किसी भी प्रकार का शोध किसी न किसी उद्देश्य का अनुगामी होता है। अतः यह बात स्पष्ट है कि अनुसन्धान उद्देश्यविहीन हो ही नहीं सकता। इस प्रकार अनुसन्धान के विषय में कहा जा सकता है कि,
- अनुसन्धान नवीन तथ्यों की खोज करता है।
- पुराने तथ्यों की जाँच तथा मूल्यांकन करता है।
- किसी विशेष स्थिति का सही निर्णय कर समस्याओं का समाधान करता है।
- सैद्धान्तिक उद्देश्य
- सत्यात्मक उद्देश्य
- तथ्यात्मक उद्देश्य
- व्यवहारिक उद्देश्य
सैद्धान्तिक उद्देश्यों के अन्तर्गत वैज्ञानिक विधियों को शामिल किया जाता है।
वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से नवीन सिद्धान्तों एवं नियमों का प्रतिपादन किया जाता है।
सैद्धान्तिक उदेश्य पूर्ति के लिए किए गए कार्य व्याख्यात्मक प्रकृति के होते है।
2. सत्यात्मक उद्देश्य
सत्यात्मक उद्देश्य दार्शनिक प्रकृति के होते है, जिनमें दर्शन के आधार पर अन्तिम परिणाम की प्राप्ति की जाती है।
3. तथ्यात्मक उद्देश्य
तथ्यात्मक उद्देश्य वर्णात्मक प्रकृति के होते है, क्योंकि इनकी प्राप्ति विश्लेषण आधारित होती है।
इसमें ऐतिहासिक अनुसन्धानों का सहारा लिया जाता है।
4. व्यवहारिक उद्देश्य
व्यवहारिक उद्देश्यों को विकसात्मक अनुसन्धान की श्रेणी में रखा जाता है तथा इसकी प्राप्ति हेतु विभिन्न क्षेत्रों में क्रियात्मक अनुसन्धान का सहारा लिया जाता है।
इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए केवल उपयोगिता को महत्व दिया जाता है।
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