अध्येता या अधिगमकर्ता Learner
अध्येता का अर्थ है- “अध्ययन करने वाला”। अध्येता को शिक्षार्थी, विद्यार्थी या अधिगमकर्ता भी कहते है, जो कि शिक्षण का केन्द्रबिन्दु होता है। शिक्षण की प्रारम्भिक अवस्था में अध्येता अपरिपक्व अवस्था में होता है, किन्तु धीरे-धीरे वह सामाजिक एवं सांस्कृतिक गुणों के माध्यम से परिपक्व अवस्था में आ जाता है। अध्येता में अनुशासन की प्रवृत्ति विद्यालयी शिक्षा के माध्यम से ही विकसित होती है और वह धीरे-धीरे एक आदर्श नागरिक बनने की और अग्रसर होता है।
अध्येता की मुख्य विशेषताएं
- अधिगमकर्ता का उद्देश्य ज्ञान प्राप्ति के साथ-साथ स्मरण एवं अनुभव को संगठित व परिष्कृत करना होता है, इस प्रकार अध्येता सदैव एक अर्थपूर्ण लक्ष्य द्वारा निर्देशित रहता है।
- अध्येता के अधिगम प्राप्ति का प्रेरणाश्रोत स्वाभाविक रूचियाँ, अभिरुचियाँ एवं अभिवृत्तियाँ होती है, जो उन्हें किसी विषय या क्रियाओं को सीखने या उदासीन रहने को उद्वेलित करता है।
- अध्येता की महत्वकांक्षा, उसकी उपलब्धि और प्रेरणा के स्तर पर ही उसकी अधिगम प्रक्रिया की सफलता अथवा असफलता निर्भर करती है।
- अध्येता में अधिगम की इच्छा व्यक्तिगत एवं सामाजिक आवश्यकताओं से जागृत होती है।
- अध्येता के प्रमुख लक्ष्यों में विद्या प्राप्ति के साथ-साथ शारीरिक व मानसिक विकास एवं चारित्रिक सद्गुणों की अभिवृद्धि जैसे तत्व सम्मिलित किए जाते है।
- अधिगमकर्ता प्रशिक्षण या निर्देशात्मक योजना निर्माण में सहायक तत्व की तरह कार्य करता है।
==============
No comments:
Post a Comment