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प्रक्षेप्य पथ का समीकरण

माना एक प्रक्षेप्य को क्षैतिज से θ कोण पर u वेग से फेंका जाता है। वेग u को दो लम्बवत घटकों में वियोजित करने पर, वेग u का क्षैतिज घटक ucosθ तथा ऊर्ध्वाधर घटक usinθ होगा।

प्रक्षेप्य गति के प्रकार

प्रक्षेप्य गति के प्रकार  प्रक्षेप्य गति तीन प्रकार की होती है- 📁 तिर्यक प्रक्षेप्य गति 📁 क्षैतिज प्रक्षेप्य गति 📁 नत समतल पर प्रक्षेप्य गति

क्षैतिज प्रक्षेप्य गति Horizontal Projectile Motion

जब कोई पिण्ड पृथ्वी तल से किसी ऊँचाई से किस क्षैतिज वेग से इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति क्षैतिज प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे – जेट विमान से गिराए गए गोले की गति। क्षैतिज प्रक्षेप्य गति में, वेग का क्षैतिज घटक, गुरुत्वीय त्वरण तथा यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है, तथा वस्तु क्षैतिज दिशा में समान समय अन्तराल में समान दूरी तय करती है।

नत समतल पर प्रक्षेप्य गति Projectile Motion on an Inclined Plane

जब कोई पिण्ड किसी झुके तल पर किसी क्षैतिज वेग से इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति नत समतल पर प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे –किसी ढाल पर फेंके गए गोले की गति। जैसे उड़ते जहाज पर पृथ्वी तल से छोड़ी गई मिसाइल। 

तिर्यक प्रक्षेप्य गति Obliquely Projectile Motion

जब कोई पिण्ड पृथ्वी तल से इस प्रकार क्षैतिज से ऊपर की ओर किसी कोण पर इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति तिर्यक प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे   –  तोप के गोले की गति। तिर्यक प्रक्षेप्य गति में ,  वेग का क्षैतिज घटक ,  गुरुत्वीय त्वरण तथा यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है ,  जबकि चाल ,  वेग का ऊर्ध्वाधर घटक ,  संवेग ,  गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा का मान परिवर्तित होता रहता है। ऊर्ध्वाधर वेग तथा गतिज ऊर्जा दोनों का मान प्रक्षेपण बिन्दु पर अधिकतम तथा उच्चतम बिन्दु पर शून्य होता है। तिर्यक प्रक्षेप्य गति से सम्बन्धित बिन्दु:-   📁 प्रक्षेप्य पथ का समीकरण ---------------

प्रक्षेप्य गति Projectile Motion

जब कोई पिण्ड पृथ्वी के क्षैतिज से ऊपर की ओर किसी कोण पर इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे – तोप के गोले की गति। प्रक्षेप्य गति की शर्ते  1- वायु के कारण प्रतिरोध नगण्य हो। 2- पृथ्वी की वक्रता का प्रभाव नगण्य हो। 3- पृथ्वी की घूर्णन गति का प्रभाव नगण्य हो। 4- प्रक्षेप्य पथ के सभी बिंदुओं के लिए गुरुत्वीय त्वरण का परिमाण एवं दिशा नियत हो। प्रक्षेप्य गति की विशेषताएं  1- प्रक्षेप्य गति द्विविमीय गति है अतः इसकी दो भागों में विवेचना की जा सकती है। क्षैतिज गति तथा ऊर्ध्वाधर गति। ये दोनों गतियाँ एक दूसरे से स्वतंत्र होती हैं। यह गतियों की भौतिकीय अनिर्भरता का सिद्धान्त कहलाता है। 2- कण के वेग को दो परस्पर लम्बवत घटकों में वियोजित किया जा सकता है। क्षैतिज घटक तथा ऊर्ध्वाधर घटक। 3- सम्पूर्ण उड्डयन के दौरान क्षैतिज घटक नियत रहता है तथा ऊर्ध्वाधर घटक को गुरुत्वीय बल लगातार प्रभावित करता रहता है। 4- क्षैतिज गति नियत ( अत्वरित ) जबकि ऊर्ध्वाधर गति एकसमान रुप से त्वरित अथवा अवमन्दित गति होती है।

द्विविमीय गति Two dimensional Motion

जब कोई गतिमान वस्तु इस प्रकार गति करती है की समय के साथ उसकी स्थिति में परिवर्तन तीन निर्देशांकों में से किन्हीं दो अक्षों के सापेक्ष हो तो वस्तु की इस प्रकार की गति द्विविमीय गति कहलाती है। द्विविमीय गति दो प्रकार की होती है- 📁 प्रक्षेप्य गति 📁 वृत्तीय गति