किसी पदार्थ के गर्म या ठंढे होने के कारण उसमें जो ऊर्जा होती है उसे उसकी ऊष्मीय ऊर्जा कहते हैं। इसे Q से प्रदर्शित करते है।
अन्य ऊर्जा की तरह इसका मात्रक भी जूल (Joule) होता है पर इसे कैलोरी (Calorie) में भी व्यक्त करते हैं।
विमीय-सूत्र ज्ञात करना
ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप होती है । अर्थात् जब किसी निकाय तथा उसके चारो ओर के परिवेश के मध्य जब उनके तापमान मे अन्तर हेाता है तो ऊर्जा का आदान-प्रदान हेाने लगता है। यह आदान-प्रदान उष्मा के रूप में होता है।
अतः ऊष्मा का विमीय सूत्र = कार्य का विमीय सूत्र

