निरीक्षण विधि
शिक्षार्थी केन्द्रित निरीक्षण विधि में विषय के सभी पहलुओं के अध्ययन पर बल दिया जाता है। यह विधि शिक्षण की एक रोचकपूर्ण पद्धति है, जो विद्यार्थीयों की पूर्ण सक्रियता को सुनिश्चित करती है। यह विधि कला और विज्ञान संकाय दोनों ही विषयों में लोकप्रिय है, किन्तु विज्ञान में इसका प्रचलन सर्वाधिक लोकप्रिय है।
निरीक्षण विधि के गुण
- शिक्षण की यह विधि विद्यार्थीयों में स्वाध्याय की प्रवृत्ति का संचार करती है।
- इसमें विद्यार्थी को अपनी क्षमता और योग्यता के अनुसार अध्ययन करने के अवसरों की प्राप्ति होती है।
- इसके माध्यम से शिक्षक और शिक्षार्थियों के मध्य सहभागिता के उच्च स्तर स्थापित होते है।
- निरीक्षण विधि को छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है।
- इस विधि में सीखने के लिए अधिक समय और संसाधन की आवश्यकता होती है।
- शिक्षण की इस विधि के द्वारा मानविकी के कुछ विषयों जैसे- राजनीति विज्ञान या नगरिकशास्त्र से सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की शिक्षा देना सम्भव नहीं है।
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