ब्लूम द्वारा शिक्षा का वर्गीकरण Bloom's Classification
ब्लूम ने शिक्षण को तीन भागों में बाँटा, जिसे अंग्रेजी भाषा में 3H भी कहा गया है। ये 3H है-
- Head (ज्ञानात्मक ज्ञान क्षेत्र)
- Heart (भावात्मक ज्ञान क्षेत्र)
- Hand (मनोसंचालित ज्ञान क्षेत्र)
Head (ज्ञानात्मक ज्ञान क्षेत्र)-
ज्ञानात्मक ज्ञान क्षेत्र बौद्धिक क्षमता के विकास से संदर्भित है, इसे 6 मुख्य स्तर पर विभाजित किया गया है-- ज्ञान --ज्ञान का सम्बन्ध वस्तु की जानकारी से है।
- बोध -बोध का अर्थ समझने की क्षमता से है।
- उपयोग -यह स्तर अमूर्त ज्ञान को मूर्त रूप में लाना है।
- विश्लेषण -इस स्तर में प्राप्त सूचना को घटकों में विभाजन है।
- संश्लेषण -यह सूचना घटकों का समावेशित स्तर है।
- मूल्यांकन -मूल्यांकन सतत प्रक्रिया के रूप में होता है। यह विशेष प्रयोजनों में प्रयुक्त तरीके और सामग्री के बारे में किया गया निर्णय है।
Heart (भावात्मक ज्ञान क्षेत्र)
इस ज्ञान क्षेत्र में मनोभाव या मनोदृष्टि प्रेरणा, शिक्षण की सहभागिता, अनुशासन एवं इनके जैसे अन्य मूल्यों को समावेशित किया जाता है। इसके भी पाँच मुख्य स्तर है-
- आकलन -जो हम सीखते है उसकी महत्ता
- आग्रहण -सुनने की इच्छा
- प्रतिक्रिया -सहभागिता की इच्छा
- संयोजन -मिलान करना
- निरूपण -अन्तर करना या अभिव्यक्त करना
Hand (मनोसंचालित ज्ञान क्षेत्र)
इस ज्ञान क्षेत्र को मनोगत्यात्मक, मनोप्रेरक या क्रियात्मक ज्ञान क्षेत्र भी कहा जाता है। यह तकनीकी कौशल के अभिग्रहण से सम्बन्धित है।
इस ज्ञान क्षेत्र के भी पाँच स्तर है-- हस्तकौशल - इसमें मशीनरी, उपकरण आदि का प्रयोग की कुशलता है
- प्रतिरूपता - इस स्तर पर शिक्षार्थी के कौशल को निखारा जाता है।
- स्पष्ट अभिव्यक्ति - यह स्तर सतत अभ्यास पर निर्भर करता है।
- परिशुद्धता - इस स्तर पर बार-बार अभ्यास कर सुधार एवं शुद्धता आती है।
- प्राकृतिकरण - इस स्तर पर शिक्षार्थी, शिक्षण के अनुरूप कौशल को आत्मसत् करना, संशोधन करना, नई तकनीकों को नियत करना इत्यादि को आत्मसत् करता है।
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