प्रत्येक भौतिक राशि को परिभाषित करने के लिए एक मात्रक की आवश्यकता होती है। मूल तथा व्युत्पन्न भौतिक राशियों के आधार पर मात्रक भी दो प्रकार के होते है-
1- मूल मात्रक
2- व्युत्पन्न मात्रक
1- मूल मात्रक
2- व्युत्पन्न मात्रक
1- मूल मात्रक
मूलभूत भौतिक राशियों के मात्रक मूल मात्रक कहलाते है ।
मूलभूत भौतिक राशियों की सांख्य के आधार पर मूल मात्रक भी सात है, जिन्हें निम्न तालिका से स्पष्ट किया गया है -
2- व्युत्पन्न मात्रक
व्युत्पन्न भौतिक राशियों के मात्रक व्युत्पन्न मात्रक कहलाते है ।
मूल मात्रकों को छोड़कर अन्य सभी भौतिक मात्रक व्युत्पन्न मात्रक होते है जिन्हें मूल मात्रकों की सहायता से बनाया जाता है।
निम्न तालिका में कुछ व्युत्पन्न मात्रकों को स्पष्ट किया गया है -
आदि -----
मात्रकों की पद्धति
भौतिकी में चार प्रकार की मात्रक पद्धति प्रचलित है –
1- CGS पद्धति
2- MKS पद्धति
3- FPS पद्धति
4- SI पद्धति
1- CGS पद्धति
यह पद्धति मात्रकों की गॉसीय पद्धति कहलाती है ।
इसमें लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय को सम्मिलित किया जाता है, जिनके संगत मात्रक निम्नलिखित है-
1- लम्बाई का मात्रक सेंटीमीटर (cm)
2- द्रव्यमान का मात्रक ग्राम (g)
3- समय का मात्रक सेकण्ड (s) होता है ।
2- MKS पद्धति
यह पद्धति मात्रकों की जॉर्जी पद्धति कहलाती है ।
इसमें लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय को सम्मिलित किया जाता है, जिनके संगत मात्रक निम्नलिखित है-
1- लम्बाई का मात्रक मीटर (m)
2- द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम (kg)
3- समय का मात्रक सेकण्ड (s) होता है ।
3- FPS पद्धति
यह पद्धति मात्रकों की अमेरिकन पद्धति कहलाती है ।
इसमें लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय को सम्मिलित किया जाता है, जिनके संगत मात्रक निम्नलिखित है-
1- लम्बाई का मात्रक फुट (Foot)
2- द्रव्यमान का मात्रक पॉउण्ड (Pound)
3- समय का मात्रक सेकण्ड (s) होता है ।
4- SI पद्धति
यह मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय पद्धति है तथा सम्पूर्ण भौतिकी में प्रयुक्त होती है ।
इसमें आधुनिक MKS पद्धति भी कहते है
इसमें सातों मूलभूत राशियाँ तथा दो पूरक राशियों को सम्मिलित किया जाता है, जिनके संगत मात्रक निम्नलिखित है-
1- लम्बाई का मात्रक मीटर (m)
2- द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम (kg)
3- समय का मात्रक सेकण्ड (s)
4- विद्युत धारा का मात्रक ऐम्पियर (A)
5- ताप का मात्रक केल्विन (K)
6- पदार्थ का मात्रक मोल (mol)
7- ज्योति तीव्रता का मात्रक केण्डिला (cd) होता है ।
दो पूरक राशियाँ
8- समतल कोण का मात्रक रेडियन (rad)
9- घन कोण का मात्रक स्टेरेडियन (sr) होता है ।
व्यवहारिक मात्रक
वैज्ञानिकों द्वारा गणितीय आधार पर बड़ी से बड़ी तथा छोटी से छोटी गणनाओं के लिए जो प्रायोगिक मात्रक प्रयुक्त किए जाते है, उन्हें व्यवहारिक मात्रक कहते है। कुछ व्यवहारिक मात्रक निम्नलिखित है-
लम्बाई के मात्रक
द्रव्यमान के मात्रक
समय के मात्रक






No comments:
Post a Comment