अन्वेषण विधि
अन्वेषण विधि को अनुमानी विधि भी कहा जाता है। इस विधि में शिक्षार्थी बिना सहायता प्राप्त किए अपनी समस्या का समाधान ढूंढते है। शिक्षण की यह विधि प्रतिभागियों को सक्रिय रखती है और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करती है। इस विधि के जनक ‘एच ई आर्मस्ट्रांग’ को माना जाता है।
अन्वेषण विधि के गुण
- यह विधि विद्यार्थीयों में स्वयं सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देती है।
- इस शिक्षण विधि की प्रकृति वैज्ञानिक है, अतः यह विधि शिक्षार्थियों में खोजी अभिवृत्ति के विकास में सहायक होती है।
- यह विधि ‘करके सीखने’ के सिद्धान्त पर आधारित है, और इसमें अध्यापक व शिक्षार्थी के मध्य प्रगाढ़ता में अभिवृद्धि होती है।
- अन्वेषण विधि के माध्यम से शिक्षण कार्य में अधिक समय लगता है, इससे सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को नियत समय पर पूर्ण करना कठिन हो जाता है।
- शिक्षण की यह विधि छोटी कक्षाओं के लिए उपयुक्त नहीं है।
- इस विधि में वास्तविक ज्ञान प्राप्ति पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है।
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