न्याय एवं वैशेषिक दर्शन 1- किस दर्शन का एक अन्य नाम अक्षपाद दर्शन भी है? - न्याय दर्शन का 2- न्याय दर्शन के प्रवर्तक थे - महर्षि गौतम 3- न्याय दर्शन का अन्तिम उद्देश्य क्या है? - मोक्ष की प्राप्ति 4- किस विद्वान् का यह कथन है कि प्रमाणों के द्वारा किसी विषय की परीक्षा करना ही न्याय है? - वात्स्यायन का 5- कौन-सा न्याय दर्शन का मूल ग्रन्थ है? - न्यायसूत्र 6- न्याय दर्शन से सम्बन्धित ग्रन्थ न्यायमंजरी के लेखक का नाम है? - जयन्त 7- न्याय दर्शन में कितने पदार्थों या तत्त्वों का अस्तित्व स्वीकार किया गया है? - सोलह पदार्थों का 8- न्याय दर्शन में ज्ञान को क्या कहा जाता है? - अनुभव 9- न्याय के अनुसार 'प्रमा' शब्द की सही परिभाषा है? - वस्तुओं के वास्तविक स्वरूप का अपरोक्ष बोध 10- न्याय के अनुसार प्रमा का लक्षण है - यथार्थ अनुभव 11- न्याय दर्शन के अनुसार कौन-कौन से प्रमाण है? - प्रत्यक्ष, शब्द, अनुमान एवं उपमान 12- अप्रमा कितने प्रकार की होती है? - तीन प्रकार की (संशय, भ्रम एवं तर्क) 13- सीप को चाँदी के रूप में देखना किसका उदाहरण है? - विपर्यय का 14- गौतम के अनुसार इन्द्रि...
अपने लक्ष्य को मेहनत से वरण करना ही प्रत्येक विद्यार्थी का एकमात्र ध्येय होना चाहिए - विकास विद्यालंकार