जब कोई पिण्ड पृथ्वी तल से इस प्रकार क्षैतिज से ऊपर की ओर किसी कोण पर इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति तिर्यक प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे – तोप के गोले की गति। तिर्यक प्रक्षेप्य गति में , वेग का क्षैतिज घटक , गुरुत्वीय त्वरण तथा यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है , जबकि चाल , वेग का ऊर्ध्वाधर घटक , संवेग , गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा का मान परिवर्तित होता रहता है। ऊर्ध्वाधर वेग तथा गतिज ऊर्जा दोनों का मान प्रक्षेपण बिन्दु पर अधिकतम तथा उच्चतम बिन्दु पर शून्य होता है। तिर्यक प्रक्षेप्य गति से सम्बन्धित बिन्दु:- 📁 प्रक्षेप्य पथ का समीकरण ---------------