किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर उसका त्वरण कहलती है।
यह एक सदिश राशि है जिसकी दिशा वेग परिवर्तन की दिशा होती है तथा इसका मात्रक मीटर/वर्ग सेकण्ड होता है। इसे a से प्रदर्शित करते है।
वेग की दिशा में परिवर्तन तीन प्रकार से होता है-
1- जब केवल वेग की दिशा परिवर्तित हो, तो इस अवस्था में त्वरण वेग के लम्बवत होता है। जैसे – एकसमान वृत्तीय गति।
2- जब केवल वेग का परिमाण परिवर्तित हो, तो इस अवस्था में त्वरण वेग के समान्तर अथवा प्रतिसमान्तर होता है। जैसे – गुरुत्व के अधीन गति।
3- जब वेग के परिमाण तथा दिशा दोनों परिवर्तित हो, तो इस अवस्था में त्वरण के दो घटक होते है, एक वेग के लम्बवत तथा दूसरा वेग के समान्तर या प्रतिसमान्तर होगा। जैसे – प्रक्षेप्य गति।
वेग में परिवर्तन के आधार पर त्वरण चार प्रकार का होता है-
1- एकसमान त्वरण
2- परिवर्ती त्वरण
3- औसत त्वरण
4- तात्क्षणिक त्वरण
1- सड़क पर दौड़ती गाड़ी की गति, जिसमे गाड़ी पर त्वरण का परिमाण कम और अधिक होता रहता है।
2- वृत्तीय पथ पर घूमते पिंड की गति जिसमे लगातार दिशा परिवर्तित होती रहती है।
3- टेढ़े-मेढ़े मार्ग पर दौड़ती गाड़ी की गति जिसमे गाड़ी की गति परिमाण व दिशा दोनों बदलते रहते है।
यह एक सदिश राशि है जिसकी दिशा वेग परिवर्तन की दिशा होती है तथा इसका मात्रक मीटर/वर्ग सेकण्ड होता है। इसे a से प्रदर्शित करते है।
वेग की दिशा में परिवर्तन तीन प्रकार से होता है-
1- जब केवल वेग की दिशा परिवर्तित हो, तो इस अवस्था में त्वरण वेग के लम्बवत होता है। जैसे – एकसमान वृत्तीय गति।
2- जब केवल वेग का परिमाण परिवर्तित हो, तो इस अवस्था में त्वरण वेग के समान्तर अथवा प्रतिसमान्तर होता है। जैसे – गुरुत्व के अधीन गति।
3- जब वेग के परिमाण तथा दिशा दोनों परिवर्तित हो, तो इस अवस्था में त्वरण के दो घटक होते है, एक वेग के लम्बवत तथा दूसरा वेग के समान्तर या प्रतिसमान्तर होगा। जैसे – प्रक्षेप्य गति।
वेग में परिवर्तन के आधार पर त्वरण चार प्रकार का होता है-
1- एकसमान त्वरण
2- परिवर्ती त्वरण
3- औसत त्वरण
4- तात्क्षणिक त्वरण
1- एकसमान त्वरणयदि कण की गति के दौरान त्वरण का परिमाण व दिशा नियत रहे तो कण का त्वरण एकसमान कहलाता है। जैसे – पृथ्वी तल पर गिरते पिंड की गति में लगने वाला गुरुत्वीय त्वरण।
2- परिवर्ती त्वरणजब गति के दौरान कण के त्वरण का परिमाण अथवा दिशा अथवा दोनों परिवर्तित होते है, तो कण का त्वरण परिवर्ती अथवा आसमान त्वरण कहलाता है। जैसे-
1- सड़क पर दौड़ती गाड़ी की गति, जिसमे गाड़ी पर त्वरण का परिमाण कम और अधिक होता रहता है।
2- वृत्तीय पथ पर घूमते पिंड की गति जिसमे लगातार दिशा परिवर्तित होती रहती है।
3- टेढ़े-मेढ़े मार्ग पर दौड़ती गाड़ी की गति जिसमे गाड़ी की गति परिमाण व दिशा दोनों बदलते रहते है।
3- औसत त्वरणकिसी गतिमान पिंड की किन्हीं दो अवस्थाओ के बीच में पिंड के वेग परिवर्तन और समय अन्तराल का अनुपात उन अवस्थाओं के बीच पिंड का औसत त्वरण कहलाता है। इसकी दिशा वेग सदिश में परिवर्तन की दिशा होती है।
4- तात्क्षणिक त्वरण
किसी त्वरण से गतिमान कण का किसी सूक्ष्म समय अन्तराल का औसत त्वरण कण का तात्क्षणिक त्वरण कहलाता है। वास्तव में जब हम त्वरण की बात करते है तो यह तात्क्षणिक त्वरण ही होता है। गतिमान वस्तु के तात्क्षणिक वेग की दिशा तथा त्वरण की दिशा में कोई सम्बन्ध नहीं होता।
त्वरण के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण





















