उन कुचालक पदार्थों को परावैद्युत कहते हैं जिनके अन्दर विद्युत क्षेत्र पैदा करने पर या जिन्हें विद्युत क्षेत्र में रखने पर वे ध्रुवित हो जाते हैं।
कुचालक से आशय उन सभी पदार्थों से है जिनकी प्रतिरोधकता अधिक या विद्युत चालकता कम होती है किन्तु परावैद्युत पदार्थ वे हैं जो कुचालक होने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में ध्रुवण का गुण भी प्रदर्शित करते हैं।
किसी पदार्थ के ध्रुवण की मात्रा को उसके परावैद्युत स्थिरांक अर्थात परावैद्युतांक से मापा जाता है। परावैद्युत पदार्थों का एक प्रमुख उपयोग संधारित्र की प्लेटों के बीच में किया जाता है ताकि समान आकार में अधिक धारिता मिले। पॉलीप्रोपीलीन एक परावैद्युत पदार्थ है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
किसी पदार्थ का परावैद्युतांक एक आनुपातिक राशि है, जिसका मान उस पदार्थ की वैद्युतशीलता पर निर्भर करता है। इसे K से प्रदर्शित करते है। इसका भौतिक रूप
K = ε/ε0
जहाँ ε = माध्यम की विद्युतशीलता
तथा ε0 = निर्वात की विद्युतशीलता
चूँकि यह एक ही प्रकार की भौतिक राशि का आनुपातिक मान होता है अतः इसकी कोई विमा नहीं होगी।

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