समतल में वस्तु की गति द्विविमीय गति कहलाती है।
द्विविमीय गति में गतिमान वस्तु निर्देश तंत्र की किन्हीं दो अक्षों के साथ समय परिवर्तन पर अपनी स्थिति को परिवर्तित करती है। अतः समय के साथ जब कोई वस्तु निर्देश तंत्र की किन्हीं दो अक्षों के सापेक्ष गति करती है तो वस्तु की यह गति द्विविमीय कहलाती है।
उदाहरण –
1- वृतीय मार्ग पर कार की गति
2- बिलियर्ड गेंद की गति
द्विविमीय गति में गतिमान वस्तु निर्देश तंत्र की किन्हीं दो अक्षों के साथ समय परिवर्तन पर अपनी स्थिति को परिवर्तित करती है। अतः समय के साथ जब कोई वस्तु निर्देश तंत्र की किन्हीं दो अक्षों के सापेक्ष गति करती है तो वस्तु की यह गति द्विविमीय कहलाती है।
उदाहरण –
1- वृतीय मार्ग पर कार की गति
2- बिलियर्ड गेंद की गति






