अनुसन्धान किसी भी समस्या के समाधान हेतु अपनाई गई क्रियाविधि होती है। अनुसन्धान की इस क्रियाविधि का निर्धारण पाँच प्रकार से किया जाता है-
- परिणाम के आधार पर
- तर्क के आधार पर
- जाँच के आधार पर
- अवधारणा के आधार पर
- उद्देश्यों के आधार पर
परिणाम के आधार पर अनुसन्धान दो प्रकार का होता है-
- मौलिक या प्राथमिक अनुसन्धान
- व्यवहारिक अनुसन्धान
व्यवहारिक अनुसन्धान - इस अनुसन्धान के द्वारा किसी समस्या विशेष का समाधान करने वाले तत्व शामिल होते है। यदि अनुसन्धानकर्ता तथ्यों के आधार पर किसी क्रियात्मक समस्या का समाधान करे, तो वह व्यवहारिक अनुसन्धान कहलाता है।
2. तर्क के आधार पर
तर्क के आधार पर अनुसन्धान को दो वर्गों में बाँटा गया है-
- आगमन तर्क
- निगमन तर्क
निगमन तर्क - यह ज्ञान प्राप्ति हेतु एक ऐसी तर्क प्रणाली है, जिसमें सामान्य से विशेष की और अनुसन्धान किया जाता है।
3. जाँच के आधार पर
जाँच के आधार पर अनुसन्धान का वर्गीकरण दो प्रकार से किया जाता है-
- संरचित दृष्टिकोण
- असंरचित दृष्टिकोण
असंरचित दृष्टिकोण - इस दृष्टिकोण का आगमन विधि तथा गुणात्मक अनुसन्धान से समानता होती है।
4. उद्देश्यों के आधार पर
उद्देश्यों के आधार पर अनुसन्धान पाँच प्रकार का होता है-
- वर्णनात्मक अनुसन्धान
- सहसम्बन्ध अनुसन्धान
- व्याख्यात्मक अनुसन्धान
- समन्वेशी अनुसन्धान
- प्रायोगिक अनुसन्धान
- घटनोत्तर अनुसन्धान
- ऐतिहासिक अनुसन्धान
- विश्लेषणात्मक अनुसन्धान
व्याख्यात्मक अनुसन्धान - इस प्रकार के अनुसन्धान के अन्तर्गत किसी घटना के दो पक्षों के बीच ‘क्यों’ और ‘कैसे’ आदि प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास किया जाता है।
समन्वेशी अनुसन्धान - इस प्रकार के अनुसन्धान को मुख्य अनुसन्धान का ‘लघुरूप’ भी कहा जाता है।
इसके द्वारा किसी घटना के दो या दो से अधिक पहलुओं के बीच सम्बन्ध स्पष्ट करने का प्रयास किया जाता है। इस अनुसन्धान का उद्देश्य तथ्यों को परिभाषित करना, समस्याओं को स्पष्ट करना, पृष्टभूमि की जानकारी प्राप्त करना आदि है।
प्रायोगिक अनुसन्धान - इस अनुसन्धान द्वारा कारण और प्रभाव सम्बन्धों को उजागर किया जाता है।
5. अवधारणा के आधार पर
अवधारणा के पर अनुसन्धान को दो वर्गों ने बाँटा गया है-
- वैचारिक अनुसन्धान
- अनुभवसिद्ध अनुसन्धान
अनुभवसिद्ध अनुसन्धान - यह अनुसन्धान अवलोकन तथा अनुभव आधारित होता है।
No comments:
Post a Comment