परिभाषा
किसी पदार्थ से बने किसी 'चालक' के दो सिरों के बीच विभवान्तर आरोपित किया जाता है तो इसमें आवेश प्रवाहित होने लगते हैं जिसे विद्युत धारा कहते हैं। आंकिक रूप से धारा घनत्व J तथा विद्युत क्षेत्र की तीव्रता E के अनुपात को चालकता कहते हैं। इसे σ से प्रदर्शित करते है। अर्थात σ = J/E . इसका मात्रक म्हो/मीटर होता है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
किसी पदार्थ से बने किसी 'चालक' के दो सिरों के बीच विभवान्तर आरोपित किया जाता है तो इसमें आवेश प्रवाहित होने लगते हैं जिसे विद्युत धारा कहते हैं। आंकिक रूप से धारा घनत्व J तथा विद्युत क्षेत्र की तीव्रता E के अनुपात को चालकता कहते हैं। इसे σ से प्रदर्शित करते है। अर्थात σ = J/E . इसका मात्रक म्हो/मीटर होता है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना


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