यद्यपि विमीय विश्लेषण बहुत उपयोगी है लेकिन इसकी भी कुछ सीमायें हैं- 1- यदि किसी भौतिक राशि की विमायें दी हैं, तो वह राशि अद्वितीय नहीं हो सकती क्योंकि कई भौतिक राशियों की विमायें समान होती हैं। उदाहरण के लिए, 2- आंकिक नियतांक [ K ] जैसे ( 1 / 2 ), 1 अथवा 2 π आदि की कोई विमायें नहीं होती अतः इन्हें विमीय विश्लेषण विधि द्वारा ज्ञात नहीं किया जा सकता । 3- विमीय विधि का प्रयोग गुणनफल से प्राप्त होने वाले अन्य फलनों के अतिरिक्त फलनों को व्युत्पन्न करने के लिये नहीं किया जा सकता है । जैसे – 4- यदि यांत्रिकी में कोई भौतिक राशि तीन से अधिक राशियों पर निर्भर करती है तो विमीय विश्लेषण की विधि से सूत्र को व्युत्पन्न नहीं किया जा सकता क्योंकि इस स्थिति में बनने वाले समीकरणों की संख्या (=3) अज्ञात चरों (> 3) की तुलना में कम होती है । फिर भी हम दिये गये समीकरण की सत्यता की जाँच कर सकते हैं । उदाहरण के लिए, 5- यदि कोई भौतिक राशि तीन भौतिक राशियों पर निर्भर करती है, और उनमें से दो की विमायें समान हों तो विमीय विश्लेषण विधि से इसके लिए सूत्र व्युत्पन्न नहीं किया जा सकता। उदाहरण क...