पूर्व-मीमांसा अथवा मीमांसा दर्शन
1- मीमांसा अथवा पूर्व - मीमांसा दर्शन के प्रवर्तक कौन थे ? - जैमिनी
2- मीमांसा दर्शन से सम्बन्धित ' मीमांसा सूत्र ' ग्रन्थ की रचना की थी - जैमिनी
3- मीमांसा दर्शन के भट्ट मत के संस्थापक थे - कुमारिल भट्ट
4- जैमिनी दर्शन से सम्बन्धित ग्रन्थ ' त्रिपादी नीतिनयन ' के लेखक हैं - मुरारी मिश्र
5- छ : प्रमाणों को किसने माना है ? - अद्वैत वेदान्त एवं कुमारिल भट्ट ने
6- मीमांसा दर्शन द्वारा कौन-से स्वीकृत प्रमाण है - प्रत्यक्ष , अनुमान , शब्द , उपमान , अनुपलब्धि
7- ' अनुपलब्धि ' को स्वतन्त्र प्रमाण किसने माना है ? - कुमारिल भट्ट ने
8- एक स्वतन्त्र प्रमाण के रूप में अनुपलब्धि का पक्ष समर्थन किया है - कुमारिल ने
9- देवदत्त मोटा है । वह दिन में कभी कुछ नहीं खाता । अत: वह रात्रि में अवश्य खाता होगा । यह किसका उदाहरण है? - अर्थापत्ति का
10- जैमिनी के अनुसार प्रमाण तीन हैं , परन्तु प्रभाकर ने दो और प्रमाणों को जोड़ा है , वे हैं - उपमान एवं अर्थापत्ति
11- अर्थापत्ति और अनुपलब्धि को वैध ज्ञान का स्रोत किस दर्शन ने माना गया है - मीमांसा ने
12- किस दर्शन को वेदान्त दर्शन कहा जाता है ? - उत्तर मीमांसा दर्शन
13- मीमांसा दर्शन ज्ञान के विषय में मानता है कि - ज्ञान स्वत : प्रामाण्य है
14- कौन - सा दार्शनिक निकाय प्रामाण्य को स्वतः और अप्रामाण्य को परत : मानता है ? - पूर्व - मीमांसा
15- अति वाक्य अथवा वेद वाक्यों का वर्गीकरण कितने भागों में किया गया है? - दो भागों में
16- " वेद वाक्य क्रियार्थक होते हैं अन्यथा वे स्वत: निरर्थक होते हैं । " यह मत है - मीमांसा का
17- मीमांसा के अनुसार वेद विश्वसनीय प्रमाण हैं, क्योंकि - वेदों के रचयिता कोई नहीं हैं, वे अपौरुषेय हैं
18- कौन - सा भारतीय दर्शन - सम्प्रदाय वैदिक कर्मकाण्ड को महत्त्व देता है? - मीमांसा दर्शन
19- वेदों को शाश्वत और अपौरुषेय किस दर्शन ने माना है? - मीमांसा दर्शन ने
20- मीमांसा दर्शन के अनुसार विधि के कितने प्रकार हैं? - 4 प्रकार के
21- वे वाक्य जो अदिष्ट कर्मों की प्रशंसा करते हैं और निषिद्ध कमों की निन्दा करते हैं, कहलाते हैं - अर्थवाद
22- मीमांसा दर्शन में किसकी सत्यता के निर्धारण के लिए एकमात्र शब्द को ही प्रमाण माना गया है? - धर्म की
23- मीमांसा दर्शन के अनुसार मोक्ष का अर्थ है - पीड़ा तथा दुःख भोग से मुक्ति
24- पूर्व मीमांसा के अनुसार व्यक्ति अपने कर्मों का फल किनके द्वारा प्राप्त करता है? - अपूर्व
25- मीमांसा के अनुसार उचित कर्म वह है, जो - वैदिक विधि द्वारा अनुमोदित होने पर किया जाए
26- मीमांसा दर्शन के अनुसार मोक्ष प्राप्त किया जाता है - कर्म द्वारा
27- यह किसका यह मत है कि वेदों के अर्थ तो नित्य हैं, परन्तु वैदिक मन्त्र नित्य नहीं हैं? - शंकराचार्य का
28- मीमांसा दर्शन में शब्दों की नित्यता के लिए कौन - सा सिद्धान्त दिया गया है? - शब्दनित्यवाद
29- गुरु सम्प्रदाय जिसके प्रवर्तक प्रभाकर हैं, का सम्बन्ध किस दर्शन से है? - पूर्व - मीमांसा
30- कुमारिल के द्वारा माने गए छ: प्रमाणों में किस प्रमाण को प्रभाकर ने प्रमाण नहीं माना है? - अनुपलब्धि को
31- किसका मत है कि किसी स्थान विशेष एवं काल विशेष में जो वस्तु उपलब्ध होने योग्य है, उसका वहाँ न होना ही अनुपलब्धि है? - कुमारिल का
32- गुरु सम्प्रदाय के प्रभाकर मीमांसा में कितने पदार्थों को स्वीकार करता है? - 8
33- भट्ट सम्प्रदाय के कुमारिल मीमांसा में कितने पदार्थों को स्वीकार किया गया है? - 5
34- कुमारिल के अनुसार तमस में होते हैं - गुण तथा कर्म
35- यथार्थ ज्ञान विविध प्रकाश है । यह ज्ञाता, ज्ञेय और स्वयं को प्रकाशित करता है । इसे प्रतिपादित किया है - प्रभाकर ने
36- प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के कितने आयाम हैं? - तीन
37- किसका मत है कि ज्ञान स्वप्रकाश नहीं होता? - कुमारिल का
38- ज्ञाततावाद को किसने स्वीकार किया है? - कुमारिल ने
39- ज्ञान का अनुमान ज्ञातता नामक लिंग से होता है और इसी से इसके प्रामाण्य का ज्ञान भी होता है, परन्तु इसके अप्रामाण्य का ज्ञान विफल प्रवृत्ति से होता है । यह मत है - भट्ट मीमांसा का
40- किसका मानना है कि किसी पदार्थ का ज्ञान प्राप्त होने पर उस धर्म में ज्ञातता नामक धर्म का उदय होता है? - कुमारिल का
41- कुमारिल के अनुसार अभाव ज्ञान का स्वतन्त्र प्रमाण कौन-सा है - अनुपलब्धि
42- कुमारिल यह स्थापित करते हैं कि अभाव ज्ञान के लिए एक स्वतन्त्र प्रमाण है । वह प्रमाण - अनुपलब्धि है
43- अभिहितान्वयवाद का प्रतिपादन किसने किया है? - मीमांसा दर्शन ने
44- अभिहितान्वयवाद के प्रवर्तक हैं - कुमारिल भट्ट
45- ख्याति शब्द का शाब्दिक अर्थ है - प्रेम
46- प्रभाकर का भ्रम सिद्धान्त कहलाता है - अख्यातिवाद
47- किसके अनुसार “जब ज्ञान ही नहीं होता तो भ्रम की मिथ्या ज्ञान कह ही नहीं सकते"? - प्रभाकर के अनुसार
48- विपरीतख्यातिवाद का प्रतिपादन किनके द्वारा किया गया? - कुमारिल ने
49- अन्यथाख्याति के अनुसार भ्रम क्या है - अन्यथाज्ञान
50- कुमारिल के अनुसार, जाति और व्यक्ति के बीच किस प्रकार का सम्बन्ध होता है? - तादात्म्य
51- ' क्रियात्मक प्रत्यय वाक्य है ' यह मत किसके द्वारा समर्थित है? - मीमांसा का
52- किस मत के अनुसार शब्दों के अर्थ केवल वाक्यों में उनके प्रयोग से सीखा जा सकता है? - मीमांसा के अनुसार
53- सीपी में रजत् का ज्ञान भ्रमपूर्ण होता है, क्योंकि यह गैर - अस्तित्व वाले रजत् को प्रक्षिप्त करता है और हम तब सचेत होते हैं, जब रजत् सम्बन्धी हमारा पहला ज्ञान तत्पश्चात् सीपी के ज्ञान द्वारा खण्डित होता है । यह किसका उदाहरण है? - असत्ख्याति का
54- ख्याति कोई एक ज्ञान नहीं है अपितु दो असम्बद्ध अवबोधों का समुच्चय है । यह मत प्रतिपादित किया गया है - प्रभाकर द्वारा
55- ज्ञान स्वयं में सत्य होना चाहिए, यह विचार प्रतिपादित है - मीमांसा द्वारा
56- पूर्व - मीमांसा के अनुसार, आकृति का तात्पर्य है - संस्थान का
57- कुमारिल के अनुसार, जाति का व्यक्ति से सम्बन्ध जाना जाता है - भेदाभेद सम्बन्ध
77- निम्नलिखित में से कौन - सा प्रमाण प्रभाकर मीमांसा को स्वीकार नहीं है?
( a ) उपमान
( b ) अनुमान
( c ) अनुपलब्धि
( d ) अर्थापत्ति
उत्तर - c
78- निम्न में से कौन अनुपलब्धि को स्वतन्त्र प्रमाण मानता है?
( a ) सांख्य
( b ) रामानुज
( c ) मीमांसा
( d ) न्याय
उत्तर - c
79- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है?
( a ) पूर्व - मीमांसा दर्शन अनीश्वरवादी है
( b ) पूर्व - मीमांसा दर्शन आस्तिक है ।
( c ) पूर्व - मीमांसा दर्शन के प्रवर्तक महर्षि जैमिनी थे
( d ) पूर्व - मीमांसा दर्शन नास्तिक है
उत्तर - d
80- महर्षि जैमिनी के अनुसार यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए प्रमाण हैं
( a ) प्रत्यक्ष , अनुमान , उपमान
( b ) प्रत्यक्ष , अनुमान , शब्द
( c ) अनुमान , उपमान , अर्थापत्ति
( d ) उपमान , शब्द , अर्थापत्ति
उत्तर - b
81- निम्नलिखित में से कौन - सा सुमेलित है ?
( a ) मीमांसा - स्वत : अप्रामाण्य
( b ) मीमांसा परत : प्रामाण्य
( c ) बौद्ध दर्शन स्वत : प्रामाण्य
( d ) मीमांसा स्वत : प्रामाण्य
उत्तर - d
82- निम्नलिखित कथनों में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) श्रुति को वेद भी कहा जाता है
( b ) वेद चार हैं - ऋग्वेद , सामवेद , यजुर्वेद , अथर्ववेद
( c ) श्रुति का शाब्दिक अर्थ है - सुना हुआ
( d ) किसी भी वेद के उपवेद नहीं होते हैं
उत्तर - d
83- कौन - सा दर्शन आस्तिक है ?
( a ) चार्वाक
( b ) पूर्व - मीमांसा
( c ) जैन
( d ) बौद्ध
उत्तर - b
84- निम्नलिखित कथनों में कौन - सा कथन सत्य है ?
( a ) चार्वाक , बौद्ध और जैन आस्तिक दर्शन हैं ।
( b ) मीमांसा दर्शन में वेदों को अपौरुषेय कहा गया है
( c ) सांख्य दर्शन वेदों को अपौरुषेय नहीं मानता है
( d ) मीमांसा के अनुसार वेद अनित्य है ।
उत्तर - b
85- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) वेद चार हैं - ऋग्वेद , सामवेद , यजुर्वेद , अथर्ववेद
( b ) सभी वेद के अपने उपवेद हैं
( c ) सांख्य दर्शन वेदों को अपौरुषेय नहीं मानता है
( d ) मीमांसा दर्शन वेदों को अपौरुषेय मानता है ।
उत्तर - c
86- निम्नलिखित में से किसने वेद को अपौरुषेय नहीं माना है ?
( a ) सांख्य दर्शन
( b ) मीमांसा दर्शन
( c ) चार्वाक दर्शन
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - c
87- निम्नलिखित में से कौन - सा सुमेलित नहीं है ?
( a ) वैदिक कर्मकाण्ड में आस्था - मीमांसा
( b ) परत : प्रामाण्य - मीमांसा
( c ) वेदों के अपौरुषेयत्य में आस्था - मीमांसा
( d ) वस्तुवादी दर्शन - मीमांसा
उत्तर - b
88- कौन - सी विधि कर्म के अंग तथा प्रधान विषयों की सम्बोधक है ?
( a ) विनियोग विधि
( b ) प्रयोग विधि
( c ) उत्पत्ति विधि
( d ) अधिकार विधि
उत्तर - a
89- कौन - सी विधि प्रयोगों की शीघ्रता की बोधक है ?
( a ) उत्पत्ति विधि
( b ) विनियोग विधि
( c ) प्रयोग विधि
( d ) अधिकार विधि
उत्तर - d
90- निम्न में से कौन मानता है कि स्वर्ग प्राप्ति हेतु यज्ञ करना चाहिए ।
( a ) बौद्ध
( b ) सांख्य
( c ) अद्वैत
( d ) मीमांसा
उत्तर - d
91- निम्नलिखित में कौन - सा कथन सत्य है ?
( a ) प्रयोग विधि प्रयोग की शीघ्रता का बोधक है
( b ) उत्पत्ति विधि कर्म के अंग तथा प्रधान विषयों की सम्बोधक है
( c ) अधिकार विधि कर्म से उत्पन्न फल के स्वामित्व की ओर संकेत करती है
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर - d
92- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) मीमांसा दर्शन का प्रधान विषय धर्म है ।
( b ) मीमांसा के अनुसार वेद के विधि वाक्य धर्म हैं
( c ) मीमांसा दर्शन के धर्म की सत्यता के निर्धारण के लिए एकमात्र शब्द को ही प्रमाण माना गया है
( d ) मीमांसकों के अनुसार वेद अपौरुषेय नहीं है
उत्तर - d
93- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) मीमांसा में धर्म की प्राप्ति का प्रमख साधन कर्म माना गया है ।
( b ) यहाँ कर्म से आशय वैदिक कर्म से है
( c ) मीमांसा दर्शन धर्म के लिए वेदों के ब्राह्मण ग्रन्थों को आधार मानता है ।
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर - d
94- निम्नलिखित में कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) शब्दनित्यवाद के अनुसार वेद जिन शब्दों से बने हैं , वे शब्द शाश्वत एवं नित्य हैं
( b ) वर्ण एक सार्थक ध्वनि है
( c ) वर्ण के विपरीत ध्वनि नित्य होती है ।
( d ) न्याय दर्शन के अनुसार मनुष्य के शब्द उच्चारण के प्रयत्न से ही शब्द की उत्पत्ति होती है ।
उत्तर - c
95- किस साहित्य के अनुसार अग्नि और ब्राह्मण की उत्पत्ति प्रजापति के मुख से हुई है ?
( a ) वैदिक साहित्य
( b ) जैन साहित्य
( c ) बौद्ध साहित्य
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - a
96- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) द्रव्य , गुण एवं कर्म के विषय में प्रभाकर के विचारों की न्याय , वैशेषिक के विचारों से साम्यता है
( b ) प्रभाकर संख्या को भी एक स्वतन्त्र प्रमाण मानते हैं
( c ) प्रभाकर अभाव को पदार्थ मानते हैं
( d ) कुमारिल पाँच पदार्थों में विश्वास करते हैं
उत्तर - c
97- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) प्रभाकर के अनुसार आत्मा ज्ञाता मात्र है , वह ज्ञान का विषय नहीं हो सकती
( b ) प्रभाकर आत्मा को विभु , नित्य , अजर - अमर तथा निर्विकार मानते हैं ।
( c ) कुमारिल भी आत्मा को विभु एवं नित्य मानते हैं ।
( d ) कुमारिल ज्ञान को आत्मा का गुण मानता है
उत्तर - d
98- अन्वितामिधानवाद शब्द और अर्थ का एक सिद्धान्त है - यह निम्नलिखित में से किसे मान्य है ?
( a ) कुमारिल
( b ) जैमिनी
( c ) प्रभाकर
( d ) उदयोद्कर
उत्तर - c
99- प्रभाकर मीमांसा की असाधारण विशेषता है
( a ) ज्ञाततावाद
( b ) प्रतीत्यसमुत्पाद
( c ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद
( d ) अनेकान्तवाद
उत्तर - c
100- निम्नलिखित में से कौन - सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
( a ) ज्ञाततावाद - कुमारिल
( b ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद - प्रभाकर
( c ) प्रत्यक्षवाद - चार्वाक
( d ) बाह्य प्रत्यक्षवाद - माध्यमिक शून्यवाद
उत्तर - d
101- निम्नलिखित में से कौन - सा प्रभाकर को मान्य है ?
( a ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद , स्वत : प्रामाण्यवाद , अख्यातिवाद
( b ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद , ज्ञाततावाद , अख्यातिवाद
( c ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद , परतःप्रामाण्यवाद , अख्यातिवाद
( d ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद , स्वत : प्रामाण्यवाद , अन्यथाख्यातिवाद
उत्तर - a
102- निम्नलिखित में से किसने शब्द को भी द्रव्य माना है , क्योंकि साक्षात् इन्द्रिय सम्बन्ध से उसका ग्रहण होता है ?
( a ) कुमारिल
( b ) प्रभाकर
( c ) कुमारिल एवं प्रभाकर दोनों
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - a
103- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) प्रभाकर का ज्ञान विषयक मत त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद कहलाता है ।
( b ) प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के तीन आयाम हैं - ज्ञाता , ज्ञेय तथा ज्ञान
( c ) प्रभाकर के अनुसार ज्ञान स्वप्रकाश है ।
( d ) प्रभाकर के अनुसार आत्मा स्वप्रकाश हे
उत्तर - d
104- त्रिपुटि - संवित के सम्बन्ध में कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) ज्ञान विषयक मत त्रिपुटि - संवित का प्रतिपादन प्रभाकर ने दिया
( b ) प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के तीन आयाम हैं - ज्ञाता , ज्ञेय तथा ज्ञान
( c ) प्रभाकर के अनुसार ज्ञान स्वप्रकाश नहीं है ।
( d ) प्रभाकर के अनुसार आत्मा स्वप्रकाश नहीं है ।
उत्तर - c
105- निम्नलिखित में से कौन - सा क्रमशः मीमांसकों तथा नैयायिकों को स्वीकार्य है ?
( a ) स्वत : प्रामाण्य तथा स्वत : अप्रामाण्य
( b ) परत : प्रामाण्य तथा परत : अप्रामाण्य
( c ) परत : प्रामाण्य तथा स्वत : अप्रामाण्य
( d ) स्वत : प्रामाण्य तथा परत : अप्रामाण्य
उत्तर - d
106- निम्नलिखित में से कौन - सा मीमांसक दर्शन के अनुसार नहीं है ?
( a ) स्वत : प्रामाण्यवाद
( b ) ज्ञाततावाद
( c ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद
( d ) अन्यथाख्यातिवाद
उत्तर - d
107- निम्नलिखित में कौन सुमेलित नहीं है ?
( a ) कुमारिल - अनुपलब्धि
( b ) प्रभाकर - अनुपलब्धि
( c ) कुमारिल - अर्थापत्ति
( d ) प्रभाकर - अर्थापत्ति
उत्तर - b
108- कुमारिल के अनुसार अभाव कहाँ सम्भव होता है ?
( a ) अनुपलब्धि से
( b ) उपमान से
( c ) अर्थापत्ति से
( d ) अनुमान से
उत्तर - a
109- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) जैमिनी ने यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए तीन प्रमाण बताए ।
( b ) प्रभाकर ने यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए पाँच प्रमाण बताए
( c ) प्रभाकर के अनुसार अभाव नामक कोई वस्तु नहीं होती है , इसलिए अभाव को ग्रहण करने के लिए अनुपलब्धि को प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर - d
110- प्रभाकर मानते हैं
( a ) अभिहितान्वयवाद
( b ) अखण्ड वाक्यवाद
( c ) अन्विताभिधानवाद
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - c
111- निम्नलिखित में कौन - सा सुमेलित नहीं है ?
( a ) असत्ख्याति - शून्यवाद
( b ) अख्याति - कुमारिल
( c ) अन्यथाख्याति - न्याय
( d ) सत्ख्याति - रामानुज
उत्तर - b
112- निम्नलिखित में कौन - सा सुमेलित नहीं है ?
( a ) शंकर - अनिर्वचनीय ख्याति
( b ) कुमारिल - विपरीतख्याति
( c ) रामानुज - सत्ख्याति
( d ) प्रभाकर - अन्यथाख्याति
उत्तर - d
113- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) भ्रम के सिद्धान्त अख्यातिवाद का प्रतिपादन प्रभाकर द्वारा किया गया ।
( b ) प्रभाकर के अनुसार भ्रम असत् है ।
( c ) कुमारिल भ्रम के सन्दर्भ में अपने वस्तुवाद का परित्याग कर देते हैं ।
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर - d
114- निम्नलिखित में कौन - सा कथन सही है ?
( a ) जैमिनी ने ईश्वर का उल्लेख नहीं किया है
( b ) पूर्व - मीमांसा में देवताओं की कल्पना बलि - प्रदान के सन्दर्भ में है ।
( c ) मैक्समूलर ने मीमांसा दर्शन को निरीश्वरवादी कहने में आपत्ति प्रकट
( d ) उपरोक्त सभी
उत्तर - d
115- " वैदिक यज्ञों का सम्पादन उन्हीं से निमित्त किया जाना चाहिए , किसी परिमाण के लिए नहीं । " यह मत है ।
( a ) कुमारिल का
( b ) प्रभाकर का
( c ) ' a ' और ' b ' दोनों
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - c
116- प्रभाकर के अनुसार किसी भी विषय के प्रत्यक्षीकरण में आत्मा . . . . . . और विषय का प्रत्यक्षीकरण होता है ।
( a ) परमात्मा
( b ) ज्ञान
( c ) ज्ञाता
( d ) पदार्थ
उत्तर - b
117- प्रत्यक्ष वस्तु ( धुआँ ) के आधार पर अप्रत्यक्ष वस्तु ( अग्नि ) का ज्ञान प्राप्त करना ही . . . . . . . की प्रक्रिया का आधार है ।
( a ) प्रत्यक्ष
( b ) उपमान
( c ) अनुमान
( d ) शब्द
उत्तर - c
118- षड्दर्शनों में . . . . . . . ही एक ऐसा दर्शन है जो वेदों को सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मानता है ।
( a ) सांख्य
( b ) योग
( c ) न्याय
( d ) मीमांसा
उत्तर - d
119- कुमारिल के अनुसार किसी पदार्थ का ज्ञान प्राप्त होने पर उस धर्म में . . . . . . नामक धर्म का उदय होता है ।
( a ) ज्ञातता
( b ) त्रिपुटि - प्रत्यक्षवाद
( c ) अभाव
( d ) अनुपलब्धि
उत्तर - a
120- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन सुमेलित है ?
( a ) प्रमा किसी वस्तु का अयथार्थ ज्ञान है - मीमांसक
( b ) शब्द अनित्य है , क्योंकि ये उत्पन्न तथा नष्ट होते हैं — नैयायिक
( c ) अनुपलब्धि एक प्रमाण है - प्रभाकर
( d ) अनुपलब्धि स्वतन्त्र प्रमाण नहीं है - कुमारिल
उत्तर - b
121- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन सुमेलित है ?
( a ) यह विधि कर्म के स्वरूपमात्र को बताने वाली है - प्रयोग विधि
( b ) यह फर्म के अंग तथा प्रधान विषयों की सम्बोधक है - उत्पत्ति विधि
( c ) यह फर्म से उत्पन्न फल के स्वामित्व की ओर संकेत करती है - विनियोग विधि
( d ) यह प्रयोग की शीघ्रता की बोधक है - अधिकार विधि
उत्तर - d
122- सही कालक्रम है
( a ) कपिल → शंकराचार्य → जैमिनी → कुमारिल
( b ) जैमिनी → कुमारिल → शंकराचार्य → कपिल
( c ) जैमिनी → कुमारिल→ कपिल → शंकराचार्य
( d ) कपिल → जैमिनी → कुमारिल → शंकराचार्य
उत्तर - d
123- वह मुख्य बात कौन - सी है , जिस पर पूर्व - मीमांसा और उत्तर मीमांसा एकमत है ?
( a ) आत्मा ( जीव ) निष्क्रिय है
( b ) वेद सभी ज्ञान की आधारशिला हैं
( c ) वेद पौरुषेय हैं
( d ) जगत् आभास है
उत्तर - b
124- किसके अनुसार शब्द केवल जाति को निर्दिष्ट करता है ?
( a ) कुमारिल
( b ) कणाद
( c ) वात्स्यायन
( d ) धर्मकीर्ति
उत्तर – a
125- विज्ञानवादी - बौद्धमत के भ्रम सिद्धान्त का नाम है
( a ) असत्ख्याति
( b ) सत्ख्याति
( c ) आत्मख्याति
( d ) अनिर्वचनीय ख्याति
उत्तर - c
126- कुमारिल की ज्ञान मीमांसा के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन असंगत है ?
( a ) स्वत : प्रामाण्यवाद
( b ) विपरीतख्यातिवाद
( c ) परत : प्रामाण्यवाद
( d ) अभिहितान्वयवाद
उत्तर - c
127- किसके अनुसार अनुपलब्धि एक स्वतन्त्र प्रमाण है ?
( a ) रामानुज
( d ) प्रभाकर
( b ) मध्व
( c ) कुमारिल
उत्तर - c
128- अन्विताभिधानवाद का समर्थन निम्नलिखित में से किस दार्शनिक किया है ?
( a ) प्रभाकर और मण्डन
( b ) कुमारिल और वाचस्पति
( c ) गौतम और प्रशस्तपाद
( d ) नागार्जुन और दिङ्नाग
उत्तर - a
129- एक के सिवाय निम्नलिखित में से सभी तर्क वाक्य पूर्व - मीमांसा के प्रभाकर सम्प्रदाय से सुसंगत हैं ?
( a ) ज्ञान त्रिपुटी से बना है
( b ) अन्विताभिधानवाद की हिमायत
( c ) एक स्वतन्त्र प्रमाण के रूप में अनुपलब्धि की हिमायत
( d ) अकरण की क्रिया के रूप में प्रत्यक्षपरक गलती ।
उत्तर - c
130- अधोलिखित में से कौन - सा कथन पूर्व - मीमांसा के कुमारिल सम्प्रदाय के साथ संगत नहीं है ?
( a ) अभिहितान्वयवाद का समर्थन
( b ) प्रत्यक्षगत भ्रम में सीपी और चाँदी का परस्पर अध्यारोपण
( c ) ज्ञान त्रिपुटि संरचित है ।
( d ) प्रत्यक्षगत भ्रम एक कार्य की स्वीकृति है
उत्तर - c
131- मीमांसा - दर्शन में निम्नलिखित तर्क वाक्यों में कौन सही नहीं हैं ?
( a ) मीमांसा , स्वत : प्रामाण्यवाद का समर्थन करता है
( b ) आत्मा सक्रिय है
( c ) वेद अपौरुषेय हैं
( d ) सीपी - चाँदी भ्रम में प्रत्यक्षपरक त्रुटि अभ्यास के कारण है
उत्तर - d
132- निम्नलिखित में से कौन - सा ख्याति का सिद्धान्त यह स्पष्ट करता है कि " ख्याति आंशिक और अपूर्ण दो प्रकार के ज्ञान के बीच अन्तर का बोध न हो पाना है " ?
( a ) विपरीतख्याति
( b ) अख्याति
( c ) यथार्थख्याति
( d ) अन्यथाख्याति
उत्तर - b
133- पूर्व - मीमांसा के अनुसार , निम्नलिखित में से कौन ज्ञान की नवीनता को सूचित करता है ?
( a ) यथार्थ
( b ) बाधक ज्ञानरहित
( c ) अग्रहिताग्राहि
( d ) कारणदोषरहित
उत्तर - c
134- पूर्व - मीमांसा के अनुसार वेद निर्मिति है
( a ) ईश्वर की
( b ) भगवान कृष्ण की
( c ) व्यास की
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - d
135- निम्नलिखित में से किसने अन्विताभिधानवाद का समर्थन किया है ?
( a ) गौतम
( b ) प्रभाकर
( c ) कुमारिल
( d ) कणाद
उत्तर - b
136- ' प्रत्येक अनुभूति प्रमा हैं ' - यह सिद्धान्त . . . . . . . के द्वारा प्रतिपादित किया गया ।
( a ) न्याय
( b ) चार्वाक
( c ) प्रभाकर
( d ) कुमारिल
उत्तर - c
137- मिथ्या प्रतीति के विषय में रामानुज को निम्नलिखित सिद्धान्तों में कौन - सा एक मान्य है ?
( a ) सख्याति
( b ) असत्ख्याति
( c ) आत्मख्याति
( d ) अनिर्वचनीय ख्याति
उत्तर - a
138- मीमांसा के अनुसार , ज्ञान का प्रामाण्य है
( a ) स्वतः
( b ) परत :
( c ) ' a ' और ' b ' दोनों
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - a
139- निम्न कथनों पर विचार कीजिए ।
1 . पूर्व - मीमांसा को मीमांसा तथा उत्तर मीमांसा को वेदान्त कहा जाता है ।
2 . वेदान्त का सम्बन्ध उपनिषदों से है ।
3 . पूर्व - मीमांसा को कर्म मीमांसा या धर्म मीमांसा भी कहते हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
140- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . कुमारिल भट्ट को मीमांसा दर्शन का प्रवर्तक माना जाता है ।
2 . मीमांसा सूत्र के लेखक जैमिनी थे ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - b
141- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसा दर्शन ईश्वरवादी है ।
2 . मीमांसा दर्शन वेदों में आस्था रखता था ।
3 . कुमारिल ने अनुपलब्धि को भी प्रमाण माना है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - से कथन सही हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 1 और 3
( c ) 2 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - c
142- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसकों के अनुसार वेद के शब्द नित्य हैं ।
2 . जैमिनी ने यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए पाँच प्रमाणों को स्वीकार किया है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - a
143- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . न्याय दर्शन में अर्थापत्ति को प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है ।
2 . मीमांसकों ने अर्थापत्ति तथा अनुपलब्धि को प्रमाण माना है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
144- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . परत : प्रामाण्यवाद सिद्धान्त का प्रतिपादन मीमांसकों के द्वारा किया गया ।
2 . स्वतःप्रामाण्यवाद का प्रतिपादन नैयायिकों ने किया ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - d
145- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसकों के अनुसार “आसमान में काले बादल हैं, यह ज्ञान स्वत : प्रामाणित है ।
2 . नैयायिकों के साथ - साथ बौद्ध दार्शनिक भी परत : प्रामाण्यवादी हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
146- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . श्रुति हिन्दू धर्म के प्राचीनतम धर्मग्रन्थों का समूह है ।
2 . वेदों को श्रुति भी कहा जाता है ।
3 . वेद की संख्या चार है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
147- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . वेदों में आस्था होने के कारण मीमांसा को आस्तिक दर्शन कहा जाता है ।
2 . जैन दर्शन आस्तिक दर्शन है ।
3 . चार्वाक और बौद्ध नास्तिक दर्शन है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - c
148- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसा दर्शन में वेदों को अपौरुषेय नहीं माना गया है ।
2 . सांख्य दर्शन वेदों को अपौरुषेय मानता है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - b
149- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . श्रुति वाक्यों का वर्गीकरण तीन भागों में किया गया है ।
2 . सिद्धार्थ वाक्य से किसी सिद्ध पुरुष के बारे में ज्ञात होता है ।
3 . विधायक वाक्य किसी कार्य को करने का आदेश देता है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - b
150- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसा दर्शन में विधिवाक्यों को ही धर्म का लक्षण स्वीकार किया गया है ।
2 . अधिकार विधि प्रयोग की शीघ्रता की बोधक है ।
3 . प्रयोग विधि कर्म के अंग तथा प्रधान विषयों की सम्बोधक है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - a
151- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . निषेध का शाब्दिक अर्थ अवज्ञा के समरूप होता है ।
2 . प्रभाकर के अनुसार अर्थवाद भी कर्म का सहायक बनकर ही प्रामाणिक हो सकता है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
152- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . सूत्र ' अथातो धर्म जिज्ञासा ' का सम्बन्ध जैमिनी सूत्र से है ।
2 . मीमांसकों के अनुसार यज्ञ करने का उद्देश्य अपनी भावना को शुद्ध करना है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
153- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसा दर्शन में वेदों की नित्यता को सिद्ध करने के लिए शब्द नित्यवाद का सिद्धान्त दिया गया है ।
2 . मीमांसा के अनुसार मनुष्य के शब्द उच्चारण के प्रयत्न से ही शब्द की उत्पत्ति होती है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - a
154- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . कुमारिल एवं प्रभाकर मीमांसा दर्शन के आचार्य थे ।
2 . गुरु सम्प्रदाय के प्रवर्तक कुमारिल थे ।
3 . कुमारिल ने 6 प्रमाणों को माना है , जबकि प्रभाकर ने 5 प्रमाणों को माना है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) 1 और 3
( c ) 2 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - b
155- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . कुमारिल न्याय - वैशेषिक दर्शन द्वारा स्वीकृत विशेष एवं समवाय को - पदार्थ नहीं मानते ।
2 . कुमारिल मीमांसा के आठ पदार्थों को स्वीकार करते हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - a
156- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . द्रव्यों की संख्या को लेकर कुमारिल एवं प्रभाकर के बीच मतभेद हैं ।
2 . प्रभाकर द्रव्यों की संख्या 11 तथा कुमारिल द्रव्यों की संख्या 9 मानते हैं ।
3 . कुमारिल तमस को भी द्रव्य मानते हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - c
157- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . प्रभाकर आत्मा को चेतन्य स्वरूप मानते हैं ।
2 . कुमारिल आत्मा को विभु एवं नित्य मानते हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - b
158- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . कुमारिल मोक्ष को आत्मा के लिए आनन्द की अवस्था मानते हैं ।
2 . प्रभाकर के अनुसार मोक्ष की अवस्था आनन्द की अवस्था नहीं है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
159- निम्न कथनों पर विचार कीजिए ।
1 . प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के तीन आयाम हैं - ज्ञाता , ज्ञेय तथा ज्ञान ।
2 . प्रभाकर का ज्ञान विषयक मत ' त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद ' कहलाता है ।
3 . प्रभाकर के अनुसार ज्ञान स्वप्रकाश है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
160- निम्न कथनों पर विचार कीजिए ।
1 . कुमारिल का ज्ञान विषयक मत ज्ञाततावाद कहलाता है ।
2 . कुमारिल के अनुसार किसी पदार्थ का ज्ञान प्राप्त होने पर उस धर्म में ज्ञातता नामक धर्म का उदय होता है ।
3 . त्रिपुटि संवित का सम्बन्ध भी कुमारिल से ही है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - a
161- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . प्रभाकर ने अनुपलब्धि को भी प्रमाण के रूप में स्वीकार किया है ।
2 . प्रभाकर के अनुसार अभाव नामक कोई वस्तु नहीं होती है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - b
162- निम्न कथनों पर विचार कीजिए ।
1 . कुमारिल के भट्ट सम्प्रदाय ने अभिहितान्वयवाद का समर्थन किया है ।
2 . अन्विताभिधानवाद के समर्थक प्रभाकर हैं ।
3 . अभिहितान्वयवाद तथा अन्विताभिधानवाद मीमांसा दर्शन से सम्बद्ध है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
163- निम्न कथनों का विचार कीजिए ।
1 . आत्मख्यातिवाद विज्ञानवादी बौद्धों का सिद्धान्त है ।
2 . सत्ख्यातिवाद सिद्धान्त का प्रतिपादन शंकराचार्य ने किया है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - a
164- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . भ्रम के सिद्धान्त अख्यातिवाद का प्रतिपादन कुमारिल ने किया था ।
2 . विपरीतख्यातिवाद का प्रतिपादन प्रभाकर ने किया था ।
3 . विपरीतख्यातिवाद के अनुसार भ्रम इसलिए पैदा होता है, क्योंकि हमारा मन दो आंशिक, अपूर्ण तथा विपरीत वृत्तियों को आपस में जोड़कर निर्णय देता है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) केवल 3
उत्तर - d
165- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . पूर्व - मीमांसा दर्शन अनीश्वरवादी है, लेकिन देवताओं की चर्चा बलि - प्रदान के सन्दर्भ में की है ।
2 . कुमारिल और प्रभाकर के अनुसार जगत् की सृष्टि और विनाश में ईश्वर की कोई भूमिका नहीं है ।
3. बाद में मीमांसकों ने इस दर्शन में ईश्वर के महत्त्व को स्वीकारा है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( c ) 1 और 3
( b ) 1, 2 और 3 और
उत्तर - d
166- मीमांसा दर्शन को कहा जाता है
1 . कर्म मीमांसा
2 . धर्म मीमांसा
3 . ब्रह्ममीमांसा
कूट
( a ) 1 और 3
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 2
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - c
167- प्रभाकर के अनुसार यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति हेतु प्रमाण है
1 . प्रत्यक्ष
2 . अनुमान
3 . उपमान
4 . अनुपलब्धि
5. शब्द
6 . अर्थापत्ति
कुट
( a ) 1 , 2 , 3 , 5 और 6
( b ) 2 , 3 , 4 , 5 और 6
( c ) 1 , 2 , 3 , 4 और 5
( d ) 1 , 2 , 3 , 4 , 5 और 6
उत्तर - a
168- प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के आयाम हैं
1 . ज्ञाता
2 . ज्ञेय
3 . ज्ञान
4 . आत्मा
कूट
( a ) 1 और 3
( b ) 2 , 3 और 4
( c ) 1 , 2 और 3
( d ) 1 , 2 , 3 और 4
उत्तर - c
169- शंकराचार्य के अनुसार भ्रम के घटक हैं
1 . अधिष्ठान
2 . अध्यस्त
3 . अध्यास
कूट
( a ) केवल 1
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
170- अनुपलब्धि के सन्दर्भ में कौन - सा कथन सही है ?
1 . कुमारिल भट्ट अनुपलब्धि को एक स्वतन्त्र प्रमाण मानते हैं ।
2 . प्रभाकर तथा नैयायिक अनुपलब्धि को एक स्वतन्त्र प्रमाण के रूप में स्वीकार करते हैं ।
3 . अद्वैत वेदान्ती अनुपलब्धि को एक स्वतन्त्र प्रमाण के रूप में स्वीकार करते हैं ।
कूट
( a ) 1 , 2 और 3
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) केवल 1
उत्तर - c
171- प्रामाण्यवाद के सन्दर्भ में कौन - सा कथन सही है ?
1 . प्रामाण्यवाद के अन्तर्गत यह बताने का प्रयास किया गया है कि ज्ञान में प्रामाण्य कैसे उत्पन्न होता है ।
2 . प्रामाण्य के सम्बन्ध में मुख्यत : दो सिद्धान्त हैं - स्वत : प्रामाण्यवाद तथा परतःप्रामाण्यवाद ।
3 . नैयायिकों द्वारा परत : प्रामाण्यवाद तथा मीमांसकों द्वारा स्वतःप्रामाण्यवाद का प्रतिपादन किया गया ।
कूट
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
172- कुमारिल तथा प्रभाकर सम्प्रदाय के मतभेद के सन्दर्भ में कौन - सा कथन सही है ?
1 . प्रभाकर मीमांसा में आठ पदार्थों को स्वीकार करते हैं , जबकि कुमारिल पाँच पदार्थों को स्वीकार करते हैं ।
2 . प्रभाकर के अनुसार द्रव्य की संख्या 11 है , जबकि कुमारिल के अनुसार नद्रव्य की संख्या 9 है ।
3 . कुमारिल ने मोक्ष को आत्मा के लिए आनन्द की अवस्था माना है , जबकि प्रभाकर के अनुसार यह मोक्ष की अवस्था नहीं है ।
( a ) 1 और 2
( b ) 2 आर 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 ,2 और 3
उत्तर - c
173- निरीश्वरवाद के सन्दर्भ में कौन - सा कथन सही है ?
1 . पूर्व - मीमांसा के प्रवर्तक जैमिनी ने ईश्वर का उल्लेख किया है ।
2 . पूर्व - मीमांसा दर्शन में ईश्वर का स्थान नहीं है लेकिन देवताओं की चर्चा है ।
3 . कुमारिल ईश्वर को वेद का निर्माता नहीं मानते हैं ।
कूट
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
*निर्देश दिए गए कथन और कारणों पर विचार कीजिए तथा कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए ।
कूट
( a ) A और R दोनों सही हैं तथा R , A की सही व्याख्या है
( b ) A और R दोनों सही हैं , परन्त R . A की सही व्याख्या नहीं है
( c ) A सही है , किन्तु R गलत है
( d ) A गलत है , किन्तु R सही है ।
174- कथन ( A ) ज्ञान स्वतः प्रकाशमान है ।
कारण ( R ) उसे स्वयं को प्रकाशित करने के लिए किसी अन्य की अपेक्षा नहीं रहती है ।
उत्तर - a
175- कथन ( A ) अर्थापत्ति के द्वारा उपलब्ध ज्ञान विशिष्ट प्रकार का होता है ।
कारण ( R ) क्योंकि यह प्रत्यक्ष अनुमान या शब्द के अन्तर्गत नहीं आता ।
उत्तर - a
176- कथन ( A ) जिस वस्तु की जिस परिस्थिति में उपलब्धि होनी चाहिए , उस परिस्थिति में उसकी उपलब्धि नहीं होने से ही उसका अभाव जाना जाता है ।
कारण ( R ) अभाव ज्ञान का कारण योगानुपलब्धि है ।
उत्तर - a
177- कथन ( A ) सत्य स्वत : प्रकाशित होता है ।
कारण ( R ) जब कोई ज्ञान उत्पन्न होता है , तब उसी में उसकी सत्यता का गुण भी सन्निहित रहता है ।
उत्तर - a
178- कथन ( A ) मीमांसक ईश्वर को नहीं मानते हैं ।
कारण ( R ) क्योंकि उन्होंने ईश्वर को नहीं देखा है ।
उत्तर - c
179- कथन ( A ) कोई ज्ञान भ्रमरूप नहीं होता ।
कारण ( R ) ज्ञान स्वप्रकाश एवं स्वप्रमाण होता है
उत्तर - a
180- कथन ( A ) ज्ञान का प्रमाण्य उस ज्ञान की उत्पादन सामग्री में ही विद्यमान रहता है , कहीं बाहर से नहीं आता ।
कारण ( R ) ज्ञान उत्पन्न होते ही उसके प्रामाण्य का भी ज्ञान हो जाता है ।
उत्तर - c
181- कथन ( A ) मीमांसकों के अनुसार कर्त्तव्य का पालन करना हमारा धर्म है ।
कारण ( R ) हमने कर्त्तव्य के पालन हेतु जन्म लिया है ।
उत्तर - a
182- कथन ( A ) मीमांसा दर्शन को पूर्व - मीमांसा भी कहते हैं ।
कारण ( R ) यह दर्शन कर्मकाण्ड पर आधारित है ।
उत्तर - a
183- कथन ( A ) ज्ञातता नामक गुण की कल्पना विचित्र प्रतीत होती है ।
कारण ( R ) यदि एक ही वस्तु किसी व्यक्ति द्वारा जानी गई है और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं , तो उसकी व्याख्या सम्भव नहीं है ।
उत्तर - a
184- कथन ( A ) कोई ज्ञान भ्रमरूप नहीं होता है ।
कारण ( R ) ज्ञान स्वप्रकाश तथा स्वप्रभाव होता है ।
उत्तर - b
185- कथन ( A ) वेद कभी गलत न होने वाले प्रमाण हैं ।
कारण ( R ) वेदों का रचयिता सर्वज्ञ ईश्वर है ।
उत्तर - c
186- कथन ( A ) अपूर्व को संचालित करने के लिए ईश्वर की आवश्यकता नहीं है ।
कारण ( R ) अपूर्व स्वयं से संचालित होता है ।
उत्तर - a
187- कथन ( A ) मीमांसा जगत् के सृष्टि और प्रलय को नहीं मानती ।
कारण ( R ) जगत् सदा वर्तमान है ।
उत्तर - a
188- कथन ( A ) मीमांसकों के अनुसार वेद विश्वसनीय हैं ।
कारण ( R ) वेद अपौरुषेय हैं ।
उत्तर - a
189- कथन ( A ) मीमांसा आत्माओं की अनेकता को स्वीकार करता है ।
कारण ( R ) प्रत्येक आत्मा अपने स्वयं के कर्मों के लिए उत्तरदायी है और उसे अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है ।
उत्तर - c
190- कथन ( A ) अख्यातिवाद की मान्यता है कि मिथ्या प्रतीति का कारण दो भिन्न विषय वस्तुओं के संज्ञान में विभेद का अभाव है।
कारण ( R ) मिथ्या प्रतीति का कारण विषय - वस्तुओं और उनके प्रतिरूपों में गलत संश्लेषण करना है ।
उत्तर - c
191- कथन ( A ) मीमांसा मतानुसार वेद नित्य हैं ।
कारण ( R ) मीमांसा मतानुसार शब्द नित्य हैं ।
( a ) A और R दोनों सत्य हैं तथा R . A की सही व्याख्या है ।
( b ) A और R दोनों सत्य हैं , परन्तु R , A की सही व्याख्या नहीं है ।
( c ) A सत्य है , R असत्य है तथा R , A की सही व्याख्या प्रस्तुत नहीं करता
( d ) A असत्य है , R सत्य है तथा R , A की सही व्याख्या प्रस्तुत करता है ।
उत्तर - a
1- मीमांसा अथवा पूर्व - मीमांसा दर्शन के प्रवर्तक कौन थे ? - जैमिनी
2- मीमांसा दर्शन से सम्बन्धित ' मीमांसा सूत्र ' ग्रन्थ की रचना की थी - जैमिनी
3- मीमांसा दर्शन के भट्ट मत के संस्थापक थे - कुमारिल भट्ट
4- जैमिनी दर्शन से सम्बन्धित ग्रन्थ ' त्रिपादी नीतिनयन ' के लेखक हैं - मुरारी मिश्र
5- छ : प्रमाणों को किसने माना है ? - अद्वैत वेदान्त एवं कुमारिल भट्ट ने
6- मीमांसा दर्शन द्वारा कौन-से स्वीकृत प्रमाण है - प्रत्यक्ष , अनुमान , शब्द , उपमान , अनुपलब्धि
7- ' अनुपलब्धि ' को स्वतन्त्र प्रमाण किसने माना है ? - कुमारिल भट्ट ने
8- एक स्वतन्त्र प्रमाण के रूप में अनुपलब्धि का पक्ष समर्थन किया है - कुमारिल ने
9- देवदत्त मोटा है । वह दिन में कभी कुछ नहीं खाता । अत: वह रात्रि में अवश्य खाता होगा । यह किसका उदाहरण है? - अर्थापत्ति का
10- जैमिनी के अनुसार प्रमाण तीन हैं , परन्तु प्रभाकर ने दो और प्रमाणों को जोड़ा है , वे हैं - उपमान एवं अर्थापत्ति
11- अर्थापत्ति और अनुपलब्धि को वैध ज्ञान का स्रोत किस दर्शन ने माना गया है - मीमांसा ने
12- किस दर्शन को वेदान्त दर्शन कहा जाता है ? - उत्तर मीमांसा दर्शन
13- मीमांसा दर्शन ज्ञान के विषय में मानता है कि - ज्ञान स्वत : प्रामाण्य है
14- कौन - सा दार्शनिक निकाय प्रामाण्य को स्वतः और अप्रामाण्य को परत : मानता है ? - पूर्व - मीमांसा
15- अति वाक्य अथवा वेद वाक्यों का वर्गीकरण कितने भागों में किया गया है? - दो भागों में
16- " वेद वाक्य क्रियार्थक होते हैं अन्यथा वे स्वत: निरर्थक होते हैं । " यह मत है - मीमांसा का
17- मीमांसा के अनुसार वेद विश्वसनीय प्रमाण हैं, क्योंकि - वेदों के रचयिता कोई नहीं हैं, वे अपौरुषेय हैं
18- कौन - सा भारतीय दर्शन - सम्प्रदाय वैदिक कर्मकाण्ड को महत्त्व देता है? - मीमांसा दर्शन
19- वेदों को शाश्वत और अपौरुषेय किस दर्शन ने माना है? - मीमांसा दर्शन ने
20- मीमांसा दर्शन के अनुसार विधि के कितने प्रकार हैं? - 4 प्रकार के
21- वे वाक्य जो अदिष्ट कर्मों की प्रशंसा करते हैं और निषिद्ध कमों की निन्दा करते हैं, कहलाते हैं - अर्थवाद
22- मीमांसा दर्शन में किसकी सत्यता के निर्धारण के लिए एकमात्र शब्द को ही प्रमाण माना गया है? - धर्म की
23- मीमांसा दर्शन के अनुसार मोक्ष का अर्थ है - पीड़ा तथा दुःख भोग से मुक्ति
24- पूर्व मीमांसा के अनुसार व्यक्ति अपने कर्मों का फल किनके द्वारा प्राप्त करता है? - अपूर्व
25- मीमांसा के अनुसार उचित कर्म वह है, जो - वैदिक विधि द्वारा अनुमोदित होने पर किया जाए
26- मीमांसा दर्शन के अनुसार मोक्ष प्राप्त किया जाता है - कर्म द्वारा
27- यह किसका यह मत है कि वेदों के अर्थ तो नित्य हैं, परन्तु वैदिक मन्त्र नित्य नहीं हैं? - शंकराचार्य का
28- मीमांसा दर्शन में शब्दों की नित्यता के लिए कौन - सा सिद्धान्त दिया गया है? - शब्दनित्यवाद
29- गुरु सम्प्रदाय जिसके प्रवर्तक प्रभाकर हैं, का सम्बन्ध किस दर्शन से है? - पूर्व - मीमांसा
30- कुमारिल के द्वारा माने गए छ: प्रमाणों में किस प्रमाण को प्रभाकर ने प्रमाण नहीं माना है? - अनुपलब्धि को
31- किसका मत है कि किसी स्थान विशेष एवं काल विशेष में जो वस्तु उपलब्ध होने योग्य है, उसका वहाँ न होना ही अनुपलब्धि है? - कुमारिल का
32- गुरु सम्प्रदाय के प्रभाकर मीमांसा में कितने पदार्थों को स्वीकार करता है? - 8
33- भट्ट सम्प्रदाय के कुमारिल मीमांसा में कितने पदार्थों को स्वीकार किया गया है? - 5
34- कुमारिल के अनुसार तमस में होते हैं - गुण तथा कर्म
35- यथार्थ ज्ञान विविध प्रकाश है । यह ज्ञाता, ज्ञेय और स्वयं को प्रकाशित करता है । इसे प्रतिपादित किया है - प्रभाकर ने
36- प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के कितने आयाम हैं? - तीन
37- किसका मत है कि ज्ञान स्वप्रकाश नहीं होता? - कुमारिल का
38- ज्ञाततावाद को किसने स्वीकार किया है? - कुमारिल ने
39- ज्ञान का अनुमान ज्ञातता नामक लिंग से होता है और इसी से इसके प्रामाण्य का ज्ञान भी होता है, परन्तु इसके अप्रामाण्य का ज्ञान विफल प्रवृत्ति से होता है । यह मत है - भट्ट मीमांसा का
40- किसका मानना है कि किसी पदार्थ का ज्ञान प्राप्त होने पर उस धर्म में ज्ञातता नामक धर्म का उदय होता है? - कुमारिल का
41- कुमारिल के अनुसार अभाव ज्ञान का स्वतन्त्र प्रमाण कौन-सा है - अनुपलब्धि
42- कुमारिल यह स्थापित करते हैं कि अभाव ज्ञान के लिए एक स्वतन्त्र प्रमाण है । वह प्रमाण - अनुपलब्धि है
43- अभिहितान्वयवाद का प्रतिपादन किसने किया है? - मीमांसा दर्शन ने
44- अभिहितान्वयवाद के प्रवर्तक हैं - कुमारिल भट्ट
45- ख्याति शब्द का शाब्दिक अर्थ है - प्रेम
46- प्रभाकर का भ्रम सिद्धान्त कहलाता है - अख्यातिवाद
47- किसके अनुसार “जब ज्ञान ही नहीं होता तो भ्रम की मिथ्या ज्ञान कह ही नहीं सकते"? - प्रभाकर के अनुसार
48- विपरीतख्यातिवाद का प्रतिपादन किनके द्वारा किया गया? - कुमारिल ने
49- अन्यथाख्याति के अनुसार भ्रम क्या है - अन्यथाज्ञान
50- कुमारिल के अनुसार, जाति और व्यक्ति के बीच किस प्रकार का सम्बन्ध होता है? - तादात्म्य
51- ' क्रियात्मक प्रत्यय वाक्य है ' यह मत किसके द्वारा समर्थित है? - मीमांसा का
52- किस मत के अनुसार शब्दों के अर्थ केवल वाक्यों में उनके प्रयोग से सीखा जा सकता है? - मीमांसा के अनुसार
53- सीपी में रजत् का ज्ञान भ्रमपूर्ण होता है, क्योंकि यह गैर - अस्तित्व वाले रजत् को प्रक्षिप्त करता है और हम तब सचेत होते हैं, जब रजत् सम्बन्धी हमारा पहला ज्ञान तत्पश्चात् सीपी के ज्ञान द्वारा खण्डित होता है । यह किसका उदाहरण है? - असत्ख्याति का
54- ख्याति कोई एक ज्ञान नहीं है अपितु दो असम्बद्ध अवबोधों का समुच्चय है । यह मत प्रतिपादित किया गया है - प्रभाकर द्वारा
55- ज्ञान स्वयं में सत्य होना चाहिए, यह विचार प्रतिपादित है - मीमांसा द्वारा
56- पूर्व - मीमांसा के अनुसार, आकृति का तात्पर्य है - संस्थान का
57- कुमारिल के अनुसार, जाति का व्यक्ति से सम्बन्ध जाना जाता है - भेदाभेद सम्बन्ध
58-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
दीपिका
|
वरदराज
|
|
वृहती
|
प्रभाकर मिश्र
|
|
योग सूत्र
|
पतंजलि
|
|
मीमांसा सूत्र
|
जैमिनी
|
59-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
स्लोकवर्तिक
|
कुमारिल भट्ट
|
|
एकाद शाध्यधिकरण
|
मुरारी मिश्र
|
|
न्याय सुधा
|
सोमेश्वर भट्ट
|
|
विधि विवेक
|
मण्डन मिश्र
|
60-
सुमेलित
|
सूची 1 (विद्वान)
|
सूची 2 (प्रमाणों की संख्या)
|
|
जैमिनी
|
3
|
|
कुमारिल
|
6
|
|
प्रभाकर
|
5
|
61-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
त्रिपुटी प्रत्यक्षवाद
|
प्रभाकर
|
|
ज्ञातता
|
कुमारिल
|
|
स्यादवाद
|
महावीर
|
|
प्रतीत्यसमुत्पाद
|
गौतमबुद्ध
|
62-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
ज्ञाततावाद
|
कुमारिल
|
|
सत्ख्याति
|
रामानुज
|
|
त्रिपुटी प्रत्यक्षवाद
|
प्रभाकर
|
|
परमः प्रामाण्यवाद
|
न्याय
|
63-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
अन्यथाख्यातिवाद
|
न्याय
|
|
अनिर्वचनीय ख्यातिवाद
|
वेदान्त (शंकर)
|
|
आत्मख्यातिवाद
|
मीमांसा (प्रभाकर)
|
|
विपरीतख्यातिवाद
|
कुमारिल
|
64-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
सर्प सर्वथा असत् है
|
असत् ख्याति
|
|
सर्प आन्तरिक प्रत्यय है
|
आत्मख्याति
|
|
सर्प वास्तविक है, किन्तु अन्यत्र है
|
अन्यथाख्याति
|
|
सर्प स्मृति रूप है
|
अनिर्वचनीय ख्याति
|
65-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
अन्यथाख्याति
|
न्याय
|
|
विपरीतख्याति
|
कुमारिल
|
|
अख्याति
|
प्रभाकर
|
|
सत् ख्याति
|
रामानुज
|
66- सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
न्याय-वैशेषिक
|
अन्यथाख्याति
|
|
प्रभाकर-मीमांसा
|
अख्याति
|
|
अद्वैतवेदान्त
|
अनिर्वचनीय ख्याति
|
|
विशिष्टाद्वैत
|
यथार्थ ख्याति
|
67-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
न्याय
|
अन्यथाख्याति
|
|
प्रभाकर
|
अख्याति
|
|
शंकर
|
अनिवर्चनीय ख्याति
|
|
कुमारिल
|
विपरीतख्याति
|
68-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
सांख्य दर्शन
|
प्रमाण्यम और अप्रमाण्यम दोनों स्वतः है
|
|
बौद्ध दर्शन
|
प्रमाण्यम परतः और अप्रमाण्यम स्वतः है
|
|
न्याय दर्शन
|
प्रमाण्यम और अप्रमाण्यम दोनों परतः है
|
|
पूर्व-मीमांसा दर्शन
|
प्रमाण्यम स्वतः और अप्रमाण्यम परतः है
|
69-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
शान्तरक्षित
|
अपोहवाद
|
|
प्रभाकर मिश्र
|
अन्विताभिधानवाद
|
|
भर्तृहरि
|
स्फोटवाद
|
|
कुमारिल भट्ट
|
अभिहितान्वयवाद
|
70-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
अख्याति
|
प्रभाकर
|
|
आत्मख्याति
|
विज्ञानवाद
|
|
अन्यथाख्याति
|
न्याय
|
|
अनिवर्चनीय ख्याति
|
अद्वैत वेदान्त
|
71- सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
बौद्ध
|
स्वतः प्रामाण्य, परतः प्रामाण्य
|
|
सांख्य
|
स्वतः प्रामाण्य, अप्रामाण्य
|
|
मीमांसा
|
स्वतः प्रामाण्य, परतः अप्रामाण्य
|
|
न्याय-वैशेषिक
|
परतः प्रामाण्य, अप्रामाण्य
|
72-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
साक्षातप्रतीतः प्रत्यक्षम्
|
प्रभाकर
|
|
विशेषावधारण-प्रधान-प्रत्यक्षम्
|
योग
|
|
प्रत्यक्ष-कल्पनापोढ़म ज्ञानम्
|
दिग्ङनाग
|
|
ज्ञानाकरणकम् ज्ञानं प्रत्यक्षम्
|
गंगेश
|
73-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
सत् ख्याति
|
सांख्य
|
|
अभिनवअन्यथाख्याति
|
मध्व
|
|
आत्मख्याति
|
योगाचार
|
|
असत् ख्याति
|
माध्यमिक बौद्ध
|
74-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
अभिहितान्वयवाद
|
कुमारिल
|
|
अन्विताभिधानवाद
|
प्रभाकर
|
|
स्फोटवाद
|
मण्डन
|
|
अपोहवाद
|
दिङनाग
|
75-
सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
असत् ख्यातिवाद
|
माध्यमिक बौद्ध
|
|
आत्मख्यातिवाद
|
योगाचार बौद्ध
|
|
अन्यथाख्यातिवाद
|
न्याय
|
|
अख्यातिवाद
|
प्रभाकर मीमांसा
|
76- सुमेलित
|
सूची 1
|
सूची 2
|
|
सांख्य
|
स्वतः प्रामाण्य, स्वतः अप्रामाण्य
|
|
बौद्ध
|
परतः प्रामाण्य, स्वतः अप्रामाण्य
|
|
न्याय-वैशेषिक
|
परतः प्रामाण्य, परतः अप्रामाण्य
|
|
मीमांसा
|
स्वतः प्रामाण्य, परतः अप्रामाण्य
|
( a ) उपमान
( b ) अनुमान
( c ) अनुपलब्धि
( d ) अर्थापत्ति
उत्तर - c
78- निम्न में से कौन अनुपलब्धि को स्वतन्त्र प्रमाण मानता है?
( a ) सांख्य
( b ) रामानुज
( c ) मीमांसा
( d ) न्याय
उत्तर - c
79- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है?
( a ) पूर्व - मीमांसा दर्शन अनीश्वरवादी है
( b ) पूर्व - मीमांसा दर्शन आस्तिक है ।
( c ) पूर्व - मीमांसा दर्शन के प्रवर्तक महर्षि जैमिनी थे
( d ) पूर्व - मीमांसा दर्शन नास्तिक है
उत्तर - d
80- महर्षि जैमिनी के अनुसार यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए प्रमाण हैं
( a ) प्रत्यक्ष , अनुमान , उपमान
( b ) प्रत्यक्ष , अनुमान , शब्द
( c ) अनुमान , उपमान , अर्थापत्ति
( d ) उपमान , शब्द , अर्थापत्ति
उत्तर - b
81- निम्नलिखित में से कौन - सा सुमेलित है ?
( a ) मीमांसा - स्वत : अप्रामाण्य
( b ) मीमांसा परत : प्रामाण्य
( c ) बौद्ध दर्शन स्वत : प्रामाण्य
( d ) मीमांसा स्वत : प्रामाण्य
उत्तर - d
82- निम्नलिखित कथनों में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) श्रुति को वेद भी कहा जाता है
( b ) वेद चार हैं - ऋग्वेद , सामवेद , यजुर्वेद , अथर्ववेद
( c ) श्रुति का शाब्दिक अर्थ है - सुना हुआ
( d ) किसी भी वेद के उपवेद नहीं होते हैं
उत्तर - d
83- कौन - सा दर्शन आस्तिक है ?
( a ) चार्वाक
( b ) पूर्व - मीमांसा
( c ) जैन
( d ) बौद्ध
उत्तर - b
84- निम्नलिखित कथनों में कौन - सा कथन सत्य है ?
( a ) चार्वाक , बौद्ध और जैन आस्तिक दर्शन हैं ।
( b ) मीमांसा दर्शन में वेदों को अपौरुषेय कहा गया है
( c ) सांख्य दर्शन वेदों को अपौरुषेय नहीं मानता है
( d ) मीमांसा के अनुसार वेद अनित्य है ।
उत्तर - b
85- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) वेद चार हैं - ऋग्वेद , सामवेद , यजुर्वेद , अथर्ववेद
( b ) सभी वेद के अपने उपवेद हैं
( c ) सांख्य दर्शन वेदों को अपौरुषेय नहीं मानता है
( d ) मीमांसा दर्शन वेदों को अपौरुषेय मानता है ।
उत्तर - c
86- निम्नलिखित में से किसने वेद को अपौरुषेय नहीं माना है ?
( a ) सांख्य दर्शन
( b ) मीमांसा दर्शन
( c ) चार्वाक दर्शन
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - c
87- निम्नलिखित में से कौन - सा सुमेलित नहीं है ?
( a ) वैदिक कर्मकाण्ड में आस्था - मीमांसा
( b ) परत : प्रामाण्य - मीमांसा
( c ) वेदों के अपौरुषेयत्य में आस्था - मीमांसा
( d ) वस्तुवादी दर्शन - मीमांसा
उत्तर - b
88- कौन - सी विधि कर्म के अंग तथा प्रधान विषयों की सम्बोधक है ?
( a ) विनियोग विधि
( b ) प्रयोग विधि
( c ) उत्पत्ति विधि
( d ) अधिकार विधि
उत्तर - a
89- कौन - सी विधि प्रयोगों की शीघ्रता की बोधक है ?
( a ) उत्पत्ति विधि
( b ) विनियोग विधि
( c ) प्रयोग विधि
( d ) अधिकार विधि
उत्तर - d
90- निम्न में से कौन मानता है कि स्वर्ग प्राप्ति हेतु यज्ञ करना चाहिए ।
( a ) बौद्ध
( b ) सांख्य
( c ) अद्वैत
( d ) मीमांसा
उत्तर - d
91- निम्नलिखित में कौन - सा कथन सत्य है ?
( a ) प्रयोग विधि प्रयोग की शीघ्रता का बोधक है
( b ) उत्पत्ति विधि कर्म के अंग तथा प्रधान विषयों की सम्बोधक है
( c ) अधिकार विधि कर्म से उत्पन्न फल के स्वामित्व की ओर संकेत करती है
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर - d
92- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) मीमांसा दर्शन का प्रधान विषय धर्म है ।
( b ) मीमांसा के अनुसार वेद के विधि वाक्य धर्म हैं
( c ) मीमांसा दर्शन के धर्म की सत्यता के निर्धारण के लिए एकमात्र शब्द को ही प्रमाण माना गया है
( d ) मीमांसकों के अनुसार वेद अपौरुषेय नहीं है
उत्तर - d
93- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) मीमांसा में धर्म की प्राप्ति का प्रमख साधन कर्म माना गया है ।
( b ) यहाँ कर्म से आशय वैदिक कर्म से है
( c ) मीमांसा दर्शन धर्म के लिए वेदों के ब्राह्मण ग्रन्थों को आधार मानता है ।
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर - d
94- निम्नलिखित में कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) शब्दनित्यवाद के अनुसार वेद जिन शब्दों से बने हैं , वे शब्द शाश्वत एवं नित्य हैं
( b ) वर्ण एक सार्थक ध्वनि है
( c ) वर्ण के विपरीत ध्वनि नित्य होती है ।
( d ) न्याय दर्शन के अनुसार मनुष्य के शब्द उच्चारण के प्रयत्न से ही शब्द की उत्पत्ति होती है ।
उत्तर - c
95- किस साहित्य के अनुसार अग्नि और ब्राह्मण की उत्पत्ति प्रजापति के मुख से हुई है ?
( a ) वैदिक साहित्य
( b ) जैन साहित्य
( c ) बौद्ध साहित्य
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - a
96- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) द्रव्य , गुण एवं कर्म के विषय में प्रभाकर के विचारों की न्याय , वैशेषिक के विचारों से साम्यता है
( b ) प्रभाकर संख्या को भी एक स्वतन्त्र प्रमाण मानते हैं
( c ) प्रभाकर अभाव को पदार्थ मानते हैं
( d ) कुमारिल पाँच पदार्थों में विश्वास करते हैं
उत्तर - c
97- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) प्रभाकर के अनुसार आत्मा ज्ञाता मात्र है , वह ज्ञान का विषय नहीं हो सकती
( b ) प्रभाकर आत्मा को विभु , नित्य , अजर - अमर तथा निर्विकार मानते हैं ।
( c ) कुमारिल भी आत्मा को विभु एवं नित्य मानते हैं ।
( d ) कुमारिल ज्ञान को आत्मा का गुण मानता है
उत्तर - d
98- अन्वितामिधानवाद शब्द और अर्थ का एक सिद्धान्त है - यह निम्नलिखित में से किसे मान्य है ?
( a ) कुमारिल
( b ) जैमिनी
( c ) प्रभाकर
( d ) उदयोद्कर
उत्तर - c
99- प्रभाकर मीमांसा की असाधारण विशेषता है
( a ) ज्ञाततावाद
( b ) प्रतीत्यसमुत्पाद
( c ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद
( d ) अनेकान्तवाद
उत्तर - c
100- निम्नलिखित में से कौन - सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
( a ) ज्ञाततावाद - कुमारिल
( b ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद - प्रभाकर
( c ) प्रत्यक्षवाद - चार्वाक
( d ) बाह्य प्रत्यक्षवाद - माध्यमिक शून्यवाद
उत्तर - d
101- निम्नलिखित में से कौन - सा प्रभाकर को मान्य है ?
( a ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद , स्वत : प्रामाण्यवाद , अख्यातिवाद
( b ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद , ज्ञाततावाद , अख्यातिवाद
( c ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद , परतःप्रामाण्यवाद , अख्यातिवाद
( d ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद , स्वत : प्रामाण्यवाद , अन्यथाख्यातिवाद
उत्तर - a
102- निम्नलिखित में से किसने शब्द को भी द्रव्य माना है , क्योंकि साक्षात् इन्द्रिय सम्बन्ध से उसका ग्रहण होता है ?
( a ) कुमारिल
( b ) प्रभाकर
( c ) कुमारिल एवं प्रभाकर दोनों
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - a
103- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) प्रभाकर का ज्ञान विषयक मत त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद कहलाता है ।
( b ) प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के तीन आयाम हैं - ज्ञाता , ज्ञेय तथा ज्ञान
( c ) प्रभाकर के अनुसार ज्ञान स्वप्रकाश है ।
( d ) प्रभाकर के अनुसार आत्मा स्वप्रकाश हे
उत्तर - d
104- त्रिपुटि - संवित के सम्बन्ध में कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) ज्ञान विषयक मत त्रिपुटि - संवित का प्रतिपादन प्रभाकर ने दिया
( b ) प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के तीन आयाम हैं - ज्ञाता , ज्ञेय तथा ज्ञान
( c ) प्रभाकर के अनुसार ज्ञान स्वप्रकाश नहीं है ।
( d ) प्रभाकर के अनुसार आत्मा स्वप्रकाश नहीं है ।
उत्तर - c
105- निम्नलिखित में से कौन - सा क्रमशः मीमांसकों तथा नैयायिकों को स्वीकार्य है ?
( a ) स्वत : प्रामाण्य तथा स्वत : अप्रामाण्य
( b ) परत : प्रामाण्य तथा परत : अप्रामाण्य
( c ) परत : प्रामाण्य तथा स्वत : अप्रामाण्य
( d ) स्वत : प्रामाण्य तथा परत : अप्रामाण्य
उत्तर - d
106- निम्नलिखित में से कौन - सा मीमांसक दर्शन के अनुसार नहीं है ?
( a ) स्वत : प्रामाण्यवाद
( b ) ज्ञाततावाद
( c ) त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद
( d ) अन्यथाख्यातिवाद
उत्तर - d
107- निम्नलिखित में कौन सुमेलित नहीं है ?
( a ) कुमारिल - अनुपलब्धि
( b ) प्रभाकर - अनुपलब्धि
( c ) कुमारिल - अर्थापत्ति
( d ) प्रभाकर - अर्थापत्ति
उत्तर - b
108- कुमारिल के अनुसार अभाव कहाँ सम्भव होता है ?
( a ) अनुपलब्धि से
( b ) उपमान से
( c ) अर्थापत्ति से
( d ) अनुमान से
उत्तर - a
109- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) जैमिनी ने यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए तीन प्रमाण बताए ।
( b ) प्रभाकर ने यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए पाँच प्रमाण बताए
( c ) प्रभाकर के अनुसार अभाव नामक कोई वस्तु नहीं होती है , इसलिए अभाव को ग्रहण करने के लिए अनुपलब्धि को प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर - d
110- प्रभाकर मानते हैं
( a ) अभिहितान्वयवाद
( b ) अखण्ड वाक्यवाद
( c ) अन्विताभिधानवाद
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - c
111- निम्नलिखित में कौन - सा सुमेलित नहीं है ?
( a ) असत्ख्याति - शून्यवाद
( b ) अख्याति - कुमारिल
( c ) अन्यथाख्याति - न्याय
( d ) सत्ख्याति - रामानुज
उत्तर - b
112- निम्नलिखित में कौन - सा सुमेलित नहीं है ?
( a ) शंकर - अनिर्वचनीय ख्याति
( b ) कुमारिल - विपरीतख्याति
( c ) रामानुज - सत्ख्याति
( d ) प्रभाकर - अन्यथाख्याति
उत्तर - d
113- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन असत्य है ?
( a ) भ्रम के सिद्धान्त अख्यातिवाद का प्रतिपादन प्रभाकर द्वारा किया गया ।
( b ) प्रभाकर के अनुसार भ्रम असत् है ।
( c ) कुमारिल भ्रम के सन्दर्भ में अपने वस्तुवाद का परित्याग कर देते हैं ।
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर - d
114- निम्नलिखित में कौन - सा कथन सही है ?
( a ) जैमिनी ने ईश्वर का उल्लेख नहीं किया है
( b ) पूर्व - मीमांसा में देवताओं की कल्पना बलि - प्रदान के सन्दर्भ में है ।
( c ) मैक्समूलर ने मीमांसा दर्शन को निरीश्वरवादी कहने में आपत्ति प्रकट
( d ) उपरोक्त सभी
उत्तर - d
115- " वैदिक यज्ञों का सम्पादन उन्हीं से निमित्त किया जाना चाहिए , किसी परिमाण के लिए नहीं । " यह मत है ।
( a ) कुमारिल का
( b ) प्रभाकर का
( c ) ' a ' और ' b ' दोनों
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - c
116- प्रभाकर के अनुसार किसी भी विषय के प्रत्यक्षीकरण में आत्मा . . . . . . और विषय का प्रत्यक्षीकरण होता है ।
( a ) परमात्मा
( b ) ज्ञान
( c ) ज्ञाता
( d ) पदार्थ
उत्तर - b
117- प्रत्यक्ष वस्तु ( धुआँ ) के आधार पर अप्रत्यक्ष वस्तु ( अग्नि ) का ज्ञान प्राप्त करना ही . . . . . . . की प्रक्रिया का आधार है ।
( a ) प्रत्यक्ष
( b ) उपमान
( c ) अनुमान
( d ) शब्द
उत्तर - c
118- षड्दर्शनों में . . . . . . . ही एक ऐसा दर्शन है जो वेदों को सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मानता है ।
( a ) सांख्य
( b ) योग
( c ) न्याय
( d ) मीमांसा
उत्तर - d
119- कुमारिल के अनुसार किसी पदार्थ का ज्ञान प्राप्त होने पर उस धर्म में . . . . . . नामक धर्म का उदय होता है ।
( a ) ज्ञातता
( b ) त्रिपुटि - प्रत्यक्षवाद
( c ) अभाव
( d ) अनुपलब्धि
उत्तर - a
120- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन सुमेलित है ?
( a ) प्रमा किसी वस्तु का अयथार्थ ज्ञान है - मीमांसक
( b ) शब्द अनित्य है , क्योंकि ये उत्पन्न तथा नष्ट होते हैं — नैयायिक
( c ) अनुपलब्धि एक प्रमाण है - प्रभाकर
( d ) अनुपलब्धि स्वतन्त्र प्रमाण नहीं है - कुमारिल
उत्तर - b
121- निम्नलिखित में से कौन - सा कथन सुमेलित है ?
( a ) यह विधि कर्म के स्वरूपमात्र को बताने वाली है - प्रयोग विधि
( b ) यह फर्म के अंग तथा प्रधान विषयों की सम्बोधक है - उत्पत्ति विधि
( c ) यह फर्म से उत्पन्न फल के स्वामित्व की ओर संकेत करती है - विनियोग विधि
( d ) यह प्रयोग की शीघ्रता की बोधक है - अधिकार विधि
उत्तर - d
122- सही कालक्रम है
( a ) कपिल → शंकराचार्य → जैमिनी → कुमारिल
( b ) जैमिनी → कुमारिल → शंकराचार्य → कपिल
( c ) जैमिनी → कुमारिल→ कपिल → शंकराचार्य
( d ) कपिल → जैमिनी → कुमारिल → शंकराचार्य
उत्तर - d
123- वह मुख्य बात कौन - सी है , जिस पर पूर्व - मीमांसा और उत्तर मीमांसा एकमत है ?
( a ) आत्मा ( जीव ) निष्क्रिय है
( b ) वेद सभी ज्ञान की आधारशिला हैं
( c ) वेद पौरुषेय हैं
( d ) जगत् आभास है
उत्तर - b
124- किसके अनुसार शब्द केवल जाति को निर्दिष्ट करता है ?
( a ) कुमारिल
( b ) कणाद
( c ) वात्स्यायन
( d ) धर्मकीर्ति
उत्तर – a
125- विज्ञानवादी - बौद्धमत के भ्रम सिद्धान्त का नाम है
( a ) असत्ख्याति
( b ) सत्ख्याति
( c ) आत्मख्याति
( d ) अनिर्वचनीय ख्याति
उत्तर - c
126- कुमारिल की ज्ञान मीमांसा के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन असंगत है ?
( a ) स्वत : प्रामाण्यवाद
( b ) विपरीतख्यातिवाद
( c ) परत : प्रामाण्यवाद
( d ) अभिहितान्वयवाद
उत्तर - c
127- किसके अनुसार अनुपलब्धि एक स्वतन्त्र प्रमाण है ?
( a ) रामानुज
( d ) प्रभाकर
( b ) मध्व
( c ) कुमारिल
उत्तर - c
128- अन्विताभिधानवाद का समर्थन निम्नलिखित में से किस दार्शनिक किया है ?
( a ) प्रभाकर और मण्डन
( b ) कुमारिल और वाचस्पति
( c ) गौतम और प्रशस्तपाद
( d ) नागार्जुन और दिङ्नाग
उत्तर - a
129- एक के सिवाय निम्नलिखित में से सभी तर्क वाक्य पूर्व - मीमांसा के प्रभाकर सम्प्रदाय से सुसंगत हैं ?
( a ) ज्ञान त्रिपुटी से बना है
( b ) अन्विताभिधानवाद की हिमायत
( c ) एक स्वतन्त्र प्रमाण के रूप में अनुपलब्धि की हिमायत
( d ) अकरण की क्रिया के रूप में प्रत्यक्षपरक गलती ।
उत्तर - c
130- अधोलिखित में से कौन - सा कथन पूर्व - मीमांसा के कुमारिल सम्प्रदाय के साथ संगत नहीं है ?
( a ) अभिहितान्वयवाद का समर्थन
( b ) प्रत्यक्षगत भ्रम में सीपी और चाँदी का परस्पर अध्यारोपण
( c ) ज्ञान त्रिपुटि संरचित है ।
( d ) प्रत्यक्षगत भ्रम एक कार्य की स्वीकृति है
उत्तर - c
131- मीमांसा - दर्शन में निम्नलिखित तर्क वाक्यों में कौन सही नहीं हैं ?
( a ) मीमांसा , स्वत : प्रामाण्यवाद का समर्थन करता है
( b ) आत्मा सक्रिय है
( c ) वेद अपौरुषेय हैं
( d ) सीपी - चाँदी भ्रम में प्रत्यक्षपरक त्रुटि अभ्यास के कारण है
उत्तर - d
132- निम्नलिखित में से कौन - सा ख्याति का सिद्धान्त यह स्पष्ट करता है कि " ख्याति आंशिक और अपूर्ण दो प्रकार के ज्ञान के बीच अन्तर का बोध न हो पाना है " ?
( a ) विपरीतख्याति
( b ) अख्याति
( c ) यथार्थख्याति
( d ) अन्यथाख्याति
उत्तर - b
133- पूर्व - मीमांसा के अनुसार , निम्नलिखित में से कौन ज्ञान की नवीनता को सूचित करता है ?
( a ) यथार्थ
( b ) बाधक ज्ञानरहित
( c ) अग्रहिताग्राहि
( d ) कारणदोषरहित
उत्तर - c
134- पूर्व - मीमांसा के अनुसार वेद निर्मिति है
( a ) ईश्वर की
( b ) भगवान कृष्ण की
( c ) व्यास की
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - d
135- निम्नलिखित में से किसने अन्विताभिधानवाद का समर्थन किया है ?
( a ) गौतम
( b ) प्रभाकर
( c ) कुमारिल
( d ) कणाद
उत्तर - b
136- ' प्रत्येक अनुभूति प्रमा हैं ' - यह सिद्धान्त . . . . . . . के द्वारा प्रतिपादित किया गया ।
( a ) न्याय
( b ) चार्वाक
( c ) प्रभाकर
( d ) कुमारिल
उत्तर - c
137- मिथ्या प्रतीति के विषय में रामानुज को निम्नलिखित सिद्धान्तों में कौन - सा एक मान्य है ?
( a ) सख्याति
( b ) असत्ख्याति
( c ) आत्मख्याति
( d ) अनिर्वचनीय ख्याति
उत्तर - a
138- मीमांसा के अनुसार , ज्ञान का प्रामाण्य है
( a ) स्वतः
( b ) परत :
( c ) ' a ' और ' b ' दोनों
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - a
139- निम्न कथनों पर विचार कीजिए ।
1 . पूर्व - मीमांसा को मीमांसा तथा उत्तर मीमांसा को वेदान्त कहा जाता है ।
2 . वेदान्त का सम्बन्ध उपनिषदों से है ।
3 . पूर्व - मीमांसा को कर्म मीमांसा या धर्म मीमांसा भी कहते हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
140- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . कुमारिल भट्ट को मीमांसा दर्शन का प्रवर्तक माना जाता है ।
2 . मीमांसा सूत्र के लेखक जैमिनी थे ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - b
141- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसा दर्शन ईश्वरवादी है ।
2 . मीमांसा दर्शन वेदों में आस्था रखता था ।
3 . कुमारिल ने अनुपलब्धि को भी प्रमाण माना है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - से कथन सही हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 1 और 3
( c ) 2 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - c
142- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसकों के अनुसार वेद के शब्द नित्य हैं ।
2 . जैमिनी ने यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए पाँच प्रमाणों को स्वीकार किया है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - a
143- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . न्याय दर्शन में अर्थापत्ति को प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है ।
2 . मीमांसकों ने अर्थापत्ति तथा अनुपलब्धि को प्रमाण माना है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
144- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . परत : प्रामाण्यवाद सिद्धान्त का प्रतिपादन मीमांसकों के द्वारा किया गया ।
2 . स्वतःप्रामाण्यवाद का प्रतिपादन नैयायिकों ने किया ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - d
145- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसकों के अनुसार “आसमान में काले बादल हैं, यह ज्ञान स्वत : प्रामाणित है ।
2 . नैयायिकों के साथ - साथ बौद्ध दार्शनिक भी परत : प्रामाण्यवादी हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
146- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . श्रुति हिन्दू धर्म के प्राचीनतम धर्मग्रन्थों का समूह है ।
2 . वेदों को श्रुति भी कहा जाता है ।
3 . वेद की संख्या चार है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
147- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . वेदों में आस्था होने के कारण मीमांसा को आस्तिक दर्शन कहा जाता है ।
2 . जैन दर्शन आस्तिक दर्शन है ।
3 . चार्वाक और बौद्ध नास्तिक दर्शन है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - c
148- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसा दर्शन में वेदों को अपौरुषेय नहीं माना गया है ।
2 . सांख्य दर्शन वेदों को अपौरुषेय मानता है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - b
149- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . श्रुति वाक्यों का वर्गीकरण तीन भागों में किया गया है ।
2 . सिद्धार्थ वाक्य से किसी सिद्ध पुरुष के बारे में ज्ञात होता है ।
3 . विधायक वाक्य किसी कार्य को करने का आदेश देता है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - b
150- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसा दर्शन में विधिवाक्यों को ही धर्म का लक्षण स्वीकार किया गया है ।
2 . अधिकार विधि प्रयोग की शीघ्रता की बोधक है ।
3 . प्रयोग विधि कर्म के अंग तथा प्रधान विषयों की सम्बोधक है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - a
151- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . निषेध का शाब्दिक अर्थ अवज्ञा के समरूप होता है ।
2 . प्रभाकर के अनुसार अर्थवाद भी कर्म का सहायक बनकर ही प्रामाणिक हो सकता है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
152- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . सूत्र ' अथातो धर्म जिज्ञासा ' का सम्बन्ध जैमिनी सूत्र से है ।
2 . मीमांसकों के अनुसार यज्ञ करने का उद्देश्य अपनी भावना को शुद्ध करना है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
153- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . मीमांसा दर्शन में वेदों की नित्यता को सिद्ध करने के लिए शब्द नित्यवाद का सिद्धान्त दिया गया है ।
2 . मीमांसा के अनुसार मनुष्य के शब्द उच्चारण के प्रयत्न से ही शब्द की उत्पत्ति होती है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - a
154- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . कुमारिल एवं प्रभाकर मीमांसा दर्शन के आचार्य थे ।
2 . गुरु सम्प्रदाय के प्रवर्तक कुमारिल थे ।
3 . कुमारिल ने 6 प्रमाणों को माना है , जबकि प्रभाकर ने 5 प्रमाणों को माना है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) 1 और 3
( c ) 2 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - b
155- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . कुमारिल न्याय - वैशेषिक दर्शन द्वारा स्वीकृत विशेष एवं समवाय को - पदार्थ नहीं मानते ।
2 . कुमारिल मीमांसा के आठ पदार्थों को स्वीकार करते हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - a
156- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . द्रव्यों की संख्या को लेकर कुमारिल एवं प्रभाकर के बीच मतभेद हैं ।
2 . प्रभाकर द्रव्यों की संख्या 11 तथा कुमारिल द्रव्यों की संख्या 9 मानते हैं ।
3 . कुमारिल तमस को भी द्रव्य मानते हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - c
157- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . प्रभाकर आत्मा को चेतन्य स्वरूप मानते हैं ।
2 . कुमारिल आत्मा को विभु एवं नित्य मानते हैं ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - b
158- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . कुमारिल मोक्ष को आत्मा के लिए आनन्द की अवस्था मानते हैं ।
2 . प्रभाकर के अनुसार मोक्ष की अवस्था आनन्द की अवस्था नहीं है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - c
159- निम्न कथनों पर विचार कीजिए ।
1 . प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के तीन आयाम हैं - ज्ञाता , ज्ञेय तथा ज्ञान ।
2 . प्रभाकर का ज्ञान विषयक मत ' त्रिपुटि प्रत्यक्षवाद ' कहलाता है ।
3 . प्रभाकर के अनुसार ज्ञान स्वप्रकाश है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
160- निम्न कथनों पर विचार कीजिए ।
1 . कुमारिल का ज्ञान विषयक मत ज्ञाततावाद कहलाता है ।
2 . कुमारिल के अनुसार किसी पदार्थ का ज्ञान प्राप्त होने पर उस धर्म में ज्ञातता नामक धर्म का उदय होता है ।
3 . त्रिपुटि संवित का सम्बन्ध भी कुमारिल से ही है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - a
161- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . प्रभाकर ने अनुपलब्धि को भी प्रमाण के रूप में स्वीकार किया है ।
2 . प्रभाकर के अनुसार अभाव नामक कोई वस्तु नहीं होती है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - b
162- निम्न कथनों पर विचार कीजिए ।
1 . कुमारिल के भट्ट सम्प्रदाय ने अभिहितान्वयवाद का समर्थन किया है ।
2 . अन्विताभिधानवाद के समर्थक प्रभाकर हैं ।
3 . अभिहितान्वयवाद तथा अन्विताभिधानवाद मीमांसा दर्शन से सम्बद्ध है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
163- निम्न कथनों का विचार कीजिए ।
1 . आत्मख्यातिवाद विज्ञानवादी बौद्धों का सिद्धान्त है ।
2 . सत्ख्यातिवाद सिद्धान्त का प्रतिपादन शंकराचार्य ने किया है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - a
164- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . भ्रम के सिद्धान्त अख्यातिवाद का प्रतिपादन कुमारिल ने किया था ।
2 . विपरीतख्यातिवाद का प्रतिपादन प्रभाकर ने किया था ।
3 . विपरीतख्यातिवाद के अनुसार भ्रम इसलिए पैदा होता है, क्योंकि हमारा मन दो आंशिक, अपूर्ण तथा विपरीत वृत्तियों को आपस में जोड़कर निर्णय देता है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) केवल 3
उत्तर - d
165- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . पूर्व - मीमांसा दर्शन अनीश्वरवादी है, लेकिन देवताओं की चर्चा बलि - प्रदान के सन्दर्भ में की है ।
2 . कुमारिल और प्रभाकर के अनुसार जगत् की सृष्टि और विनाश में ईश्वर की कोई भूमिका नहीं है ।
3. बाद में मीमांसकों ने इस दर्शन में ईश्वर के महत्त्व को स्वीकारा है ।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( c ) 1 और 3
( b ) 1, 2 और 3 और
उत्तर - d
166- मीमांसा दर्शन को कहा जाता है
1 . कर्म मीमांसा
2 . धर्म मीमांसा
3 . ब्रह्ममीमांसा
कूट
( a ) 1 और 3
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 2
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - c
167- प्रभाकर के अनुसार यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति हेतु प्रमाण है
1 . प्रत्यक्ष
2 . अनुमान
3 . उपमान
4 . अनुपलब्धि
5. शब्द
6 . अर्थापत्ति
कुट
( a ) 1 , 2 , 3 , 5 और 6
( b ) 2 , 3 , 4 , 5 और 6
( c ) 1 , 2 , 3 , 4 और 5
( d ) 1 , 2 , 3 , 4 , 5 और 6
उत्तर - a
168- प्रभाकर के अनुसार ज्ञान के आयाम हैं
1 . ज्ञाता
2 . ज्ञेय
3 . ज्ञान
4 . आत्मा
कूट
( a ) 1 और 3
( b ) 2 , 3 और 4
( c ) 1 , 2 और 3
( d ) 1 , 2 , 3 और 4
उत्तर - c
169- शंकराचार्य के अनुसार भ्रम के घटक हैं
1 . अधिष्ठान
2 . अध्यस्त
3 . अध्यास
कूट
( a ) केवल 1
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
170- अनुपलब्धि के सन्दर्भ में कौन - सा कथन सही है ?
1 . कुमारिल भट्ट अनुपलब्धि को एक स्वतन्त्र प्रमाण मानते हैं ।
2 . प्रभाकर तथा नैयायिक अनुपलब्धि को एक स्वतन्त्र प्रमाण के रूप में स्वीकार करते हैं ।
3 . अद्वैत वेदान्ती अनुपलब्धि को एक स्वतन्त्र प्रमाण के रूप में स्वीकार करते हैं ।
कूट
( a ) 1 , 2 और 3
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) केवल 1
उत्तर - c
171- प्रामाण्यवाद के सन्दर्भ में कौन - सा कथन सही है ?
1 . प्रामाण्यवाद के अन्तर्गत यह बताने का प्रयास किया गया है कि ज्ञान में प्रामाण्य कैसे उत्पन्न होता है ।
2 . प्रामाण्य के सम्बन्ध में मुख्यत : दो सिद्धान्त हैं - स्वत : प्रामाण्यवाद तथा परतःप्रामाण्यवाद ।
3 . नैयायिकों द्वारा परत : प्रामाण्यवाद तथा मीमांसकों द्वारा स्वतःप्रामाण्यवाद का प्रतिपादन किया गया ।
कूट
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर - d
172- कुमारिल तथा प्रभाकर सम्प्रदाय के मतभेद के सन्दर्भ में कौन - सा कथन सही है ?
1 . प्रभाकर मीमांसा में आठ पदार्थों को स्वीकार करते हैं , जबकि कुमारिल पाँच पदार्थों को स्वीकार करते हैं ।
2 . प्रभाकर के अनुसार द्रव्य की संख्या 11 है , जबकि कुमारिल के अनुसार नद्रव्य की संख्या 9 है ।
3 . कुमारिल ने मोक्ष को आत्मा के लिए आनन्द की अवस्था माना है , जबकि प्रभाकर के अनुसार यह मोक्ष की अवस्था नहीं है ।
( a ) 1 और 2
( b ) 2 आर 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 ,2 और 3
उत्तर - c
173- निरीश्वरवाद के सन्दर्भ में कौन - सा कथन सही है ?
1 . पूर्व - मीमांसा के प्रवर्तक जैमिनी ने ईश्वर का उल्लेख किया है ।
2 . पूर्व - मीमांसा दर्शन में ईश्वर का स्थान नहीं है लेकिन देवताओं की चर्चा है ।
3 . कुमारिल ईश्वर को वेद का निर्माता नहीं मानते हैं ।
कूट
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
*निर्देश दिए गए कथन और कारणों पर विचार कीजिए तथा कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए ।
कूट
( a ) A और R दोनों सही हैं तथा R , A की सही व्याख्या है
( b ) A और R दोनों सही हैं , परन्त R . A की सही व्याख्या नहीं है
( c ) A सही है , किन्तु R गलत है
( d ) A गलत है , किन्तु R सही है ।
174- कथन ( A ) ज्ञान स्वतः प्रकाशमान है ।
कारण ( R ) उसे स्वयं को प्रकाशित करने के लिए किसी अन्य की अपेक्षा नहीं रहती है ।
उत्तर - a
175- कथन ( A ) अर्थापत्ति के द्वारा उपलब्ध ज्ञान विशिष्ट प्रकार का होता है ।
कारण ( R ) क्योंकि यह प्रत्यक्ष अनुमान या शब्द के अन्तर्गत नहीं आता ।
उत्तर - a
176- कथन ( A ) जिस वस्तु की जिस परिस्थिति में उपलब्धि होनी चाहिए , उस परिस्थिति में उसकी उपलब्धि नहीं होने से ही उसका अभाव जाना जाता है ।
कारण ( R ) अभाव ज्ञान का कारण योगानुपलब्धि है ।
उत्तर - a
177- कथन ( A ) सत्य स्वत : प्रकाशित होता है ।
कारण ( R ) जब कोई ज्ञान उत्पन्न होता है , तब उसी में उसकी सत्यता का गुण भी सन्निहित रहता है ।
उत्तर - a
178- कथन ( A ) मीमांसक ईश्वर को नहीं मानते हैं ।
कारण ( R ) क्योंकि उन्होंने ईश्वर को नहीं देखा है ।
उत्तर - c
179- कथन ( A ) कोई ज्ञान भ्रमरूप नहीं होता ।
कारण ( R ) ज्ञान स्वप्रकाश एवं स्वप्रमाण होता है
उत्तर - a
180- कथन ( A ) ज्ञान का प्रमाण्य उस ज्ञान की उत्पादन सामग्री में ही विद्यमान रहता है , कहीं बाहर से नहीं आता ।
कारण ( R ) ज्ञान उत्पन्न होते ही उसके प्रामाण्य का भी ज्ञान हो जाता है ।
उत्तर - c
181- कथन ( A ) मीमांसकों के अनुसार कर्त्तव्य का पालन करना हमारा धर्म है ।
कारण ( R ) हमने कर्त्तव्य के पालन हेतु जन्म लिया है ।
उत्तर - a
182- कथन ( A ) मीमांसा दर्शन को पूर्व - मीमांसा भी कहते हैं ।
कारण ( R ) यह दर्शन कर्मकाण्ड पर आधारित है ।
उत्तर - a
183- कथन ( A ) ज्ञातता नामक गुण की कल्पना विचित्र प्रतीत होती है ।
कारण ( R ) यदि एक ही वस्तु किसी व्यक्ति द्वारा जानी गई है और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं , तो उसकी व्याख्या सम्भव नहीं है ।
उत्तर - a
184- कथन ( A ) कोई ज्ञान भ्रमरूप नहीं होता है ।
कारण ( R ) ज्ञान स्वप्रकाश तथा स्वप्रभाव होता है ।
उत्तर - b
185- कथन ( A ) वेद कभी गलत न होने वाले प्रमाण हैं ।
कारण ( R ) वेदों का रचयिता सर्वज्ञ ईश्वर है ।
उत्तर - c
186- कथन ( A ) अपूर्व को संचालित करने के लिए ईश्वर की आवश्यकता नहीं है ।
कारण ( R ) अपूर्व स्वयं से संचालित होता है ।
उत्तर - a
187- कथन ( A ) मीमांसा जगत् के सृष्टि और प्रलय को नहीं मानती ।
कारण ( R ) जगत् सदा वर्तमान है ।
उत्तर - a
188- कथन ( A ) मीमांसकों के अनुसार वेद विश्वसनीय हैं ।
कारण ( R ) वेद अपौरुषेय हैं ।
उत्तर - a
189- कथन ( A ) मीमांसा आत्माओं की अनेकता को स्वीकार करता है ।
कारण ( R ) प्रत्येक आत्मा अपने स्वयं के कर्मों के लिए उत्तरदायी है और उसे अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है ।
उत्तर - c
190- कथन ( A ) अख्यातिवाद की मान्यता है कि मिथ्या प्रतीति का कारण दो भिन्न विषय वस्तुओं के संज्ञान में विभेद का अभाव है।
कारण ( R ) मिथ्या प्रतीति का कारण विषय - वस्तुओं और उनके प्रतिरूपों में गलत संश्लेषण करना है ।
उत्तर - c
191- कथन ( A ) मीमांसा मतानुसार वेद नित्य हैं ।
कारण ( R ) मीमांसा मतानुसार शब्द नित्य हैं ।
( a ) A और R दोनों सत्य हैं तथा R . A की सही व्याख्या है ।
( b ) A और R दोनों सत्य हैं , परन्तु R , A की सही व्याख्या नहीं है ।
( c ) A सत्य है , R असत्य है तथा R , A की सही व्याख्या प्रस्तुत नहीं करता
( d ) A असत्य है , R सत्य है तथा R , A की सही व्याख्या प्रस्तुत करता है ।
उत्तर - a
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