जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग की गणना के बाद जो परिणाम प्राप्त होता है उसको सार्थक अंकों में लिखने के निम्नलिखित नियम होते है-
- राशियों को जोड़ने अथवा घटाने के बाद प्राप्त परिणाम में दशमलव के बाद केवल उतने ही अंक लेने चाहिए जितने कि जोड़ने अथवा घटाने वाली किसी राशि में दशमलव के बाद कम से कम होते है।
- दो मापी गई राशियों के गुणनफल अथवा भागफल में कुल उतने ही सार्थक अंक जितने कि कम से कम किसी दी गई राशि में है।
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