Saturday, September 25, 2021

सदिश से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

सदिश से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  1. किसी समतल में किसी सदिश के केवल दो समकोणिक घटक होते है ।
  2. किसी सदिश के न्यूनतम दो घटक होते हैं और अधिकतम अनन्त घटक हो सकते हैं।
  3. अदिशों को साधारण बीजगणितीय नियम से जोड़ा जा सकता है, जबकि सदिशों को ज्यामितीय विधि से ही जोड़ा अथवा घटाया जा सकता है ।
  4. सदिशों का विभाजन सम्भव नहीं होता क्योंकि सदिशों को विभाजित नहीं किया जा सकता है।
  5. इकाई सदिश किसी सदिश की केवल दिशा को प्रदर्शित करता है।
  6. इकाई सदिश का कोई मात्रक नहीं होता है। 

Tuesday, May 19, 2020

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक

  1. 📁भारत का राष्ट्रगीत
  2. 📁भारत का राष्ट्रगान
  3. 📁भारत का राष्ट्रीय चिह्न
  4. 📁भारत का राष्ट्रीय ध्वज
  5. 📁भारत की राष्ट्रीय नदी
  6. 📁भारत का राष्ट्रीय पंचांग
  7. 📁भारत का राष्ट्रीय वृक्ष
  8. 📁भारत का राष्ट्रीय पुष्प
  9. 📁भारत का राष्ट्रीय फल
  10. 📁भारत का राष्ट्रीय खेल
  11. 📁भारत का राष्ट्रीय पक्षी
  12. 📁भारत का राष्ट्रीय पशु
  13. 📁भारत का राष्ट्रीय जलजीव
  14. 📁भारत का राष्ट्रीय धरोहर पशु
  15. 📁भारत की राष्ट्रीय शपथ
  16. 📁भारत का राष्ट्रीय वाक्य
  17. 📁भारत की राष्ट्रभाषा
  18. 📁भारत का राष्ट्रपिता
  19. 📁भारत की राष्ट्रीय मुद्रा
  20. 📁भारत के राष्ट्रीय पर्व

भारत के राष्ट्रीय पर्व

भारत के राष्ट्रीय दिवस के रुप में स्वतंत्रता दिवस, गाँधी जयंती और गणतंत्र दिवस को घोषित किया गया है। 15 अगस्त को हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1947 में भारतीयों को ब्रिटीश शासन से आजादी मिली थी। 26 जनवरी 1950 को भारत को अपना संविधान प्राप्त हुआ था इसलिये इस दिन को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाता है। हर साल 2 अक्टूबर को गाँधी जयंती मनायी जाती है क्योंकि इसी दिन गाँधी का जन्म हुआ था। 

भारत की राष्ट्रीय मुद्रा

आधिकारिक रुप से भारत के गणराज्य की करेंसी भारतीय रुपया (ISO code: INR) है. इसके संबंधित मुद्दों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया नियंत्रित करता है। भारतीय रुपये को “र” देवनागरी व्यंजन और लेटिन अक्षर “R” से चिन्हित किया गया है। 15 जुलाई 2010 में भारत सरकार द्वारा इसको जारी किया गया था। 8 जुलाई 2011 को रुपये के चिन्हों के साथ भारत में सिक्कों की शुरुआत हुई थी। 

भारत का राष्ट्रपिता

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी है।
राष्ट्रपिता की वैधानिकता
गाँधी जी को राष्ट्रपिता की उपाधि किसने दी और क्या इसकी कोई वैधानिकता है भी अथवा नहीं, तो इस विषय पर बहुत अधिक चर्चा हो चुकी है। कुछ उत्साही व्यक्तियों द्वारा 2005 में केन्द्रीय सूचना का अधिकार अधिनियम आने के बाद इस अधिकार के अंतरगत भी उन दस्तावेजो की मांग की। इन सभी प्रयासों का जो परिणाम निकाल कर आया उसके अनुसार-

  • दिनांक 12 अप्रैल, 1919 को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गांधी जी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्हें ‘महात्मा’ का संबोधन दिया गया था।
  • इसके उपरांत गांधी जी के साथ महात्मा शब्द अनुलग्नक के रूप में लिखा जाने लगा और इसे समूचे देश मे इसे अघोषित मान्यता मिल गयी।
  • इसके उपरांत 4 जून 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुये महात्मा गांधी को ‘देश का पिता’ कहकर संबोधित किया।
  • इसके उपरांत पुनः 6 जुलाई 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने रेडियो सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुये महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया।
  • 30 जनवरी, 1948 को गांधी जी की हत्या होने के उपरांत देश के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने रेडियो पर भारत राष्ट्र को संबोधित किया और कहा कि "राष्ट्रपिता अब नहीं रहे"।
  • गांधी जी के नाम के जुडे ये दोनो अनुलग्नक 'महात्मा' और 'राष्ट्रपिता' समूचे देश में स्वीकार्य किये गये अघोषित मान्यता के रूप मे प्रतिष्ठित हुए।
  • इस प्रकार गांधी जी को दी गयी राष्ट्रपिता की उपाधि की भले ही कोई वैधानिकता न हो परन्तु अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपिता अहमद शाह अब्दाली और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपिता जार्ज वाशिंगटन के अनुरूप भारतीय गणराज्य के राष्ट्रपिता के रूप में महात्मा गांधी समूचे विश्व में मान्यता पा चुके है।

भारतीय इतिहास एवं संस्कृति पर आधारित प्रश्न

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