Tuesday, May 19, 2020

भारत का राष्ट्रपिता

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी है।
राष्ट्रपिता की वैधानिकता
गाँधी जी को राष्ट्रपिता की उपाधि किसने दी और क्या इसकी कोई वैधानिकता है भी अथवा नहीं, तो इस विषय पर बहुत अधिक चर्चा हो चुकी है। कुछ उत्साही व्यक्तियों द्वारा 2005 में केन्द्रीय सूचना का अधिकार अधिनियम आने के बाद इस अधिकार के अंतरगत भी उन दस्तावेजो की मांग की। इन सभी प्रयासों का जो परिणाम निकाल कर आया उसके अनुसार-

  • दिनांक 12 अप्रैल, 1919 को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गांधी जी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्हें ‘महात्मा’ का संबोधन दिया गया था।
  • इसके उपरांत गांधी जी के साथ महात्मा शब्द अनुलग्नक के रूप में लिखा जाने लगा और इसे समूचे देश मे इसे अघोषित मान्यता मिल गयी।
  • इसके उपरांत 4 जून 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुये महात्मा गांधी को ‘देश का पिता’ कहकर संबोधित किया।
  • इसके उपरांत पुनः 6 जुलाई 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने रेडियो सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुये महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया।
  • 30 जनवरी, 1948 को गांधी जी की हत्या होने के उपरांत देश के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने रेडियो पर भारत राष्ट्र को संबोधित किया और कहा कि "राष्ट्रपिता अब नहीं रहे"।
  • गांधी जी के नाम के जुडे ये दोनो अनुलग्नक 'महात्मा' और 'राष्ट्रपिता' समूचे देश में स्वीकार्य किये गये अघोषित मान्यता के रूप मे प्रतिष्ठित हुए।
  • इस प्रकार गांधी जी को दी गयी राष्ट्रपिता की उपाधि की भले ही कोई वैधानिकता न हो परन्तु अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपिता अहमद शाह अब्दाली और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपिता जार्ज वाशिंगटन के अनुरूप भारतीय गणराज्य के राष्ट्रपिता के रूप में महात्मा गांधी समूचे विश्व में मान्यता पा चुके है।

भारत की राष्ट्रभाषा

भारतीय संविधान में किसी भी भाषा को राष्ट्र भाषा के रूप में नहीं माना गया है। सरकार ने 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषा के रूप में जगह दी है। जिसमें केन्द्र सरकार या राज्य सरकार अपने जगह के अनुसार किसी भी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में चुन सकती है। केन्द्र सरकार ने अपने कार्यों के लिए हिन्दी और अंग्रेजी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में जगह दी है। इसके अलावा अलग अलग राज्यों में स्थानीय भाषा के अनुसार भी अलग अलग आधिकारिक भाषाओं को चुना गया है। फिलहाल 22 आधिकारिक भाषाओं में असमी, उर्दू, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संस्कृत, संतली, सिंधी, तमिल, तेलुगू, बोड़ो, डोगरी, बंगाली और गुजराती है।
वर्तमान में सभी 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। 2010 में गुजरात उच्च न्यायालय ने भी सभी भाषाओं को समान अधिकार के साथ रखने की बात की थी, हालांकि न्यायालयों और कई स्थानों में केवल अंग्रेजी भाषा को ही जगह दिया गया है।

भारत का राष्ट्रीय वाक्य

सत्यमेव जयते भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है। इसका अर्थ है- सत्य ही जीतता है/सत्य की ही जीत होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है। यह प्रतीक उत्तर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में वाराणसी के निकट सारनाथ में 250 ई.पू. में सम्राट अशोक द्वारा बनवाये गए सिंह स्तम्भ के शिखर से लिया गया है, लेकिन उसमें यह आदर्श वाक्य नहीं है। 'सत्यमेव जयते' मूलतः मुण्डक-उपनिषद का सर्वज्ञात मंत्र 3.1.6 है।  पूर्ण मंत्र इस प्रकार है-
सत्यमेव जयते नानृतम सत्येन पंथा विततो देवयानः।
येनाक्रमंत्यृषयो ह्याप्तकामो यत्र तत् सत्यस्य परमम् निधानम्॥
अर्थ - 'सत्य' की ही विजय होती है असत्य की नहीं; 'सत्य' के द्वारा ही देवों का यात्रा-पथ विस्तीर्ण हुआ, जिसके द्वारा आप्तकाम ऋषिगण वहां आरोहण करते हैं जहाँ 'सत्य' का परम धाम है।

भारत की राष्ट्रीय शपथ


  • भारत मेरा देश है तथा हम सब भारतवासी भाई-बहन हैं। 
  • मुझे अपना देश प्राणों से भी प्यारा है। इसकी समृद्धि और विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। हम इसके सुयोग्य अधिकारी बनने का सदा प्रयत्न करते रहेंगे। 
  • मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सदा आदर करूँगा और सबके साथ शिष्टता का व्यवहार करूँगा। 
  • मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति वफादार रहने की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।


भारत का राष्ट्रीय धरोहर पशु

भारत सरकार ने पर्यावरणविद् महेश रंगराजन समिति की सिफारिश पर हाथी को अगस्त, 2010 में भारत का 'राष्ट्रीय धरोहर पशु' घोषित किया। मई, 2011 में नई दिल्ली में 'हाथी मेरे साथी' नामक अभियान शुरू किया।

भारत का राष्ट्रीय जलजीव

सरकार ने 5 अक्टूबर, 2009 को डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है। यह स्तनधारी जन्तु पवित्र गंगा की शुद्धता को भी प्रकट करता है, क्योंकि यह केवल शुद्ध मीठे पानी ही जीवित रह सकता है। प्लेटेनिस्टा गंगोटिका नामक यह मछली लम्बे नोकदार मुँह वाली होती है और इसकी आँखें लेन्सरहित होती हैं, इसलिए ये केवल प्रकाश की दिशा का पता लगाने के साधन के रूप में कार्य करती हैं।

भारत का राष्ट्रीय पशु

भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ (पैथरा टाइग्रिस लिन्ननायस), पीले रंगों और धारीदार लोमचर्म वाला एक पशु है। शालीनता, दृढ़ता, फुर्ती और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में गौरवान्वित किया गया है। इसकी आठ प्रजातियों में से भारत में पाई जाने वाली प्रजाति को रॉयल बंगाल टाइगर के नाम से जाना जाता है। 1 अप्रैल, 1973 को भारत में बाघ परियोजना ( Project Tiger ) का शुभारम्भ हुआ। इस योजना का उद्देश्य बाघों की गिरती संख्या को रोकना तथा पारिस्थितिकीय सन्तुलन बनाए रखने के लिए उनकी संख्या में वृद्धि करना है। अब तक देश में कुल 45 बाघ आरक्षित क्षेत्र बनाए जा चुके हैं।

भारतीय इतिहास एवं संस्कृति पर आधारित प्रश्न

भारतीय इतिहास एवं संस्कृति  कपास का प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुआ है  - मेहरगढ से   कौनसा पशु समूह मोहनजोदड़ो की पशुपति मुद्रा पर अंकित है -...