दिये गये भौतिक सम्बंध की विमीय रूप से सत्यता की जाँच करना
यह " विमीय ऐक्यता के सिद्धांत ” पर आधारित है । इस सिद्धांत के अनुसार समीकरण के दोनों ओर के प्रत्येक पदों की विमायें अवश्य समान होनी चाहिए ।
यदि दोनों ओर के प्रत्येक पद की विमायें समान हैं तो समीकरण विमीय रूप से शुद्ध होगा अन्यथा नहीं । विमीय रूप से शुद्ध समीकरण आंकिक रूप से शुद्ध हो सकता है और नहीं भी ।
उदाहरण :




No comments:
Post a Comment