी गंगा भारत की सबसे लम्बी नदी है, अपनी सम्पूर्ण यात्रा में 2510 किमी की दूरी तय करती है। यह हिमालय के गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है तथा पहाड़ों पर भागीरथी के नाम से जानी जाती है। आगे चलकर इसमें अनेक नदियाँ मिलती चली जाती है जिनमें से मुख्य यमुना, सोन, गोमती, कोसी एवं घाघरा हैं। गंगा नदी का बेसिन विश्व के सबसे अधिक उपजाऊ क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, इस कारण यहाँ सबसे अधिक घनी आबादी निवास करती है। इस नदी पर दो वृहत बाँध हरिद्वार एवं फरक्का में बनाए गए हैं। गंगा में पाई जाने वाली डॉल्फिन एक संकटापन्न जन्तु है, जो विशिष्ट रूप से इसी नदी में वास करती है। गंगा नदी को हिन्दुओं की सबसे अधिक पवित्र नदी माना जाता है। इस नदी के किनारे अनेक प्रसिद्ध स्थल है जिनमें वाराणसी, हरिद्वार, इलाहाबाद इत्यादि में मुख्य धार्मिक आयोजन आयोजित किए जाते हैं। यह नदी बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले सुन्दरवन में विश्व के सबसे बड़े डेल्टा का निर्माण करती है।

भारत का राष्ट्रीय ध्वज

राष्ट्रीय ध्वज भारत की संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज का प्रारूप 22 जुलाई, 1947 को अपनाया। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में समान अनुपात वाली तीन क्षैतिज पट्टियाँ हैं, सबसे ऊपर गहरा केसरिया रंग (जाग्रति, शौर्य एवं त्याग का प्रतीक) बीच में सफेद (सत्य एवं पवित्रता का प्रतीक) और हरा रंग (जीवन एवं समृद्धि का प्रतीक) सबसे नीचे है। ध्वज की लम्बाई-चौड़ाई का अनुपात 3 : 2 है। सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का 24 तीलियों वाला एक चक्र है, जिसका प्रारूप सारनाथ के अशोक स्तम्भ पर बने चक्र से लिया गया है।

भारत का राष्ट्रीय चिह्न

राष्ट्रीय चिह्न भारत का राष्ट्रीय चिह्न सारनाथ स्थित अशोक स्तम्भ की अनुकृति है, जो सारनाथ के संग्रहालय में सुरक्षित है। मूल स्तम्भ में शीर्ष पर चार सिंह है, जो एक दूसरे की ओर पीठ किए हुए हैं। इसके नीचे घण्टे के आकार के पद्म के ऊपर एक चित्र वल्लरी में एक हाथी, चौकड़ी भरता हुआ एक घोड़ा, एक साँड़ तथा एक सिंह की उभरी हुई मूर्तियाँ हैं। इसके बीच-बीच में चक्र बने हुए हैं। एक ही पत्थर को काटकर बनाए गए इस सिंह स्तम्भ के ऊपर धर्मचक्र रखा हुआ है। भारत सरकार ने यह चिह्न 26 जनवरी, 1950 को अपनाया। इसमें केवल तीन सिंह दिखाई पड़ते हैं, चौथा दिखाई नहीं देता। फलक के नीचे मुण्डकोपनिषद् का सूत्र 'सत्यमेव जयते' देवनागरी लिपि में अंकित है, जिसका अर्थ है - 'सत्य की ही विजय होती है'। भारत के राजचिह्न का उपयोग भारत के राजकीय (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 2005 के तहत नियन्त्रित होता है।

भारत का राष्ट्रगान

🔊 राष्ट्रगान राष्ट्रगान 'जन-गण-मन ' ! रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा मूल रूप से बांग्ला में रचित और संगीतबद्ध 'जन-गण-मन' को सर्वप्रथम 27 दिसम्बर, 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था। इस गीत का प्रकाशन सर्वप्रथम वर्ष 1912 में तत्त्व-बोधिनी पत्रिका में भारत विधाता शीर्षक से हुआ था, जिसका वर्ष 1919 में अंग्रेजी अनुवाद मॉर्निंग सॉन्ग ऑफ इण्डिया नाम से प्रकाशित किया गया। पूरे गीत में पाँच पद हैं। संविधान सभा ने इस गीत के हिन्दी संस्करण को 24 जनवरी, 1950 को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया। राष्ट्रगान गाने का समय लगभग 52 सेकण्ड है, कुछ अवसरों पर राष्ट्रगान को संक्षिप्त रूप में (लगभग 20 सेकण्ड) भी गाया जाता है। इसे इस प्रकार पढ़ा जाए- जन-गण-मन अधिनायक, जय हे भारत-भाग्‍य-विधाता, पंजाब-सिंधु गुजरात-मराठा, द्रविड़-उत्‍कल बंग, विन्‍ध्‍य-हिमाचल-यमुना गंगा, उच्‍छल-जलधि-तरंग, तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मांगे, गाहे तव जय गाथा, जन-गण-मंगल दायक जय हे भारत-भाग्‍य-विधाता जय हे, जय हे, जय हे जय जय जय जय हे।

भारत का राष्ट्रगीत

🔊 राष्ट्रगीत राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् ! सुप्रसिद्ध बांग्ला साहित्यकार बंकिम चन्द्र चटर्जी ने संस्कृत में 1882 ई. में प्रकाशित अपने उपन्यास आनन्द मठ में इस गीत को लिखा। यह गीत 1896 ई. में सर्वप्रथम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया। संविधान सभा ने 24 जनवरी, 1950 को राष्ट्रगान के साथ-साथ इसे भी राष्ट्रगीत के रूप में अंगीकृत किया। इसका अंग्रेजी अनुवाद श्री अरविन्द घोष ने किया है। इस गीत का प्रथम पद ही राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकृत है। इसे 65 सेकण्ड में गाया जाना चाहिए। यदुनाथ भट्टाचार्य ने सर्वप्रथम इस गीत को संगीत बद्ध किया था। वर्तमान में इसे पन्नालाल घोष द्वारा बनाई गई धुन पर गाया जाता है। इसका पहला अंतरा इस प्रकार है- वंदे मातरम् , वंदे मातरम्! सुजलाम् , सुफलाम् , मलयज शीतलाम् , शस्यश्यामलाम् , मातरम्! वंदे मातरम्! शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम् , फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम् , सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम् , सुखदाम् वरदाम् , मातरम्! वंदे मातरम् , वंदे मातरम्॥

प्रक्षेप्य गति के प्रकार

प्रक्षेप्य गति के प्रकार  प्रक्षेप्य गति तीन प्रकार की होती है- 📁 तिर्यक प्रक्षेप्य गति 📁 क्षैतिज प्रक्षेप्य गति 📁 नत समतल पर प्रक्षेप्य गति

क्षैतिज प्रक्षेप्य गति Horizontal Projectile Motion

जब कोई पिण्ड पृथ्वी तल से किसी ऊँचाई से किस क्षैतिज वेग से इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति क्षैतिज प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे – जेट विमान से गिराए गए गोले की गति। क्षैतिज प्रक्षेप्य गति में, वेग का क्षैतिज घटक, गुरुत्वीय त्वरण तथा यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है, तथा वस्तु क्षैतिज दिशा में समान समय अन्तराल में समान दूरी तय करती है।

भारत के प्रमुख शोध संस्थान

आन्ध्र प्रदेश एवं तेलंगाना कोशिकीय एवं आण्विक जीव विज्ञान केन्द्र, हैदराबाद  उपग्रह प्रक्षेपण केन्द्र, श्रीहरिकोटा  राष्ट्रीय भू-भौतिक अनुसन्धान संस्थान, हैदराबाद  क्षेत्रीय अनुसन्धान प्रयोगशाला, हैदराबाद असोम क्षेत्रीय अनुसन्धान प्रयोगशाला, जोरहाट  टाकलाई एक्सपेरीमेण्टल स्टेशन, जोरहाट दिल्ली भारतीय कृषि अनुसन्धान क्षेत्र, केन्द्रीय ट्रैक्टर संस्थान  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग  केन्द्रीय सड़क अनुसन्धान संगठन  राष्ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं विकास अध्ययन संस्थान, भारतीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रलेखन केन्द्र, प्रकाशन एवं सूचना निदेशालय  राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला  राष्ट्रीय प्रतिरोधक विज्ञान संस्थान  राष्ट्रीय अपराध शास्त्र एवं विधि विज्ञान संस्थान गुजरात केन्द्रीय नमक एवं समुद्री रसायन अनुसन्धान संस्थान, भावनगर  विद्युत अनुसन्धान एवं विकास संस्थान,बड़ोदरा गोवा राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, डोना पाला हिमाचल प्रदेश वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् कॉम्प्लेक्स, पालमपुर झारखण्ड केन्द...

भारत में प्रथम (सामान्य)

भारत में प्रथम  प्रथम समाचार-पत्र -  बंगाल गजट (जेम्स अगस्ट्स हिक्की) (1780)   प्रथम फारसी पत्रिका -  मीरात-उल-अकबर (राजा राममोहन रॉय) (1822)   प्रथम भाषायी दैनिक समाचार -  दर्पण (बांग्ला) (1818)   प्रथम हिन्दी समाचार-पत्र -  उदन्त मार्तण्ड (1826)   प्रथम इवनिंग समाचार -  मद्रास मेल (1868)   प्रथम उर्दू समाचार-पत्र -  जाम-ए-जहान नामा (1822)   प्रथम खेल विश्वविद्यालय -  पुणे (1996)   प्रथम फुटबॉल क्लब -  मोहन बागान , कोलकत्ता (1889)   प्रथम एशियन खेल -  दिल्ली (1951)   प्रथम क्रिकेट टूर्नामेण्ट -  द बॉम्बे ट्राइन्गुलर   प्रथम जनरल डाक पोस्ट -  मद्रास जीपीओ (1786)   पंचायती राज व्यवस्था लागू करने वाला प्रथम राज्य -  राजस्थान (1959)  प्रथम ई-कोर्ट -  अहमदाबाद   प्रथम बैंक -  बैंक ऑफ हिन्दुस्तान (1770)   प्रथम मैडम तुसाद संग्रहालय की मोम प्रतिमा -  महात्मा गाँधी  संघ लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष -  सर रॉस बार्कर ...

भारत में प्रथम ( महिला )

भारत में प्रथम ( महिला )   संयुक्त राष्ट्र महासभा की सभापति बनने वाली प्रथम भारतीय महिला -  श्रीमती विजयालक्ष्मी पण्डित (1953)   प्रथम महिला राष्ट्रपति -  श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल   प्रथम महिला प्रधानमन्त्री -  श्रीमती इन्दिरा गाँधी   प्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष -  मीरा कुमार (2009)   राज्यसभा की प्रथम महिला उप-सभापति -  वायलेट अल्वा (1962)   प्रथम महिला मुख्यमन्त्री -  श्रीमती सुचेता कृपलानी (उत्तर प्रदेश) (1963-67)   इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाली प्रथम महिला -  आरती साहा (1959)   जिब्राल्टर जल सन्धि तैरकर पार करने वाली प्रथम महिला -  आरती प्रधान (1988)    प्रथम महिला आई ए एस अधिकारी -  अन्ना जॉर्ज (1950)   प्रथम महिला आई पी एस अधिकारी -  किरण बेदी (1972)   प्रथम महिला राजदूत -  श्रीमती विजयालक्ष्मी पण्डित  प्रथम महिला न्यायाधीश -  अन्ना चाण्डी (1948)   प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश (उच्च न्यायालय) -  लीला सेठ (हिमाचल प्रदेश) ...

भारत में प्रथम ( पुरुष )

भारत में प्रथम ( पुरुष )  बंगाल प्रेसिडेंसी का प्रथम ब्रिटिश गवर्नर जनरल -  लॉर्ड वारेन हेस्टिंग्स (1772)   भारत का प्रथम गवर्नर जनरल -  लॉर्ड विलियम बैण्टिक   भारत का प्रथम वायसराय -  लॉर्ड कैनिंग   भारत के प्रथम सिख राष्ट्रपति -  ज्ञानी जैलसिंह   ब्रिटिश संसद के लिए चुनाव लड़ने वाला प्रथम भारतीय -  लाल मोहन घोष (1885)   स्वतन्त्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल -  लॉर्ड माउण्टबेटन स्वतन्त्र भारत के प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल -  सी राजगोपालाचारी स्वतन्त्र भारत के प्रथम कमाण्डर-इन-चीफ -  जनरल के एम करियप्पा भारतीय वायु सेना के प्रथम मार्शल -  अर्जन सिंह (1964) भारत के प्रथम फील्ड मार्शल -  जनरल मानेक शॉ (1973) भारत के प्रथम राष्ट्रपति -  डॉ. राजेन्द्र प्रसाद   भारत के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति -  डॉ. जाकिर हुसैन   भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति -  डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री -  जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम उप-प्रधानमन्त्री -  सरदार बल्लभभाई पटेल...

नत समतल पर प्रक्षेप्य गति Projectile Motion on an Inclined Plane

जब कोई पिण्ड किसी झुके तल पर किसी क्षैतिज वेग से इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति नत समतल पर प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे –किसी ढाल पर फेंके गए गोले की गति। जैसे उड़ते जहाज पर पृथ्वी तल से छोड़ी गई मिसाइल। 

तिर्यक प्रक्षेप्य गति Obliquely Projectile Motion

जब कोई पिण्ड पृथ्वी तल से इस प्रकार क्षैतिज से ऊपर की ओर किसी कोण पर इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति तिर्यक प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे   –  तोप के गोले की गति। तिर्यक प्रक्षेप्य गति में ,  वेग का क्षैतिज घटक ,  गुरुत्वीय त्वरण तथा यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है ,  जबकि चाल ,  वेग का ऊर्ध्वाधर घटक ,  संवेग ,  गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा का मान परिवर्तित होता रहता है। ऊर्ध्वाधर वेग तथा गतिज ऊर्जा दोनों का मान प्रक्षेपण बिन्दु पर अधिकतम तथा उच्चतम बिन्दु पर शून्य होता है। तिर्यक प्रक्षेप्य गति से सम्बन्धित बिन्दु:-   📁 प्रक्षेप्य पथ का समीकरण ---------------

भारत के प्रमुख समुद्री तट

भारत के प्रमुख समुद्री तट राज्य समुद्री तट आन्ध्र प्रदेश रुसीकोण्डा , भीमुपत्तनम , वोदारेणु गोवा कोलवा , दोनापाउला , अंजूना अगोण्डा गुजरात चोखल , वेरावल , माण्डवी , द्वारका , सोमनाथ कर्नाटक कारवार , मंगलौर , उद्दीपी केरल कन्नानोर , कोवालम , रोखोलम , वेली , बेकल महाराष्ट्र मार्वे , जुहु , चौपाटी , मलवन , वेंगुरला ओडिशा चाँदीपुर , पुरी , गोपालपुर , गहीरमाथा तमिलनाडु कोवेलांग , कन्याकुमारी , मरीना , मामल्लपुरम , कुरूसदाई , पुलीकट , मण्डापन पश्चिम बंगाल दीघा, शकरपुर, गंगा सागर