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परिकल्पनाओं का निर्माण Making of Hypothesis

परिकल्पनाओं का निर्माण Making of Hypothesis  अनुसन्धान के दूसरे चरण में परिकल्पनाओं का निर्माण किया जाता है । यह शोध के विकास का उद्देश्यपूर्ण आधार है । परिकल्पना अनुसन्धान समस्या से सम्बन्धित समस्त सम्भावित समाधानों पर विचार करता है । परिभाषा  गुडे एवं हाट्ट के अनुसार , “ परिकल्पना भविष्योन्मुखी ( Future Oriented ) होती है तथा यह एक तार्किक कथन है जिसकी सत्यता का परीक्षण किया जा सकता है। "  करलिंगर के अनुसार , “ परिकल्पना दो या दो से अधिक चरों के मध्य सम्बन्धों का कथन है ।  सामान्य शब्दों में परिकल्पना एक तार्किक कथन, वाक्य, पूर्ण विचार या पूर्वधारणा है जिसे शोधकर्ता विषयवस्तु की प्रकृति के आधार पर पूर्व निर्मित कर लेता है एवं जिसकी सत्यता की जाँच वह शोध के समय करता है ।  परिकल्पना की विशेषताएँ  गुडे एवं हाट्ट ने अपनी पुस्तक ' मेथड्स इन सोशल रिसर्च ' में परिकल्पना की निम्नलिखित विशेषताओं का वर्णन किया है स्पष्टता  अनुभव योग्य सिद्धान्त  विशिष्टता  उपलब्ध प्रविधियों से सम्बन्ध  सिद्धान्तों से सम्बन्ध स्थापित करना  ...

समस्या का चयन Identify the Problem

समस्या का चयन Identify the Problem अनुसन्धान के पहले चरण में सर्वप्रथम समस्या का चयन किया जाता है । जितनी जागरूकता, सतर्कता एवं जिज्ञासा के साथ समस्या का चयन किया जाता है, शोध समस्या का चयन उतने ही अच्छे ढंग से होता है । अनुसन्धान की समस्या का चयन करते समय निम्नलिखित बातें ध्यान रखनी चाहिए अनुसन्धानकर्ता की रुचि शोध परियोजना में अवश्य होनी चाहिए । अवधारणाओं के सूचक, विधि तथा संकेतक आदि सभी पूर्णरूप से स्पष्ट होने चाहिए । शोधकर्ता को विषय की प्रासंगिकता का ध्यान रखनी चाहिए । शोध उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए । अनुसन्धानकर्ता को शोध कार्य के विषय में सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए । शोध के विषय को अन्तिम रूप देने के लिए अनुसन्धानकर्ता को उससे सम्बन्धित सभी प्रकार के डाटा की उपलब्धता सुनिश्चित कर लेनी चाहिए । अनुसन्धान समस्या के निरूपण से पूर्व उनके नैतिक मुद्दों और उनके समाधान को पहले ही सोच लेना चाहिए । समस्या के प्रकार 1- सैद्धान्तिक समस्या 2- व्यावहारिक समस्या 3- सर्वेक्षण सम्बन्धी समस्याएँ 4- सह-सम्बन्धात्मक समस्याएँ 5- प्रायोगिक समस्याएँ समस्या की विशे...

शोध के चरण या सोपान Steps of Research

शोध के चरण या सोपान Steps of Research अनुसन्धान एक क्रमिक प्रक्रिया है , जिसमें प्रत्येक प्रकार के अनसन्धान को कुछ विशिष्ट पदों के अन्तर्गत क्रमानुसार पूर्ण किया जाता है । यह एक वैज्ञानिक विधि है , जिसमें अनुसन्धानकर्ता किसी समस्या के समाधान के लिए तार्किक रूप से प्रयोग करता है । सामान्यत : अनुसन्धान या शोध के आठ चरण निर्धारित किए गए हैं- 1- समस्या का चयन ( Identify the Problem ) 2- परिकल्पनाओं का निर्माण ( Making of Hypothesis ) 3- शोध प्रारूप या शोध अभिकल्प का विकास ( Development of Research Design ) 4- न्यायदर्श या प्रतिदर्श चयन ( Selecting Samples ) 5- अनुसन्धान प्रस्ताव लेखन ( Writing a Research Proposal ) 6- प्रदत्तों का एकत्रीकरण ( Collection of Data ) 7- प्रदत्तों का संस्करण और विश्लेषण ( Processing and Analysis Data ) 8- अनुसन्धान रिपोर्ट लेखन ( Writing a Research Report ) समस्या का चयन Identify the Problem  अनुसन्धान के पहले चरण में सर्वप्रथम समस्या घटना , व्यवहार या प्रश्न का चयन किया जाता है और जितनी जागरूकता , सतर्कता , जिज्ञासा के साथ समस्या का चयन किया...

शोध के उपागम Research Approach

शोध के उपागम समाजशास्त्र के शोधकर्ताओं के मध्य शोध के दो प्रमुख उपागम है - प्रत्यक्षवाद और  उत्तर प्रत्यक्षवाद  प्रत्यक्षवाद प्रत्यक्षवाद ( Positivism )  प्रत्यक्षवाद प्रत्यक्षवाद की वैज्ञानिक व्याख्या सर्वप्रथम फ्रांसीसी विचारक ऑगस्ट कॉम्टे ने की थी , इसलिए कॉम्टे को ' प्रत्यक्षवाद का जनक ' कहा जाता है । कॉम्टे ने प्रत्यक्षवाद की व्याख्या अपनी रचनाओं Course of Positive Philosophy' ( 1842 ) तथा The System of Positive Polity'( 18510 में की है । कॉम्टे का प्रत्यक्षवाद विज्ञान पर आधारित है। कॉस्टे के अनुसार, सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड अपरिवर्तनीय प्राकृतिक नियमों द्वारा व्यवस्थित व निर्देशित होता है । अत : इसे केवल विज्ञान की विधियों द्वारा समझा जा सकता है , न कि धार्मिक या तात्विक आधारों पर । इस आधार पर कहा जा सकता है कि निरीक्षण , परीक्षण , प्रयोग और वर्गीकरण पर आधारित वैज्ञानिक विधियों द्वारा सब कुछ समझना और उससे ज्ञान प्राप्त करना ही प्रत्यक्षवाद है । कॉम्टे के अनुसार प्रत्यक्षवादी दृष्टिकोण के चरण निम्नलिखित है- सर्वप्रथम अध्ययन - विषय को चुनते हैं  अवलोकन य...

अनुसन्धान का महत्व The importance of research

अनुसन्धान का महत्व वर्तमान शैक्षणिक व्यवस्था में अनुसन्धान का महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, क्योंकि प्रत्येक शिक्षण संस्थान एवं पाठ्यक्रम में शोध को अनिवार्य रूप से शामिल कर दिया गया है। इसी आधार पर शोध के निम्नलिखित महत्वों की पहचान की गई है- अनुसन्धान ज्ञान को विस्तारित तथा परिमार्जित करता है।  समाज में नए ज्ञान एवं विचारों का प्रसार करता है।  अनुसन्धान किसी भी उद्देश्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होता है। अनुसन्धान व्यक्ति के बौद्धिक चिन्तन एवं विकास को गति प्रदान करता है।  अनुसन्धान किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह को समाप्त करने में सहायक सिद्ध होता है।   अनुसन्धान किसी भी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु वैज्ञानिक तरीकों का प्रतिपादन करता है।  अनुसन्धान का महत्व किसी भी समस्या का समाधान प्रस्तुत करने में प्रयुक्त होता है। 

शोध के प्रकार [ Types of Research ]

शोध के प्रकार अनुसन्धान किसी भी समस्या के समाधान हेतु अपनाई गई क्रियाविधि होती है। अनुसन्धान की इस क्रियाविधि का निर्धारण पाँच प्रकार से किया जाता है- परिणाम के आधार पर  तर्क के आधार पर  जाँच के आधार पर  अवधारणा के आधार पर  उद्देश्यों के आधार पर  1. परिणाम के आधार पर  परिणाम के आधार पर अनुसन्धान दो प्रकार का होता है- मौलिक या प्राथमिक अनुसन्धान  व्यवहारिक अनुसन्धान  मौलिक या प्राथमिक अनुसन्धान -  इसके अन्तर्गत ज्ञान के वर्तमान संग्रह में वृद्धि की जाती है तथा इसके द्वारा सिद्धान्त एवं अवधारणाएं विकसित की जाती है। अकादमिक दृष्टि से यह अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। व्यवहारिक अनुसन्धान  -  इस अनुसन्धान के द्वारा किसी समस्या विशेष का समाधान करने वाले तत्व शामिल होते है। यदि अनुसन्धानकर्ता तथ्यों के आधार पर किसी क्रियात्मक समस्या का समाधान करे, तो वह व्यवहारिक अनुसन्धान कहलाता है। 2. तर्क के आधार पर  तर्क के आधार पर अनुसन्धान को दो वर्गों में बाँटा गया है- आगमन तर्क  निगमन तर्क  आगमन तर्क -  ...

शोध के उद्देश्य Research Objectives

शोध के उद्देश्य Research Objectives किसी भी प्रकार का शोध किसी न किसी उद्देश्य का अनुगामी होता है। अतः यह बात स्पष्ट है कि अनुसन्धान उद्देश्यविहीन हो ही नहीं सकता। इस प्रकार अनुसन्धान के विषय में कहा जा सकता है कि, अनुसन्धान नवीन तथ्यों की खोज करता है।  पुराने तथ्यों की जाँच तथा मूल्यांकन करता है।  किसी विशेष स्थिति का सही निर्णय कर समस्याओं का समाधान करता है।  सामान्यतः अनुसन्धान के उद्देश्यों को चार भागों में बाँटा गया है- सैद्धान्तिक उद्देश्य  सत्यात्मक उद्देश्य  तथ्यात्मक उद्देश्य  व्यवहारिक उद्देश्य  1. सैद्धान्तिक उद्देश्य सैद्धान्तिक उद्देश्यों के अन्तर्गत वैज्ञानिक विधियों को शामिल किया जाता है। वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से नवीन सिद्धान्तों एवं नियमों का प्रतिपादन किया जाता है। सैद्धान्तिक उदेश्य पूर्ति के लिए किए गए कार्य व्याख्यात्मक प्रकृति के होते है। 2.   सत्यात्मक उद्देश्य सत्यात्मक उद्देश्य दार्शनिक प्रकृति के होते है, जिनमें दर्शन के आधार पर अन्तिम परिणाम की प्राप्ति की जाती है। 3.   तथ्...

शोध की प्रकृति Nature of Research

शोध की प्रकृति Nature of Research अनुसन्धान या शोध वह क्रमबद्ध वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें वैज्ञानिक उपकरणों के प्रयोग के द्वारा वर्तमान ज्ञान का परिमार्जन किया जाता है। शोध का क्षेत्र बहुत व्यापक है फिर भी शोध की प्रकृति को निम्नलिखित आधार बिन्दुओं के द्वारा समझा जा सकता है- अनुसन्धान अपनी प्रकृति में वस्तुनिष्ठ और तथ्यात्मक होता है।  शोध मूलतः वैज्ञानिक प्रकृति का होता है, जिसमें प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों से प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण कर निष्कर्ष प्राप्त किया जाता है।  इसकी प्रकृति बौद्धिकता से युक्त एवं तार्किक होती है, जो पुरानी त्रुटियों को शुद्ध कर नए-नए ज्ञान एवं सिद्धान्तों को स्थापित करती है।  अनुसन्धान पूर्वाग्रहों से मुक्त और व्यक्तिपरक होता है।  अनुसन्धान अपनी प्रकृति में नवीनता को प्रदर्शित करता है, क्योंकि इसके द्वारा प्राचीन तथ्य, सिद्धान्त, विधि आदि में परिवर्तन कर नए तथ्यों, सिद्धान्तों और विधियों की खोज होती है।  अनुसन्धान की प्रकृति विश्लेषणात्मक होती है, क्योंकि इसमें सांख्यिकी की विधियों एवं आँकड़ों का प्रयोग कर निष्कर्...

शोध की विशेषताएं Characteristics of Research

शोध की विशेषताएं Characteristics of Research अनुसन्धान वैज्ञानिक विधि की तरह कार्य करता है, जो पूर्वाग्रहों से मुक्त और व्यक्तिपरक होता है। इस आधार पर अनुसन्धान की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित है- वस्तुनिष्ठता  निश्चयात्मकता  विश्वसनीयता  वैधता  कार्यकारण सम्बन्ध की महत्ता  चक्रीय प्रक्रिया  तार्किकता  अनुभवात्मक आधारित संकल्पना 

शोध का अर्थ एवं परिभाषाएं Meaning of Research

शोध का अर्थ एवं परिभाषाएं Meaning of Research शोध अथवा अनुसंधान का सामान्य अर्थ “खोज करना” है। यह खोज किसी उद्देश्य को आधार बनाकर क्रमबद्ध, व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीकों से की जाती है। शोध को इंग्लिश में Research कहते है, जिसका सामान्य अर्थ,-        “पुनः खोज करना” है। शोध किसी न किसी समस्या के वैज्ञानिक या तार्किक समाधान के रूप में सामने आता है, क्योंकि समाधान के पश्चात उस समस्या या खोज से जुड़े कुछ नवीन सिद्धांत या अवधारणाएं सामने आती है।