Tuesday, May 12, 2020

गति के समीकरण Equation of Kinematics

किसी गतिमान वस्तु के लिए u, v, a, t तथा s में सम्बन्ध स्थापित करने वाले भौतिक सम्बन्ध गति के समीकरण कहलाते है।
जहाँ-
u = समय t = 0 पर कण का प्रारम्भिक वेग 
v = समय t पर कण का अन्तिम वेग
a = कण का त्वरण
s = समय t में कण द्वारा तय विस्थापन/दूरी
गति में सम्बन्ध स्थापित करने के लिए 2 स्थितियाँ होती है-
1- जब त्वरण शून्य हो
2- जब त्वरण कार्यकारी हो
जब त्वरण शून्य हो
जब किसी वस्तु पर त्वरण का परिमाण शून्य हो तो वस्तु नियत चाल से चलती है। यह एकदिशीय गति होती है। इस गति में विस्थापन का परिमाण सदैव तय की गई दूरी के बराबर होता है। इस दशा में
v = u तथा s = ut
जब त्वरण कार्यकारी हो
जब किसी वस्तु पर त्वरण कार्यकारी हो तो वस्तु जब नियत त्वरण से चलती है, तो गति की तीन समीकरण प्राप्त होती है-
यदि सभी को सदिश रूप में लिखे तो गति की तीन समीकरण इस प्रकार होगी -
यदि किसी गणना में कण का प्रारम्भिक वेग व अन्तिम वेग दिया गया हो तो उस स्थिति में कण द्वारा तय विस्थापन/दूरी  –
यदि किसी एकसमान त्वरण a से गतिमान कण द्वारा किसी अनुमानित समय nवें सेकण्ड में तय किया गया विस्थापन/दूरी -

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