शिक्षण की विशेषताएं Characteristics of Teaching
शिक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को ज्ञान, कौशल तथा अभिरुचियों को सिखाने या प्राप्त करने में सहायता प्रदान करता है।
शिक्षण की निम्नलिखित विशेषताएं है-- शिक्षण एक व्यवसायिक क्रिया है।
- शिक्षण एक ऐसी पारस्परिक अन्तःक्रिया है, जिसका परिचालन विद्यार्थी के मार्गदर्शन और प्रगति के लिए होता है।
- शिक्षण विविध में रूपों सम्पन्न हो सकता है; जैसे- औपचारिक, अनौपचारिक, निदेशात्मक एवं अनुदेशात्मक प्रशिक्षण आदि।
- शिक्षण का अवलोकन एवं विश्लेषण वैज्ञानिक ढंग से होता है।
- शिक्षण में सम्प्रेषण कौशल का आधिपत्य होता है।
- शिक्षण, शिक्षक के परिश्रम का परिणाम होता है।
- शिक्षण में अपेक्षित सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है।
- शिक्षण के द्वारा बौद्धिक चरित्र का निर्माण होता है।
- शिक्षण के द्वारा आपसी सहयोग व भ्रातृत्व की भावना का पूर्ण विकास होता है।
शिक्षण की आधारभूत अवश्यकताएं
शिक्षण की मूलभूत अवश्यकताएं निम्नलिखित है-- शिक्षण प्रक्रिया में मूल रूप से शिक्षक, विद्यार्थी और पाठ्यक्रम की आवश्यकता होती है।
- शिक्षक एक स्वतन्त्र चर, विद्यार्थी एक परतन्त्र चर एवं पाठ्यक्रम एक हस्तक्षेप चर की भूमिका में होते है।
- शिक्षण की आधारभूत आवश्यकता, छात्रों के व्यवहारों में परिवर्तन के लिए होती है।
- शिक्षण प्रक्रिया का आधारभूत केन्द्र-बिन्दु अधिगम होता है।
- शिक्षण की आवश्यकता छात्रों को वांछित ज्ञान और कौशल सिखाने एवं अधिग्रहण के लिए होती है।
- शिक्षण के लिए आवश्यक तत्व शिक्षक होता है, जो कि ज्ञान का परिमार्जन करता है।
- शिक्षण ज्ञान, बोध तथा संकल्प शक्ति के द्वारा ही सम्भव है।
- शिक्षण, प्रेरक और प्रतिक्रिया के बीच में नवीन सम्बन्ध स्थापित करती है।
- शिक्षण में कौशल, वातावरण, संस्थागत अवसंरचना आदि सभी, शामिल होते है, जो कि शिक्षण की मूलभूत आवश्यकता के ही भाग है।
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