अपने लक्ष्य को मेहनत से वरण करना ही प्रत्येक विद्यार्थी का एकमात्र ध्येय होना चाहिए - विकास विद्यालंकार
Monday, May 4, 2020
किसी भौतिक राशि का दी हुई मात्रक पद्धति में मात्रक ज्ञात करना
किसी भौतिक राशि का सूत्र अथवा परिभाषा लिखने के लिये हम इसकी विमायें ज्ञात करते हैं । विमीय सूत्र में M , L तथा T के स्थान पर आवश्यक पद्धति के मूलभूत मात्रक रखकर उस पद्धति में हम भौतिक राशि का मात्रक ज्ञात कर लेते हैं । फिर भी कभी-कभी इस मात्रक के लिए हम एक विशिष्ट नाम दे देते हैं ।
उदाहरण के लिए , कार्य = बल × विस्थापन, अतः
उदाहरण के लिए , कार्य = बल × विस्थापन, अतः
चालकता का विमीय सूत्र
परिभाषा
किसी पदार्थ से बने किसी 'चालक' के दो सिरों के बीच विभवान्तर आरोपित किया जाता है तो इसमें आवेश प्रवाहित होने लगते हैं जिसे विद्युत धारा कहते हैं। आंकिक रूप से धारा घनत्व J तथा विद्युत क्षेत्र की तीव्रता E के अनुपात को चालकता कहते हैं। इसे σ से प्रदर्शित करते है। अर्थात σ = J/E . इसका मात्रक म्हो/मीटर होता है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
किसी पदार्थ से बने किसी 'चालक' के दो सिरों के बीच विभवान्तर आरोपित किया जाता है तो इसमें आवेश प्रवाहित होने लगते हैं जिसे विद्युत धारा कहते हैं। आंकिक रूप से धारा घनत्व J तथा विद्युत क्षेत्र की तीव्रता E के अनुपात को चालकता कहते हैं। इसे σ से प्रदर्शित करते है। अर्थात σ = J/E . इसका मात्रक म्हो/मीटर होता है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
Sunday, May 3, 2020
विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण का विमीय सूत्र
परिभाषा
अल्प दूरी पर स्थित दो समान परिमाण एवं विपरीत प्रकृति के आवेश से बना निकाय विद्युत द्विध्रुव कहलाता है। विद्युत द्विध्रुव का आघूर्ण द्विध्रुव निकाय की शक्ति को प्रदर्शित करता है। इसे p से प्रदर्शित करते है, इसका मान दोनों आवेशों में से किसी एक आवेश के परिमाण एवं दोनों आवेशों के बीच की दूरी के गुणनफल के बराबर होता है। यह एक सदिश राशि है जिसकी दिशा धनावेश से ऋणावेश की और होती है। इसका SI मात्रक कूलॉम-मीटर होता है। इसका एक अन्य मात्रक डेबाई होता है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
अल्प दूरी पर स्थित दो समान परिमाण एवं विपरीत प्रकृति के आवेश से बना निकाय विद्युत द्विध्रुव कहलाता है। विद्युत द्विध्रुव का आघूर्ण द्विध्रुव निकाय की शक्ति को प्रदर्शित करता है। इसे p से प्रदर्शित करते है, इसका मान दोनों आवेशों में से किसी एक आवेश के परिमाण एवं दोनों आवेशों के बीच की दूरी के गुणनफल के बराबर होता है। यह एक सदिश राशि है जिसकी दिशा धनावेश से ऋणावेश की और होती है। इसका SI मात्रक कूलॉम-मीटर होता है। इसका एक अन्य मात्रक डेबाई होता है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
पृष्ठीय आवेश घनत्व का विमीय सूत्र
परिभाषा
किसी चादर को दिया गया आवेश तथा चादर के क्षेत्रफल के अनुपात को आवेश का पृष्ठीय आवेश घनत्व कहते है। इसे 𝜎 से प्रदर्शित करते है इसका मात्रक कूलम-वर्ग मीटर होता है।
यदि किसी चादर का पृष्ठीय क्षेत्रफल A तथा चादर को दिया गया आवेश Q है तो चादर का पृष्ठीय आवेश घनत्व
σ = Q/A कूलॉम-वर्ग मीटर
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
किसी चादर को दिया गया आवेश तथा चादर के क्षेत्रफल के अनुपात को आवेश का पृष्ठीय आवेश घनत्व कहते है। इसे 𝜎 से प्रदर्शित करते है इसका मात्रक कूलम-वर्ग मीटर होता है।
यदि किसी चादर का पृष्ठीय क्षेत्रफल A तथा चादर को दिया गया आवेश Q है तो चादर का पृष्ठीय आवेश घनत्व
σ = Q/A कूलॉम-वर्ग मीटर
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
Saturday, May 2, 2020
निर्वात की चुम्बकशीलता का विमीय सूत्र
परिभाषा
किसी पदार्थ का वह गुण है जो उस पदार्थ में चुम्बकीय क्षेत्र स्थापित किये जाने में उस पदार्थ द्वारा प्रदर्शित 'सहायता' की मात्रा की माप बताता है, उसे चुम्बकशीलता कहते है। इसे ग्रीक वर्ण μ (म्यू) से प्रदर्शित किया जाता है।
निर्वात की चुम्बकशीलता (Vacuum permeability) एक भौतिक नियतांक है जो निर्वात में किसी विद्युत धारा द्वारा उत्पन्न किए गए चुम्बकीय क्षेत्र का मान निर्धारित करता है। इसे μ0 द्वारा निरूपित करते हैं।
इसे मुक्त अवकाश की चुम्बकशीलता (permeability of free space, permeability of vacuum), या चुम्बकीय नियतांक (magnetic constant) भी कहते हैं।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
किसी पदार्थ का वह गुण है जो उस पदार्थ में चुम्बकीय क्षेत्र स्थापित किये जाने में उस पदार्थ द्वारा प्रदर्शित 'सहायता' की मात्रा की माप बताता है, उसे चुम्बकशीलता कहते है। इसे ग्रीक वर्ण μ (म्यू) से प्रदर्शित किया जाता है।
निर्वात की चुम्बकशीलता (Vacuum permeability) एक भौतिक नियतांक है जो निर्वात में किसी विद्युत धारा द्वारा उत्पन्न किए गए चुम्बकीय क्षेत्र का मान निर्धारित करता है। इसे μ0 द्वारा निरूपित करते हैं।
इसे मुक्त अवकाश की चुम्बकशीलता (permeability of free space, permeability of vacuum), या चुम्बकीय नियतांक (magnetic constant) भी कहते हैं।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण का विमीय सूत्र
परिभाषा
किसी चुम्बक का चुम्बकीय आघूर्ण (magnetic moment) वह राशि है जो बताती है कि उस चुम्बक को किसी वाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर वह कितना बलाघूर्ण अनुभव करेगा।
छड़ चुम्बक, एक लूप जिसमें विद्युत धारा बह रही हो, परमाणु का चक्कर काटता इलेक्ट्रॉन, अणु, ग्रह आदि सभी का चुम्बकीय आघूर्ण होता है।
गणितीय रूप से चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण, चुम्बक की ध्रुव सामर्थ्य एवं प्रभावकारी लम्बाई के गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है, अर्थात M = m(2l)
यह एक सदिश राशि है, इसकी दिशा दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर होती है। इसका SI मात्रक एम्पियर-वर्ग मीटर होता है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
किसी चुम्बक का चुम्बकीय आघूर्ण (magnetic moment) वह राशि है जो बताती है कि उस चुम्बक को किसी वाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर वह कितना बलाघूर्ण अनुभव करेगा।
छड़ चुम्बक, एक लूप जिसमें विद्युत धारा बह रही हो, परमाणु का चक्कर काटता इलेक्ट्रॉन, अणु, ग्रह आदि सभी का चुम्बकीय आघूर्ण होता है।
गणितीय रूप से चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण, चुम्बक की ध्रुव सामर्थ्य एवं प्रभावकारी लम्बाई के गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है, अर्थात M = m(2l)
यह एक सदिश राशि है, इसकी दिशा दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर होती है। इसका SI मात्रक एम्पियर-वर्ग मीटर होता है।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
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