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शिक्षण अभिवृत्ति

  1. 📁शिक्षण की अवधारणा
  2. 📁शिक्षण की प्रकृति
  3. 📁शिक्षण के उद्देश्य
  4. 📁ब्लूम द्वारा शिक्षा का वर्गीकरण
  5. 📁गैग्ने और ब्रिग्स द्वारा शिक्षा का वर्गीकरण
  6. 📁शिक्षण के स्तर
  7. 📁हरबर्ट शिक्षण मॉडल
  8. 📁मॉरिसन शिक्षण मॉडल
  9. 📁हण्ट शिक्षण मॉडल
  10. 📁शिक्षण की विशेषताएं
  11. 📁अध्येता या अधिगमकर्ता
  12. 📁किशोर अध्येता
  13. 📁वयस्क अध्येता
  14. 📁वैयक्तिक भिन्नता
  15. 📁शिक्षण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक तत्व
  16. 📁शिक्षण सहायक सामग्री
  17. 📁शिक्षण प्रक्रिया में श्रव्य-साधन
  18. 📁शिक्षण प्रक्रिया में दृश्य-साधन
  19. 📁शिक्षण प्रक्रिया में श्रव्य-दृश्य साधन
  20. 📁शिक्षण में निदेशात्मक सुविधाएं
  21. 📁उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षण की पद्धति
  22. 📁शिक्षक केन्द्रित विधियाँ
  23. 📁व्याख्यान विधि
  24. 📁व्याख्यान-प्रदर्शन विधि
  25. 📁समूह शिक्षण विधि
  26. 📁टेलीविजन या वीडियो प्रस्तुति विधि
  27. 📁शिक्षार्थी केन्द्रित विधियाँ
  28. 📁कार्यक्रम अनुदेश विधि
  29. 📁सुपुर्द नियत अधिन्यास कार्य विधि
  30. 📁कम्प्यूटर आधारित शिक्षण विधि
  31. 📁परस्पर संवादी वीडियो विधि
  32. 📁मुक्त अधिगम विधि
  33. 📁निरीक्षण विधि
  34. 📁खेल शिक्षण विधि
  35. 📁अन्वेषण विधि
  36. 📁प्रयोगशाला विधि
  37. 📁ऑफ़लाइन एवं ऑनलाइन शिक्षण
  38. 📁भारत सरकार द्वारा संचालित प्रमुख शिक्षण योजना
  39. 📁शिक्षण सहायक प्रणाली
  40. 📁मूल्यांकन प्रणाली
  41. 📁विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली
  42. 📁कम्प्यूटर आधारित जाँच
  43. 📁मूल्यांकन प्रणाली में नवाचार

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शिक्षण प्रक्रिया में श्रव्य-साधन Audio tools in the teaching process

शिक्षण प्रक्रिया में श्रव्य-साधन के अन्तर्गत उन सामग्रीयों को रखा जाता है, जिनके द्वारा सुनकर ज्ञान प्राप्त हो सकता है, जैसे- फोनोग्राफ रिकॉर्ड, रेडियो प्रसारण तथा मैग्नेटिक टेपरिकॉर्डर आदि। शिक्षण में श्रव्य साधन तीन प्रकार से सहायक होते है- रेडियो  टेप रिकॉर्डर  ग्रामोफोन   रेडियो  रेडियो शिक्षा प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण अंग है। भारत में वर्ष 1936 में सर्वप्रथम आकाशवाणी से समाचार बुलेटिन का प्रसारण हुआ था। वर्ष 1957 में विविध भारती की शुरुआत हुई थी।  टेप रिकॉर्डर  टेपरिकॉर्डर के माध्यम से विषय-वस्तु को विद्यार्थी के लिए आवश्यकतानुसार प्रस्तुत किया जा सकता है। यह निदानात्मक और उपचरात्मक दोनों ही शिक्षण विधियों में प्रयुक्त किया जा सकता है।   ग्रामोफोन  ग्रामोफोन रेडियो की तरह ही शिक्षण का प्राचीन माध्यम है। इसके द्वारा छात्रों को उच्चारण के शुद्धिकरण में सहायता मिलती है।

गुरुत्व के अधीन गति Motion under Gravity

पृथ्वी का वस्तुओं पर आकर्षण बल, गुरुत्व बल कहलाता है। इस गुरुत्व बल के कारण वस्तु में त्वरण उत्पन्न होता है जिसे गुरुत्वीय त्वरण कहते है। इसे g से प्रदर्शित करते है। वायु प्रतिरोध की अनुपस्थिति में सभी वस्तुएं पृथ्वी सतह पर समान त्वरण से गिरती है। किसी ऊँचाई h < < R से पृथ्वी की ओर गिरती वस्तु की गति, मुक्त गति कहलाती है। गुरुत्व के अधीन गति, एकविमीय गति का आदर्श उदाहरण है जिसमें वायु प्रतिरोध तथा ऊँचाई के साथ त्वरण में सूक्ष्म परिवर्तन को नगण्य मान लेते है। गुरुत्व के अधीन गति को हम तीन प्रकार से समझ सकते है- 1- किसी ऊँचाई से यदि किसी वस्तु को गिराया जाए। 2- यदि वस्तु ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कुछ प्रारम्भिक वेग से फेंकी जाए। 3- यदि वस्तु को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाए। 1- किसी ऊँचाई से यदि किसी वस्तु को गिराया जाए- माना कोई वस्तु h ऊँचाई से प्रारम्भिक वेग शून्य से छोड़ी जाती है, तब इस स्थिति में, उपरोक्त समीकरण से स्पष्ट है कि मुक्त रूप से गिरते किसी कण द्वारा क्रमागत सेकन्डों में चली गई दूरियाँ क्रमशः 1:3:5: …. अर्थात विषम पूर्णकों के अनुपात में होगी।  प्र...