Friday, May 15, 2020

प्रक्षेप्य गति Projectile Motion

जब कोई पिण्ड पृथ्वी के क्षैतिज से ऊपर की ओर किसी कोण पर इस प्रकार फेंक जाता है कि पिण्ड का मार्ग परवलयाकार हो तो पिण्ड की यह गति प्रक्षेप्य गति कहलाती है। जैसे – तोप के गोले की गति।
प्रक्षेप्य गति की शर्ते 
1- वायु के कारण प्रतिरोध नगण्य हो।
2- पृथ्वी की वक्रता का प्रभाव नगण्य हो।
3- पृथ्वी की घूर्णन गति का प्रभाव नगण्य हो।
4- प्रक्षेप्य पथ के सभी बिंदुओं के लिए गुरुत्वीय त्वरण का परिमाण एवं दिशा नियत हो।
प्रक्षेप्य गति की विशेषताएं 
1- प्रक्षेप्य गति द्विविमीय गति है अतः इसकी दो भागों में विवेचना की जा सकती है। क्षैतिज गति तथा ऊर्ध्वाधर गति। ये दोनों गतियाँ एक दूसरे से स्वतंत्र होती हैं। यह गतियों की भौतिकीय अनिर्भरता का सिद्धान्त कहलाता है।
2- कण के वेग को दो परस्पर लम्बवत घटकों में वियोजित किया जा सकता है। क्षैतिज घटक तथा ऊर्ध्वाधर घटक।
3- सम्पूर्ण उड्डयन के दौरान क्षैतिज घटक नियत रहता है तथा ऊर्ध्वाधर घटक को गुरुत्वीय बल लगातार प्रभावित करता रहता है।
4- क्षैतिज गति नियत ( अत्वरित ) जबकि ऊर्ध्वाधर गति एकसमान रुप से त्वरित अथवा अवमन्दित गति होती है।

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