यह विधि खोज के सिद्धान्त पर आधारित है, जिसके द्वारा किसी परिमाण पर पहुँचने के लिए खोज द्वारा तथ्यों का उल्लेख होता है। इस विधि में छात्र प्रयोगशाला में प्रयोग द्वारा स्वयं ही निष्कर्ष निकालकर अवधारणा विकसित करते है। यह विधि आगमन विधि का ही वृहत एवं विकसित प्रयोगात्मक स्वरूप है।
प्रयोगशाला विधि के गुण
- प्रयोगशाला विधि में छात्रों द्वारा सीखा गया ज्ञान रुचिपूर्ण एवं स्थाई होता है।
- विद्यार्थी के ज्ञान में अधिकाधिक वृद्धि होती है।
- प्रयोगशाला में अनुसन्धान के साथ-साथ उन्हें तथ्यों, संप्रत्ययों और वैज्ञानिक निष्कर्षों को समझने का अवसर प्राप्त होता है।
- यह विधि छात्रों में विज्ञान के महत्व को समझने में सहायक है।
- यह विधि उच्च वर्ग की कक्षाओं के लिए उपयुक्त है तथा यह केवल अध्ययन काल तक ही उपयोगी है।
- इस विधि में धन का व्यय अधिक होता है, साथ ही इसमें समय भी अधिक लगता है।
- यह विधि व्यक्ति केन्द्रित विधि है।
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