सांख्य एवं योग
1- भारत का प्राचीनतम दर्शन किसे माना जाता है ? - सांख्य को
2- सांख्य दर्शन के प्रवर्तक हैं - महर्षि कपिल
3- सांख्य दर्शन से सम्बन्चित रचना 'तर्क कौमुदी' के लेखक हैं - वाचस्पति
4- सांख्य दर्शन किस प्रकार का दर्शन है ? - द्वैतवादी
5- सत्कार्यवाद की सिद्धि से सम्बन्धित पुस्तक 'सांख्यकारिका' के लेखक हैं - ईश्वरकृष्ण
6- सत्कार्यवाद किस दर्शन से सम्बन्धित है - सांख्य दर्शन से
7- सांख्य का सत्कार्यवाद हमें क्या स्वीकार करवाता है - कारण को कार्य के रूप में व्यक्त होना
8- सांख्य दर्शन में गुणों की संख्या है - 3
9- सांख्य दर्शन के अनुसार सत्व गुण किस रंग से पहचाना जाता है? - सफेद रंग से
10- सांख्य दर्शन के अनुसार प्रकृति एवं गुणों में कौन सा सम्बन्ध है - स्वरूप सम्बन्ध
11- त्रिगुण साम्यावस्था का नाम है - प्रकृति
12- उपगुण भारी अवरोध तथा अज्ञान प्रकृति के किस गुण के अन्तर्गत आते - तम् गुण में
13- सांख्य दाशनिक प्रकृति की स्वतन्त्र सत्ता को स्वीकार करने हेतु किसको आधार बनाते हैं - सत्कार्यवाद एवं अनुमान को
14- जिस सत्ता को अधिकांशतः भारतीय दार्शनिकों ने आत्मा कहा है, उस सत्ता को सांख्य दर्शन में क्या कहा गया है - पुरुष
15- सांख्य दर्शन में चेतना किसे कहा गया है - पुरुष को
16- अहंकार के कितने भेद हैं - तीन
17- अहंकार के किस भेद में यह माना गया है कि अहंकार से ज्ञानेन्द्रियों व कमेन्द्रियों तथा प्रजा एवं आन्तरिक इन्द्रिय मन का विकास होता है - सात्विक में
18- सांख्य के अनुसार पुरुष है - चेतन, भोक्ता, निष्क्रिय
19- सांख्य दर्शन में प्रकृति को माना गया है - सत, रज् एवं तम का समन्वय
20- अहंकार किससे उत्पन्न होता है - हृदय से
21- सांख्य दर्शन में आत्मा को क्या कहा गया है ? - पुरुष
22- प्रकृति और पुरुष का सिद्धान्त किस दर्शन में है ? - सांख्य दर्शन में
23- सांख्य के अनुसार प्रकृति है - सक्रिय व अचेतन
24- सांख्य के अनुसार प्रकृति के तीनों गुणों के अस्तित्व की वास्तविक स्थिति क्या है ? - तीनों ही एकसाथ अस्तित्ववान हैं
25- सांख्य के अनुसार त्रिगुण है - प्रकृति के अन्तरंग घटक तत्त्व
26- सांख्य दर्शन में पुरुष का स्वरूप है - चेतन और निष्क्रिय
27- सांख्य पुरुष है - ज्ञाता एवं भोक्ता
28- सांख्य दर्शन में परम आध्यात्मिक लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया है - मोक्ष
29- सांख्य दर्शन के अनुसार संसार में कितने प्रकार के दुःख पाए जाते हैं? - तीन
30- सांख्य के अनुसार मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है - ज्ञान के द्वारा
31- मोक्ष को कैवल्य के रूप में किस दर्शन ने स्वीकार किया है - सांख्य में
32- सांख्य दर्शन में मोक्ष के लिए किस शब्द का प्रयोग हुआ है? - अपवर्ग
33- तनावग्रस्त रहना किस दु: ख के अन्तर्गत आता है? - आध्यात्मिक दुःख
34- सांख्य दर्शन का कारण कर्ता का सिद्धान्त कहलाता है - सत्कार्यवाद
35- किस दर्शन को सांख्य दर्शन का पूरक दर्शन कहा जाता है? - योग दर्शन को
36- योग दर्शन के प्रवर्तक हैं - पतंजलि
37- योगसूत्र के लेखक हैं - पतंजलि
38- किसके अनुसार, “योग चित्तवृत्तियों का निरोध है"? - पतंजलि
39- किस दर्शन में योग का प्रयोग आत्मा एवं परमात्मा के मिलन के अर्थ में है? - वेदान्त दर्शन में
40- योगदर्शन के अनुसार योग का अर्थ है - चित्तवृत्तियों का निरोध
41- पतंजलि ने अपने योग दर्शन में कितने प्रकार के प्रमाण माने हैं? - तीन
42- पतंजलि ने अपने प्रमाण सिद्धान्त में किसे प्रमुख प्रमाण माना है? प्रत्यक्ष को
43- पतंजलि के अनुसार प्रत्यक्ष प्रमाण कितने प्रकार का होता है? - दो प्रकार का
44- जो दो वस्तुओं के बीच व्याप्ति-सम्बन्ध पर आधारित है, कौन-सा अनुमान कहलाता है? - पूर्ववत् अनुमान
45- पतंजलि ने अपने योगसूत्र के किस सूत्र में कहा कि चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है? - द्वितीय सूत्र में
46- शब्द महत् का अर्थ है - बुद्धि
47- योग दर्शन में चित्तवृत्तियों के कितने प्रकार बताए गए हैं? - पाँच
48- योग दर्शन में चित्तवृत्तियों को किस वृत्ति के द्वारा काल्पनिक ज्ञान प्राप्त होता है? - विकल्प
49- सुखों को प्राप्त करने की चाह किस प्रकार का क्लेश है? - राग
50- योग दर्शन में कितने प्रकार के क्लेश बताए गए हैं? - पाँच प्रकार का
51- योग दर्शन के अनुसार अभिनिवेश एक प्रकार का क्लेश है । इसका तात्पर्य है - जीवन के प्रति आसक्ति तथा मृत्यु का भय
52- योग दर्शन में चित्तवृत्तियों के निरोध के लिए कितने उपाय बताए हैं? - 2
53- योग दर्शन के पाँच क्लेश हैं - अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष, अभिनिवेश
54- योग दर्शन के अनुसार अस्मिता का अर्थ है - अहंकार की पुरुष के साथ एकाकारता
55- योग का अर्थ है 'चित्तवृत्तियों का निरोध', यह किसने प्रतिपादित किया है - पतंजलि ने
56- 'चित्त' विचार के व्याख्याता का निर्देश किस दर्शन ने दिया - योग ने
57- वह विकल्प कौन-सा है, जो चित्तवृत्ति के लिए नहीं आता? - अविद्या
58- व्यास ने चित्त की कितनी अवस्थाओं अर्थात भूमियों का उल्लेख किया है? - पाँच
59- चित्त की सभी वृत्तियों का निरोध किसमें होता है? - निरुद्ध में
60- चित्त की जिन अवस्थाओं में वृत्ति का पूर्ण निरोध नहीं होता, वह अवस्था कहलाती है - व्युत्थान अवस्था
61- जीवन के प्रति आसक्ति एवं मृत्यु से भय कहलाता है - अभिनिवेश
62- चित्त की किस अवस्था में तमोगुण का आधिपत्य होता है? - मूढ़ अवस्था
63- किसने लिखा है कि “जो क्लेश, कर्म, आसक्ति और वासना इन चारों से असम्बन्धित हो, वही ईश्वर है? - महर्षि पतंजलि ने
64- ईश्वरकृष्ण की कौन-सी रचना सांख्य दर्शन का आधार है - सांख्यकारिका
65- सांख्य योग के अनुसार पुरुष है - चेतन और जड़
66- सांख्य के अनुसार मुक्ति का अभिप्राय है - जीवनमुक्ति और विदेहमुक्ति दोनों
67- सांख्य दर्शन में प्रकृति है - अचेतन और सक्रिय है
76- निम्न में से कौन - सा युग्म असंगत है ?
( a ) सांख्यकारिका भाष्य - गौड़पाद
( b ) तर्क कौमुदी - वाचस्पति
( c ) सांख्य प्रवचन भाष्य - विज्ञान भिक्षु
( d ) सांख्य सूत्र - गौतम
उत्तर – d
77- निम्न में से कौन - सा युग्म असंगत है ?
( a ) पृथ्वी - गन्ध
( b ) आकाश - शब्द
( c ) जल - रस
( d ) वायु – रूप
उत्तर – c
78- सांख्य दर्शन के सन्दर्थ में असंगत है
( a ) इसमें प्रकृति को प्रधान कहा गया है
( b ) इस दर्शन में प्रकृति को जड़ कहा गया है
( c ) इस दर्शन में प्रकृति को माया कहा गया है
( d ) इस दर्शन में प्रकृति को विद्या कहा गया है
उत्तर – d
79- निम्नलिखित में से किसमें रजोगुण की प्रधानता होती है ?
( a ) सात्विक
( b ) राजस
( c ) तामस
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – b
80- प्रकृति की विशेषता नहीं है
( a ) त्रिगुणातीत
( b ) अचेतन
( c ) सक्रिय
( d ) अनुमानगम्य
उत्तर – a
81- निम्नलिखित में से कौन - सा एक संगत जोड़ा है ?
( a ) त्रिरत्न - बौद्ध
( b ) पंच महाभूत - सांख्य
( c ) पंच महाव्रत - वेदान्त
( d ) अनुमान प्रमाण - चार्वाक
उत्तर – b
82- सांख्य दर्शन में पुरुष की बहुलता के सन्दर्भ में असंगत कथन है
( a ) विभिन्न पुरुषों का जनन अलग-अलग होता है
( b ) विभिन्न पुरुषों की मृत्यु अलग-अलग होती है
( c ) विभिन्न पुरुषों का व्यक्तित्व अलग-अलग होता है
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर – d
83- निम्नलिखित में से किसके अनुसार मोक्ष की अवस्था सत् एवं चित् की अवस्था है, परन्तु आनन्द की नहीं ?
( a ) सांख्य
( b ) न्याय
( c ) बौद्ध
(d) जैन
उत्तर – a
84- निम्नलिखित में से कौन-सा दर्शन वेदों को प्रामाणिक मानता है ?
( a ) योग
( b ) सांख्य
( c ) ' a ' और ' b ' दोनों
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – c
85- योग दर्शन के अनुसार इनमें से कौन-सी एक चित्तवृत्ति नहीं है ?
( a ) प्रमाण
( b ) निद्रा
( c ) स्मृति
( d ) कल्पना
उत्तर – d
86- योग दर्शन के अनुसार ये हैं
( a ) चित्त की पाँच प्रकार की वृत्तियाँ, चित्तभूमि के पाँच स्तर तथा क्लेश के पाँच प्रकार
( b ) चित्त की तीन प्रकार की वृत्तियाँ, चित्तभूमि के तीन स्तर तथा क्लेश के तीन प्रकार
( c ) चित्त की चार प्रकार की वृत्तियाँ, चित्तभूमि के तीन स्तर तथा क्लेश के चार प्रकार
( d ) चित्त की छ : प्रकार की वृत्तियाँ, चित्तभूमि के चार स्तर तथा क्लेश के तीन प्रकार
उत्तर – a
87- निम्नलिखित दर्शनों में से कौन-सा चित्तवृत्ति निरोध का प्रतिपादन करता है ?
( a ) सांख्य
( b ) योग
( c ) न्याय
( d ) वैशेषिक
उत्तर – b
88- सुषुप्तावस्था की वृत्तियाँ कहलाती हैं
( a ) निद्रा
( b ) स्मृति
( c ) विकल्प
( d ) विपर्यय
उत्तर – a
89- निम्नलिखित में से कौन योग दर्शन के अनुसार संगत नहीं है ?
( a ) प्रमाण , विपर्यय , विकल्प
( b ) धारणा , ध्यान , समाधि
( c ) जीव , अजीव , पुद्गल
( d ) अविद्या , अस्मिता , राग
उत्तर – c
90- निम्नलिखित में कौन - सा योग द्वारा बताई गई चित्तभूमि में सम्मिलित नहीं है ?
( a ) एकाग्र
( b ) विकल्प
( c ) क्षिप्त
( d ) निरुद्ध
उत्तर – b
91- निम्नलिखित में से किस एक का क्रम सही है ?
( a ) विक्षिप्त , एकाग्र , निरुद्ध
( b ) क्षिप्त , विक्षिप्त , मूढ़
( c ) एकाग्र , निरुद्ध , क्षिप्त
( d ) विक्षिप्त , क्षिप्त , एकाग्र
उत्तर – a
92- निम्नलिखित में से योग के अनुसार चित्तवृत्तियों में शामिल नहीं है ।
( a ) प्रमाण
( b ) विपर्यय
( c ) संकल्प
( d ) विकल्प
उत्तर – c
93- योग दर्शन के ईश्वर की अवधारणा के सम्बन्ध में कौन - सा कथन सही है ?
( a ) वह जगत् का सृष्टा है
( b ) वह शुभ कर्मों का पुरस्कार तथा पाप कर्मों का दण्ड देता है
( c ) वह पुरुष विशेष है
( d ) वह उद्धारकर्ता है
उत्तर – c
94- योग के अनुसार ईश्वर है
( a ) ध्यान का श्रेष्ठ विषय
( b ) निमित्तोपादन कारण
( c ) योग का सर्वोच्च लक्ष्य
( d ) एक विचार मात्र
उत्तर – a
95- योग दर्शन में ईश्वर के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सही नहीं है ?
( a ) वह पुरुष विशेष है
( b ) वह समस्त क्लेशों से मुक्त है
( c ) वह सृष्टिकर्ता है
( d ) वह कर्म नियम से परे है
उत्तर – c
96- योग दर्शन के ईश्वर के लिए कौन - सा एक सही नहीं है ?
( a ) ईश्वर सृष्टिकर्ता है
( b ) ईश्वर सर्वज्ञ है
( c ) ईश्वर प्रथम गुरु है
( d ) ईश्वर करुणा से परिपूर्ण है
उत्तर – d
97- निम्नलिखित में से किस दर्शन को सेश्वर - सांख्य भी कहा जाता है ?
( a ) जैन
( b ) बौद्ध
( c ) योग
( d ) वेदान्त
उत्तर – c
98- भारी , . . . . . . तथा अज्ञान प्रकृति के तम् गुण के उपगुण हैं ।
( a ) सुखात्मक
( b ) उत्तेजक
( c ) दुःखात्मक
( d ) अवरोध
उत्तर – d
99- पतंजलि के अनुसार योग . . . . . . का निरोध है ।
( a ) चित्तवृत्तियाँ
( b ) चित्त
( c ) चित्तभूमियाँ
( d ) भक्ति
उत्तर – a
100- सांख्य दर्शन के अनुसार सृष्टि क्रम है
( a ) प्रकृति , महत् , अहंकार , एकादश इन्द्रियाँ , तन्मात्र , पंचमहाभूत
( b ) महत् , प्रकृति , अहंकार , तन्मात्र , एकादश इन्द्रियाँ , पंचमहाभूत
( c ) महत् , अहंकार , प्रकृति , पंचमहाभूत , एकादश इन्द्रियाँ , तन्मात्र
( d ) प्रकृति , महत् , एकादश इन्द्रियाँ , अहंकार , पंचमहाभूत , तन्मात्र
उत्तर – a
101- निम्नलिखित विकल्पों में से कौन - सा शास्त्रीय सांख्य दर्शन का उपयुक्त विवरण है ?
( a ) सतत् सक्रियवाद का दर्शन
( b ) केवल बहुलवादी भौतिकतावाद का दर्शन
( c ) पुरुष - प्रकृति विवेक ज्ञान का दर्शन
( d ) एकेश्वरवाद का दर्शन
उत्तर – c
102- सांख्य के अनुसार विकास का सही क्रम है
( a ) अहंकार , मनस् , कर्मेन्द्रियाँ , ज्ञानेन्द्रियाँ , महत्
( b ) ज्ञानेन्द्रियाँ , मनस् , कर्मेन्द्रियाँ , अहंकार , महत्
( c ) कर्मेन्द्रियाँ , ज्ञानेन्द्रियाँ , मनस् , महत् , अहंकार
( d ) महत् , अहंकार , मनस् , ज्ञानेन्द्रियाँ , कर्मेन्द्रियाँ
उत्तर – d
103- सही क्रम को सुनिश्चित करने के लिए सही कूट का चयन कीजिए
( a ) क्षिप्त , मूढ़ , विक्षिप्त , एकाग्र , निरुद्ध
( b ) मूढ़ , क्षिप्त , विक्षिप्त , एकाग्र , निरुद्ध
( c ) क्षिप्त , विक्षिप्त , मूढ़ , एकाग्र , निरुद्ध
( d ) निरुद्ध , एकाग्र , मूढ़ , क्षिप्त , विक्षिप्त
उत्तर – a
104- निम्नलिखित कथनों में से कौन पतंजलि योग के सम्बन्ध में सही नहीं है ?
( a ) ईश्वर पुरुषों में एक है
( b ) पतंजलि योग तीन प्रमाणों को स्वीकार करता है
( c ) पतंजलि योग एकतत्त्ववाद का समर्थन करता है
( d ) पतंजलि योग पूर्व नैतिक प्रशिक्षण स्वीकार करता है
उत्तर – c
105- पतंजलि के 'योग दर्शन' के सन्दर्भ में सही अनुक्रम का चयन कीजिए
( a ) नियम , यम , प्राणायाम , आसन , प्रत्याहार
( b ) यम , नियम , प्राणायाम , आसन , प्रत्याहार
( c ) यम , नियम , आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार
( d ) आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , यम , नियम
उत्तर – c
106- निम्नलिखित में से कौन - सा एक , सांख्य के अनुसार , प्रकृति की सत्ता के लिए कारण नहीं हो सकता ?
( a ) भेदानाम् परिमाणात्
( b ) समन्वयात्
( c ) भोक्तृभावात्
( d ) कारण - कार्य विभागात्
उत्तर – c
107- निम्नलिखित में से कौन - सा सही क्रम है ?
( a ) क्षिप्त , विक्षिप्त , मूढ़
( b ) क्षिप्त , मूढ़ , विक्षिप्त
( c ) क्षिप्त , विक्षिप्त , एकाग्र
( d ) विक्षिप्त , मूढ़ , एकाग्र
उत्तर – b
108- योग दर्शन के अनुसार , पाँच क्लेशों का सही क्रम क्या है ?
( a ) अविद्या , अस्मिता , राग , द्वेष , अभिनिवेश
( b ) अस्मिता , अविद्या , राग , द्वेष , अभिनिवेश
( c ) राग , अस्मिता , अविद्या , द्वेष , अभिनिवेश
( d ) अभिनिवेश , राग , अस्मिता , अविद्या , द्वेष
उत्तर – a
109- निम्नलिखित में से किसकी गणना चित्तवृत्ति के अन्तर्गत नहीं होती है ?
( a ) स्मृति
( b ) विपर्यय
( c ) वितर्क
( d ) प्रमाण
उत्तर – c
110- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . सांख्य दर्शन के प्रवर्तक महर्षि कपिल हैं।
2 . सांख्य का एक अर्थ सम्यख्यानम अर्थात् सम्यक ज्ञान या पूर्ण विचार।
3 . सांख्य सूत्र की रचना ईश्वरकृष्ण आचार्य ने की थी।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) केवल 3
( d ) 1 और 3
उत्तर – a
111- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . सांख्य दर्शन अनीश्वरवादी है।
2 . सांख्य दर्शन आस्तिक दर्शन है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
112- सांख्य सत्कार्यवाद के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . सृष्टि के समय जगत् प्रकृति से आविर्भूत होता है।
2 . प्रलय के समय जगत् प्रकृति में विलीन होता है।
3 . जगत् प्रकृति का आभास है।
4 . जगत् तथा प्रकृति नित्य रूप से सत्अस्तित्ववान हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 , 2 और 3
( b ) 2 , 3 और 4
( c ) 1 , 3 और 4
( d ) 1 और 2
उत्तर – d
113- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . ईश्वरकृष्ण ने अपनी सांख्यकारिका में सत्कार्यवाद की सिद्धि के लिए तर्क प्रस्तुत किए।
2 . नैयायिक दर्शन असत्कार्यवाद से सम्बन्धित हे
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
114- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . सांख्य दर्शन में प्रकृति का शाब्दिक अर्थ है सृष्टि से पूर्व।
2 . इसमें प्रकृति के चार गुण बताए गए हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - सा / से सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – a
115- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . सांख्य दर्शन में प्रकृति को विभिन्न नामों से सम्बोधित किया गया है ; जैसे - प्रधान , जड़ , माया , अविद्या , बीजा रूपा इत्यादि।
2 . सांख्य दर्शन एक अद्वैतवादी दर्शन है।
3 . इस दर्शन के अनुसार प्रकृति और पुरुष के सम्पर्क के बाद प्रलय का अन्त होता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 1 और 3
( c ) 2 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – d
116- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . सांख्य दर्शन के प्रणेता कपिल हैं।
2 . सांख्य दर्शन सूत्र पर आधारित है।
3 . सांख्य दो स्वतन्त्र तत्त्वों को स्वीकार करता है।
4 . प्रकृति समस्त जगत् की जननी है।
उपरोक्त कथनों में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 , 3 और 4
( d ) ये सभी
उत्तर – d
117- सांख्य दर्शन के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . पुरुष के अतिरिक्त संसार की समस्त वस्तुएँ प्रकृति से उत्पन्न हुई हैं।
2 . सांख्य दर्शन अद्वैतवादी दर्शन है।
उपरोक्त कथनों में कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – a
118- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . सात्विक अहंकार में सत् गुण की आपेक्षिक प्रधानता है।
2 . राजस् , सात्विक एवं तामसिक दोनों अहंकारों में सहायक होता है।
3 . तामस् अहंकार से पंचतन्मात्रा रूप , रस , गन्ध , स्पर्श व शब्द की उत्पत्ति होती है।
4 . अहंकार के पाँच भेद हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 1 , 2 और 3
( c ) 2 , 3 और 4
( d ) 1 , 2 , 3 और 4
उत्तर – b
119- सांख्य के पुरुष के सम्बन्ध में विचार कीजिए
1 . पुरुष चेतन है।
2 . पुरुष कर्ता है।
3 . पुरुष भोक्ता है।
4 . पुरुष समस्त ज्ञान का अधिष्ठान है।
उपरोक्त में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 , 2 और 3
( b ) 1 , 3 और 4
( c ) 2 , 3 और 4
( d ) 1 , 2 और 4
उत्तर – b
120- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . पुरुष बहुत्व का सिद्धान्त सांख्य दर्शन का है।
2 . सांख्य पुरुषों को अनेक मानता है।
3 . पुरुष एवं प्रकृति दोनों वास्तविक सत्ताएँ हैं।
4 . पुरुष सांख्य दर्शन का आत्मतत्त्व है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - से सही हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 1 , 2 और 3
( c ) 3 और 4
( d ) 1 , 2 , 3 और 4
उत्तर – d
121- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . सांख्य दार्शनिकों के अनुसार सोपाधिक पुरुष ही बन्धन में रहता है , जब तक कि उसे विवेक ज्ञान नहीं हो जाता है।
2 . सांख्य दार्शनिकों के अनुसार पुरुष और प्रकृति के सहयोग से ही सम्पूर्ण विश्व निर्मित होता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा कथन सही है?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
122- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . मोक्ष के सन्दर्भ में सांख्य दर्शन एवं चार्वाक दर्शन समान हैं।
2 . सांख्य के अनुसार संसार में तीन प्रकार के दुःख पाए जाते हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - सा कथन सही है?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – b
123- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . कार्य - कारण भाव अरस्तू के दर्शन का एक महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त है।
2 . सांख्य दर्शन का कारण - कर्ता सिद्धान्त सत्कार्यवाद कहलाता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
124- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . पतंजलि के योगसूत्र चार पादों में विभक्त हैं - समाधिपाद, साधनापाद, विभूतिपाद और कैवल्यपाद।
2 . समाधिपाद में कर्म , क्लेश एवं कर्मफल का विवेचन है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – a
125- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योग एवं सांख्य दोनों द्वैतवादी दर्शन हैं।
2 . दोनों ही कारण - कार्य नियम के सन्दर्भ में सत्कार्यवाद के समर्थक हैं।
3 . सांख्य जहाँ एक अनीश्वरवादी दर्शन है , वहीं योग ईश्वरवादी दर्शन है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – d
126- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . पतंजलि के अनुसार प्रमाण तीन हैं - प्रत्यक्ष, अनुमान एवं शब्द।
2 . चार्वाक ने केवल प्रत्यक्ष को ही प्रमाण माना है।
3. साधारण विश्वसनीय व्यक्तियों के आप्त वचन को लौकिक शब्द कहा जाता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – d
127- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योगसूत्र के अनुसार चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
2 . बुद्धि , अहंकार तथा मन को ही संयुक्त रूप से चित्त की संज्ञा दी गई है।
3 . योग की मान्यता है कि प्रत्येक पुरुष के साथ एक चित्त सम्बन्धित होना है , इसलिए चित्त भी अनेक हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 , 2 और 3
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 और 2
उत्तर – a
128- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . विकल्प वृत्ति के द्वारा मिथ्या ज्ञान प्राप्त होता है।
2 . विपर्यय वृत्ति के द्वारा काल्पनिक ज्ञान प्राप्त होता है।
उपरोक्त कथनों में कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – d
129- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . योग दर्शन में चित्तवृत्तियों के चार प्रकार बताए गए हैं।
2 . प्रमाण वृत्ति के द्वारा यथार्थ ज्ञान प्राप्त होता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – b
130- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योग दर्शन में पाँच प्रकार के क्लेश बताए गए हैं।
2 . अभिनिवेश क्लेश का अर्थ है जीवन के प्रति आसक्ति तथा मृत्यु का भय।
3 . समस्त क्लेशों का मूल कारण अविद्या को माना गया है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 . 2 और 3
उत्तर – d
131- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . व्यास ने चित्त की चार भूमियों / अवस्था का उल्लेख किया है।
2 . मूढ़ चित्त की अवस्था में रजोगुण की प्रधानता होती है।
3 . मानसिक अवस्थाओं के विभिन्न स्तर चित्तभूमि कहलाते हैं।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) केवल 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – c
132- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योग दर्शन में ईश्वर की सत्ता को स्वीकार किया गया है।
2 . योग सूत्र के अनुसार जो क्लेश, कर्म, आसक्ति और वासना इन चारों से असम्बन्धित हो, वही ईश्वर है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
133- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योग दर्शन में ईश्वर की प्रकृति और पुरुष को संयोजक और वियोजक का कार्य करने वाला बताया गया है।
2 . श्रुति प्रमाण में ईश्वर की सत्ता को नहीं माना गया है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – a
134- सांख्य दर्शन के अन्तर्गत प्रकृति के गुण में शामिल है
1 . सत् गुण
2 . रज् गुण
3 . तम् गुण
कूट
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 2 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – d
135- पतंजलि के योग दर्शन में प्रमाण में शामिल है
1 . प्रत्यक्ष
2 . अनुमान
3 . शब्द
4 . उपमान
कूट
( a ) 1 और 2
( b ) 1 , 3 और 4
( c ) 1 , 2 और 3
( d ) 1 , 2 , 3 और 4
उत्तर – b
136- योग दर्शन में क्लेश के प्रकार हैं
1 . अविद्या
2 . अस्मिता
3 . राग
4 . द्वेष
5 . अभिनिवेश
कूट
( a ) 1 , 2 , 3 और 5
( b ) 2 , 3 , 4 और 5
( c ) 1 , 2 , 3 और 4
( d ) 1 , 2 , 3 , 4 और 5
उत्तर – d
*निर्देश - नीचे दिए गए कथन और कारणों को ध्यानपूर्वक पढ़कर कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए।
कूट
( a ) A और R दोनों सही हैं तथा R , A की सही व्याख्या है
( b ) A और R दोनों सही हैं , परन्तु R , A की सही व्याख्या नहीं है
( c ) A सही है , किन्तु R गलत है
( d ) A गलत है , किन्तु R सही है
137 कथन ( A ) आनन्द मुक्त पुरुष का स्वरूप नहीं है।
कारण ( R ) आनन्द सत्व गुण से उत्पन्न होता है।
उत्तर – a
138- कथन ( A ) शब्दतन्मात्र से आकाश की उत्पत्ति होती है।
कारण ( R ) स्पर्शतन्मात्र और शब्दतन्मात्र के योग से वायु की उत्पत्ति होती है।
उत्तर – a
139- कथन ( A ) संसार के समस्त विषय त्रिगुणात्मक हैं।
कारण ( R ) तीनों गुण प्रकृति के मूल तत्त्व हैं।
उत्तर – a
140- कथन ( A ) सत् गुण हल्का सफेद होता है।
कारण ( R ) सतोगुणी व्यक्ति ही अध्यात्म में प्रवेश कर सकता है।
उत्तर – a
141- कथन ( A ) योग दर्शन तत्त्वमीमांसा का निराकरण नहीं करता।
कारण ( R ) यह मोक्ष की प्राप्ति के उपाय बताता है।
उत्तर – b
142- कथन ( A ) योग दर्शन एक व्यावहारिक दर्शन है।
कारण ( R ) यह मोक्ष के व्यावहारिक व सहज उपायों को बताता है।
उत्तर – a
143- कथन ( A ) योग दर्शन में चित्त त्रिगुणात्मक है।
कारण ( R ) यह प्रकृति से उत्पन्न है।
उत्तर – a
144- कथन ( A ) सुषुप्तावस्था की वृत्तियों को निद्रा कहते हैं।
कारण ( R ) इसमें जाग्रत एवं सुषुप्त की अवस्थाओं का अभाव होता है।
उत्तर – a
145- कथन ( A ) जगत् वास्तविक है।
कारण ( R ) यह ईश्वर की सृष्टि है।
उत्तर – c
146- कथन ( A ) योग 'चित्तवृत्तियों का निरोध' है।
कारण ( R ) चित्त का विषयाकार होना ही चित्तवृत्ति है।
उत्तर – b
1- भारत का प्राचीनतम दर्शन किसे माना जाता है ? - सांख्य को
2- सांख्य दर्शन के प्रवर्तक हैं - महर्षि कपिल
3- सांख्य दर्शन से सम्बन्चित रचना 'तर्क कौमुदी' के लेखक हैं - वाचस्पति
4- सांख्य दर्शन किस प्रकार का दर्शन है ? - द्वैतवादी
5- सत्कार्यवाद की सिद्धि से सम्बन्धित पुस्तक 'सांख्यकारिका' के लेखक हैं - ईश्वरकृष्ण
6- सत्कार्यवाद किस दर्शन से सम्बन्धित है - सांख्य दर्शन से
7- सांख्य का सत्कार्यवाद हमें क्या स्वीकार करवाता है - कारण को कार्य के रूप में व्यक्त होना
8- सांख्य दर्शन में गुणों की संख्या है - 3
9- सांख्य दर्शन के अनुसार सत्व गुण किस रंग से पहचाना जाता है? - सफेद रंग से
10- सांख्य दर्शन के अनुसार प्रकृति एवं गुणों में कौन सा सम्बन्ध है - स्वरूप सम्बन्ध
11- त्रिगुण साम्यावस्था का नाम है - प्रकृति
12- उपगुण भारी अवरोध तथा अज्ञान प्रकृति के किस गुण के अन्तर्गत आते - तम् गुण में
13- सांख्य दाशनिक प्रकृति की स्वतन्त्र सत्ता को स्वीकार करने हेतु किसको आधार बनाते हैं - सत्कार्यवाद एवं अनुमान को
14- जिस सत्ता को अधिकांशतः भारतीय दार्शनिकों ने आत्मा कहा है, उस सत्ता को सांख्य दर्शन में क्या कहा गया है - पुरुष
15- सांख्य दर्शन में चेतना किसे कहा गया है - पुरुष को
16- अहंकार के कितने भेद हैं - तीन
17- अहंकार के किस भेद में यह माना गया है कि अहंकार से ज्ञानेन्द्रियों व कमेन्द्रियों तथा प्रजा एवं आन्तरिक इन्द्रिय मन का विकास होता है - सात्विक में
18- सांख्य के अनुसार पुरुष है - चेतन, भोक्ता, निष्क्रिय
19- सांख्य दर्शन में प्रकृति को माना गया है - सत, रज् एवं तम का समन्वय
20- अहंकार किससे उत्पन्न होता है - हृदय से
21- सांख्य दर्शन में आत्मा को क्या कहा गया है ? - पुरुष
22- प्रकृति और पुरुष का सिद्धान्त किस दर्शन में है ? - सांख्य दर्शन में
23- सांख्य के अनुसार प्रकृति है - सक्रिय व अचेतन
24- सांख्य के अनुसार प्रकृति के तीनों गुणों के अस्तित्व की वास्तविक स्थिति क्या है ? - तीनों ही एकसाथ अस्तित्ववान हैं
25- सांख्य के अनुसार त्रिगुण है - प्रकृति के अन्तरंग घटक तत्त्व
26- सांख्य दर्शन में पुरुष का स्वरूप है - चेतन और निष्क्रिय
27- सांख्य पुरुष है - ज्ञाता एवं भोक्ता
28- सांख्य दर्शन में परम आध्यात्मिक लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया है - मोक्ष
29- सांख्य दर्शन के अनुसार संसार में कितने प्रकार के दुःख पाए जाते हैं? - तीन
30- सांख्य के अनुसार मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है - ज्ञान के द्वारा
31- मोक्ष को कैवल्य के रूप में किस दर्शन ने स्वीकार किया है - सांख्य में
32- सांख्य दर्शन में मोक्ष के लिए किस शब्द का प्रयोग हुआ है? - अपवर्ग
33- तनावग्रस्त रहना किस दु: ख के अन्तर्गत आता है? - आध्यात्मिक दुःख
34- सांख्य दर्शन का कारण कर्ता का सिद्धान्त कहलाता है - सत्कार्यवाद
35- किस दर्शन को सांख्य दर्शन का पूरक दर्शन कहा जाता है? - योग दर्शन को
36- योग दर्शन के प्रवर्तक हैं - पतंजलि
37- योगसूत्र के लेखक हैं - पतंजलि
38- किसके अनुसार, “योग चित्तवृत्तियों का निरोध है"? - पतंजलि
39- किस दर्शन में योग का प्रयोग आत्मा एवं परमात्मा के मिलन के अर्थ में है? - वेदान्त दर्शन में
40- योगदर्शन के अनुसार योग का अर्थ है - चित्तवृत्तियों का निरोध
41- पतंजलि ने अपने योग दर्शन में कितने प्रकार के प्रमाण माने हैं? - तीन
42- पतंजलि ने अपने प्रमाण सिद्धान्त में किसे प्रमुख प्रमाण माना है? प्रत्यक्ष को
43- पतंजलि के अनुसार प्रत्यक्ष प्रमाण कितने प्रकार का होता है? - दो प्रकार का
44- जो दो वस्तुओं के बीच व्याप्ति-सम्बन्ध पर आधारित है, कौन-सा अनुमान कहलाता है? - पूर्ववत् अनुमान
45- पतंजलि ने अपने योगसूत्र के किस सूत्र में कहा कि चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है? - द्वितीय सूत्र में
46- शब्द महत् का अर्थ है - बुद्धि
47- योग दर्शन में चित्तवृत्तियों के कितने प्रकार बताए गए हैं? - पाँच
48- योग दर्शन में चित्तवृत्तियों को किस वृत्ति के द्वारा काल्पनिक ज्ञान प्राप्त होता है? - विकल्प
49- सुखों को प्राप्त करने की चाह किस प्रकार का क्लेश है? - राग
50- योग दर्शन में कितने प्रकार के क्लेश बताए गए हैं? - पाँच प्रकार का
51- योग दर्शन के अनुसार अभिनिवेश एक प्रकार का क्लेश है । इसका तात्पर्य है - जीवन के प्रति आसक्ति तथा मृत्यु का भय
52- योग दर्शन में चित्तवृत्तियों के निरोध के लिए कितने उपाय बताए हैं? - 2
53- योग दर्शन के पाँच क्लेश हैं - अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष, अभिनिवेश
54- योग दर्शन के अनुसार अस्मिता का अर्थ है - अहंकार की पुरुष के साथ एकाकारता
55- योग का अर्थ है 'चित्तवृत्तियों का निरोध', यह किसने प्रतिपादित किया है - पतंजलि ने
56- 'चित्त' विचार के व्याख्याता का निर्देश किस दर्शन ने दिया - योग ने
57- वह विकल्प कौन-सा है, जो चित्तवृत्ति के लिए नहीं आता? - अविद्या
58- व्यास ने चित्त की कितनी अवस्थाओं अर्थात भूमियों का उल्लेख किया है? - पाँच
59- चित्त की सभी वृत्तियों का निरोध किसमें होता है? - निरुद्ध में
60- चित्त की जिन अवस्थाओं में वृत्ति का पूर्ण निरोध नहीं होता, वह अवस्था कहलाती है - व्युत्थान अवस्था
61- जीवन के प्रति आसक्ति एवं मृत्यु से भय कहलाता है - अभिनिवेश
62- चित्त की किस अवस्था में तमोगुण का आधिपत्य होता है? - मूढ़ अवस्था
63- किसने लिखा है कि “जो क्लेश, कर्म, आसक्ति और वासना इन चारों से असम्बन्धित हो, वही ईश्वर है? - महर्षि पतंजलि ने
64- ईश्वरकृष्ण की कौन-सी रचना सांख्य दर्शन का आधार है - सांख्यकारिका
65- सांख्य योग के अनुसार पुरुष है - चेतन और जड़
66- सांख्य के अनुसार मुक्ति का अभिप्राय है - जीवनमुक्ति और विदेहमुक्ति दोनों
67- सांख्य दर्शन में प्रकृति है - अचेतन और सक्रिय है
68-
सुमेलित
सूची 1
|
सूची 2
|
तर्क कौमुदी
|
वाचस्पति
|
सांख्य सूत्र
|
कपिल मुनि
|
सांख्यकारिका
|
ईश्वरकृष्ण
|
सांख्य सार
|
विज्ञान भिक्षु
|
69-
सुमेलित
सूची 1
|
सूची 2
|
शब्द
|
आकाश
|
स्पर्श
|
वायु
|
रस
|
जल
|
गन्ध
|
पृथिवी
|
70-
सुमेलित
सूची 1
|
सूची 2
|
प्रमाण
|
यथार्थ
|
विपर्यय
|
मिथ्या ज्ञान
|
विकल्प
|
काल्पनिक ज्ञान
|
निद्रा
|
मानसिक
|
71-
सुमेलित
सूची 1
|
सूची 2
|
क्षिति
|
भूतद्रव्य और मूर्तद्रव्य दोनों
|
मनस
|
केवल मूर्तद्रव्य
|
आकाश
|
केवल भूतद्रव्य
|
आत्मा
|
न तो भूतद्रव्य और न मूर्तद्रव्य
|
72-
सुमेलित
सूची 1
|
सूची 2
|
चित्त
|
अन्तः करण
|
क्लेश
|
राग
|
निद्रा
|
चित्तवृत्ती
|
73-
सुमेलित
सूची 1
|
सूची 2
|
सांख्य दर्शन
|
प्रामाण्यम् और अप्रामाण्यम् दोनों स्वतः है
|
बौद्ध दर्शन
|
प्रामाण्यम् परतः है और अप्रामाण्यम् स्वतः है
|
न्याय दर्शन
|
प्रामाण्यम् और अप्रामाण्यम् दोनों परतः है
|
पूर्व मीमांसा दर्शन
|
प्रामाण्यम् स्वतः है और अप्रामाण्यम् परतः है
|
74-
सुमेलित
सूची 1
|
सूची 2
|
पंचशील
|
बौद्ध
|
पंचावयव
|
न्याय
|
पंच प्रमेष्ठि
|
जैन
|
पंच क्लेश
|
योग
|
75-
सुमेलित
सूची 1
|
सूची 2
|
चार्वाक
|
केवल प्रत्यक्ष
|
बौद्ध
|
प्रत्यक्ष और अनुमान
|
सांख्य
|
प्रत्यक्ष, अनुमान एवं शब्द
|
न्याय
|
प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान एवं शब्द
|
( a ) सांख्यकारिका भाष्य - गौड़पाद
( b ) तर्क कौमुदी - वाचस्पति
( c ) सांख्य प्रवचन भाष्य - विज्ञान भिक्षु
( d ) सांख्य सूत्र - गौतम
उत्तर – d
77- निम्न में से कौन - सा युग्म असंगत है ?
( a ) पृथ्वी - गन्ध
( b ) आकाश - शब्द
( c ) जल - रस
( d ) वायु – रूप
उत्तर – c
78- सांख्य दर्शन के सन्दर्थ में असंगत है
( a ) इसमें प्रकृति को प्रधान कहा गया है
( b ) इस दर्शन में प्रकृति को जड़ कहा गया है
( c ) इस दर्शन में प्रकृति को माया कहा गया है
( d ) इस दर्शन में प्रकृति को विद्या कहा गया है
उत्तर – d
79- निम्नलिखित में से किसमें रजोगुण की प्रधानता होती है ?
( a ) सात्विक
( b ) राजस
( c ) तामस
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – b
80- प्रकृति की विशेषता नहीं है
( a ) त्रिगुणातीत
( b ) अचेतन
( c ) सक्रिय
( d ) अनुमानगम्य
उत्तर – a
81- निम्नलिखित में से कौन - सा एक संगत जोड़ा है ?
( a ) त्रिरत्न - बौद्ध
( b ) पंच महाभूत - सांख्य
( c ) पंच महाव्रत - वेदान्त
( d ) अनुमान प्रमाण - चार्वाक
उत्तर – b
82- सांख्य दर्शन में पुरुष की बहुलता के सन्दर्भ में असंगत कथन है
( a ) विभिन्न पुरुषों का जनन अलग-अलग होता है
( b ) विभिन्न पुरुषों की मृत्यु अलग-अलग होती है
( c ) विभिन्न पुरुषों का व्यक्तित्व अलग-अलग होता है
( d ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर – d
83- निम्नलिखित में से किसके अनुसार मोक्ष की अवस्था सत् एवं चित् की अवस्था है, परन्तु आनन्द की नहीं ?
( a ) सांख्य
( b ) न्याय
( c ) बौद्ध
(d) जैन
उत्तर – a
84- निम्नलिखित में से कौन-सा दर्शन वेदों को प्रामाणिक मानता है ?
( a ) योग
( b ) सांख्य
( c ) ' a ' और ' b ' दोनों
( d ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – c
85- योग दर्शन के अनुसार इनमें से कौन-सी एक चित्तवृत्ति नहीं है ?
( a ) प्रमाण
( b ) निद्रा
( c ) स्मृति
( d ) कल्पना
उत्तर – d
86- योग दर्शन के अनुसार ये हैं
( a ) चित्त की पाँच प्रकार की वृत्तियाँ, चित्तभूमि के पाँच स्तर तथा क्लेश के पाँच प्रकार
( b ) चित्त की तीन प्रकार की वृत्तियाँ, चित्तभूमि के तीन स्तर तथा क्लेश के तीन प्रकार
( c ) चित्त की चार प्रकार की वृत्तियाँ, चित्तभूमि के तीन स्तर तथा क्लेश के चार प्रकार
( d ) चित्त की छ : प्रकार की वृत्तियाँ, चित्तभूमि के चार स्तर तथा क्लेश के तीन प्रकार
उत्तर – a
87- निम्नलिखित दर्शनों में से कौन-सा चित्तवृत्ति निरोध का प्रतिपादन करता है ?
( a ) सांख्य
( b ) योग
( c ) न्याय
( d ) वैशेषिक
उत्तर – b
88- सुषुप्तावस्था की वृत्तियाँ कहलाती हैं
( a ) निद्रा
( b ) स्मृति
( c ) विकल्प
( d ) विपर्यय
उत्तर – a
89- निम्नलिखित में से कौन योग दर्शन के अनुसार संगत नहीं है ?
( a ) प्रमाण , विपर्यय , विकल्प
( b ) धारणा , ध्यान , समाधि
( c ) जीव , अजीव , पुद्गल
( d ) अविद्या , अस्मिता , राग
उत्तर – c
90- निम्नलिखित में कौन - सा योग द्वारा बताई गई चित्तभूमि में सम्मिलित नहीं है ?
( a ) एकाग्र
( b ) विकल्प
( c ) क्षिप्त
( d ) निरुद्ध
उत्तर – b
91- निम्नलिखित में से किस एक का क्रम सही है ?
( a ) विक्षिप्त , एकाग्र , निरुद्ध
( b ) क्षिप्त , विक्षिप्त , मूढ़
( c ) एकाग्र , निरुद्ध , क्षिप्त
( d ) विक्षिप्त , क्षिप्त , एकाग्र
उत्तर – a
92- निम्नलिखित में से योग के अनुसार चित्तवृत्तियों में शामिल नहीं है ।
( a ) प्रमाण
( b ) विपर्यय
( c ) संकल्प
( d ) विकल्प
उत्तर – c
93- योग दर्शन के ईश्वर की अवधारणा के सम्बन्ध में कौन - सा कथन सही है ?
( a ) वह जगत् का सृष्टा है
( b ) वह शुभ कर्मों का पुरस्कार तथा पाप कर्मों का दण्ड देता है
( c ) वह पुरुष विशेष है
( d ) वह उद्धारकर्ता है
उत्तर – c
94- योग के अनुसार ईश्वर है
( a ) ध्यान का श्रेष्ठ विषय
( b ) निमित्तोपादन कारण
( c ) योग का सर्वोच्च लक्ष्य
( d ) एक विचार मात्र
उत्तर – a
95- योग दर्शन में ईश्वर के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सही नहीं है ?
( a ) वह पुरुष विशेष है
( b ) वह समस्त क्लेशों से मुक्त है
( c ) वह सृष्टिकर्ता है
( d ) वह कर्म नियम से परे है
उत्तर – c
96- योग दर्शन के ईश्वर के लिए कौन - सा एक सही नहीं है ?
( a ) ईश्वर सृष्टिकर्ता है
( b ) ईश्वर सर्वज्ञ है
( c ) ईश्वर प्रथम गुरु है
( d ) ईश्वर करुणा से परिपूर्ण है
उत्तर – d
97- निम्नलिखित में से किस दर्शन को सेश्वर - सांख्य भी कहा जाता है ?
( a ) जैन
( b ) बौद्ध
( c ) योग
( d ) वेदान्त
उत्तर – c
98- भारी , . . . . . . तथा अज्ञान प्रकृति के तम् गुण के उपगुण हैं ।
( a ) सुखात्मक
( b ) उत्तेजक
( c ) दुःखात्मक
( d ) अवरोध
उत्तर – d
99- पतंजलि के अनुसार योग . . . . . . का निरोध है ।
( a ) चित्तवृत्तियाँ
( b ) चित्त
( c ) चित्तभूमियाँ
( d ) भक्ति
उत्तर – a
100- सांख्य दर्शन के अनुसार सृष्टि क्रम है
( a ) प्रकृति , महत् , अहंकार , एकादश इन्द्रियाँ , तन्मात्र , पंचमहाभूत
( b ) महत् , प्रकृति , अहंकार , तन्मात्र , एकादश इन्द्रियाँ , पंचमहाभूत
( c ) महत् , अहंकार , प्रकृति , पंचमहाभूत , एकादश इन्द्रियाँ , तन्मात्र
( d ) प्रकृति , महत् , एकादश इन्द्रियाँ , अहंकार , पंचमहाभूत , तन्मात्र
उत्तर – a
101- निम्नलिखित विकल्पों में से कौन - सा शास्त्रीय सांख्य दर्शन का उपयुक्त विवरण है ?
( a ) सतत् सक्रियवाद का दर्शन
( b ) केवल बहुलवादी भौतिकतावाद का दर्शन
( c ) पुरुष - प्रकृति विवेक ज्ञान का दर्शन
( d ) एकेश्वरवाद का दर्शन
उत्तर – c
102- सांख्य के अनुसार विकास का सही क्रम है
( a ) अहंकार , मनस् , कर्मेन्द्रियाँ , ज्ञानेन्द्रियाँ , महत्
( b ) ज्ञानेन्द्रियाँ , मनस् , कर्मेन्द्रियाँ , अहंकार , महत्
( c ) कर्मेन्द्रियाँ , ज्ञानेन्द्रियाँ , मनस् , महत् , अहंकार
( d ) महत् , अहंकार , मनस् , ज्ञानेन्द्रियाँ , कर्मेन्द्रियाँ
उत्तर – d
103- सही क्रम को सुनिश्चित करने के लिए सही कूट का चयन कीजिए
( a ) क्षिप्त , मूढ़ , विक्षिप्त , एकाग्र , निरुद्ध
( b ) मूढ़ , क्षिप्त , विक्षिप्त , एकाग्र , निरुद्ध
( c ) क्षिप्त , विक्षिप्त , मूढ़ , एकाग्र , निरुद्ध
( d ) निरुद्ध , एकाग्र , मूढ़ , क्षिप्त , विक्षिप्त
उत्तर – a
104- निम्नलिखित कथनों में से कौन पतंजलि योग के सम्बन्ध में सही नहीं है ?
( a ) ईश्वर पुरुषों में एक है
( b ) पतंजलि योग तीन प्रमाणों को स्वीकार करता है
( c ) पतंजलि योग एकतत्त्ववाद का समर्थन करता है
( d ) पतंजलि योग पूर्व नैतिक प्रशिक्षण स्वीकार करता है
उत्तर – c
105- पतंजलि के 'योग दर्शन' के सन्दर्भ में सही अनुक्रम का चयन कीजिए
( a ) नियम , यम , प्राणायाम , आसन , प्रत्याहार
( b ) यम , नियम , प्राणायाम , आसन , प्रत्याहार
( c ) यम , नियम , आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार
( d ) आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , यम , नियम
उत्तर – c
106- निम्नलिखित में से कौन - सा एक , सांख्य के अनुसार , प्रकृति की सत्ता के लिए कारण नहीं हो सकता ?
( a ) भेदानाम् परिमाणात्
( b ) समन्वयात्
( c ) भोक्तृभावात्
( d ) कारण - कार्य विभागात्
उत्तर – c
107- निम्नलिखित में से कौन - सा सही क्रम है ?
( a ) क्षिप्त , विक्षिप्त , मूढ़
( b ) क्षिप्त , मूढ़ , विक्षिप्त
( c ) क्षिप्त , विक्षिप्त , एकाग्र
( d ) विक्षिप्त , मूढ़ , एकाग्र
उत्तर – b
108- योग दर्शन के अनुसार , पाँच क्लेशों का सही क्रम क्या है ?
( a ) अविद्या , अस्मिता , राग , द्वेष , अभिनिवेश
( b ) अस्मिता , अविद्या , राग , द्वेष , अभिनिवेश
( c ) राग , अस्मिता , अविद्या , द्वेष , अभिनिवेश
( d ) अभिनिवेश , राग , अस्मिता , अविद्या , द्वेष
उत्तर – a
109- निम्नलिखित में से किसकी गणना चित्तवृत्ति के अन्तर्गत नहीं होती है ?
( a ) स्मृति
( b ) विपर्यय
( c ) वितर्क
( d ) प्रमाण
उत्तर – c
110- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . सांख्य दर्शन के प्रवर्तक महर्षि कपिल हैं।
2 . सांख्य का एक अर्थ सम्यख्यानम अर्थात् सम्यक ज्ञान या पूर्ण विचार।
3 . सांख्य सूत्र की रचना ईश्वरकृष्ण आचार्य ने की थी।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से सही है / हैं ?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) केवल 3
( d ) 1 और 3
उत्तर – a
111- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . सांख्य दर्शन अनीश्वरवादी है।
2 . सांख्य दर्शन आस्तिक दर्शन है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
112- सांख्य सत्कार्यवाद के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . सृष्टि के समय जगत् प्रकृति से आविर्भूत होता है।
2 . प्रलय के समय जगत् प्रकृति में विलीन होता है।
3 . जगत् प्रकृति का आभास है।
4 . जगत् तथा प्रकृति नित्य रूप से सत्अस्तित्ववान हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 , 2 और 3
( b ) 2 , 3 और 4
( c ) 1 , 3 और 4
( d ) 1 और 2
उत्तर – d
113- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . ईश्वरकृष्ण ने अपनी सांख्यकारिका में सत्कार्यवाद की सिद्धि के लिए तर्क प्रस्तुत किए।
2 . नैयायिक दर्शन असत्कार्यवाद से सम्बन्धित हे
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
114- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . सांख्य दर्शन में प्रकृति का शाब्दिक अर्थ है सृष्टि से पूर्व।
2 . इसमें प्रकृति के चार गुण बताए गए हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - सा / से सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – a
115- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . सांख्य दर्शन में प्रकृति को विभिन्न नामों से सम्बोधित किया गया है ; जैसे - प्रधान , जड़ , माया , अविद्या , बीजा रूपा इत्यादि।
2 . सांख्य दर्शन एक अद्वैतवादी दर्शन है।
3 . इस दर्शन के अनुसार प्रकृति और पुरुष के सम्पर्क के बाद प्रलय का अन्त होता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 1 और 3
( c ) 2 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – d
116- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . सांख्य दर्शन के प्रणेता कपिल हैं।
2 . सांख्य दर्शन सूत्र पर आधारित है।
3 . सांख्य दो स्वतन्त्र तत्त्वों को स्वीकार करता है।
4 . प्रकृति समस्त जगत् की जननी है।
उपरोक्त कथनों में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 , 3 और 4
( d ) ये सभी
उत्तर – d
117- सांख्य दर्शन के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . पुरुष के अतिरिक्त संसार की समस्त वस्तुएँ प्रकृति से उत्पन्न हुई हैं।
2 . सांख्य दर्शन अद्वैतवादी दर्शन है।
उपरोक्त कथनों में कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – a
118- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . सात्विक अहंकार में सत् गुण की आपेक्षिक प्रधानता है।
2 . राजस् , सात्विक एवं तामसिक दोनों अहंकारों में सहायक होता है।
3 . तामस् अहंकार से पंचतन्मात्रा रूप , रस , गन्ध , स्पर्श व शब्द की उत्पत्ति होती है।
4 . अहंकार के पाँच भेद हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 1 , 2 और 3
( c ) 2 , 3 और 4
( d ) 1 , 2 , 3 और 4
उत्तर – b
119- सांख्य के पुरुष के सम्बन्ध में विचार कीजिए
1 . पुरुष चेतन है।
2 . पुरुष कर्ता है।
3 . पुरुष भोक्ता है।
4 . पुरुष समस्त ज्ञान का अधिष्ठान है।
उपरोक्त में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 , 2 और 3
( b ) 1 , 3 और 4
( c ) 2 , 3 और 4
( d ) 1 , 2 और 4
उत्तर – b
120- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . पुरुष बहुत्व का सिद्धान्त सांख्य दर्शन का है।
2 . सांख्य पुरुषों को अनेक मानता है।
3 . पुरुष एवं प्रकृति दोनों वास्तविक सत्ताएँ हैं।
4 . पुरुष सांख्य दर्शन का आत्मतत्त्व है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - से सही हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 1 , 2 और 3
( c ) 3 और 4
( d ) 1 , 2 , 3 और 4
उत्तर – d
121- निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1 . सांख्य दार्शनिकों के अनुसार सोपाधिक पुरुष ही बन्धन में रहता है , जब तक कि उसे विवेक ज्ञान नहीं हो जाता है।
2 . सांख्य दार्शनिकों के अनुसार पुरुष और प्रकृति के सहयोग से ही सम्पूर्ण विश्व निर्मित होता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा कथन सही है?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
122- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . मोक्ष के सन्दर्भ में सांख्य दर्शन एवं चार्वाक दर्शन समान हैं।
2 . सांख्य के अनुसार संसार में तीन प्रकार के दुःख पाए जाते हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - सा कथन सही है?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – b
123- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . कार्य - कारण भाव अरस्तू के दर्शन का एक महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त है।
2 . सांख्य दर्शन का कारण - कर्ता सिद्धान्त सत्कार्यवाद कहलाता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
124- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . पतंजलि के योगसूत्र चार पादों में विभक्त हैं - समाधिपाद, साधनापाद, विभूतिपाद और कैवल्यपाद।
2 . समाधिपाद में कर्म , क्लेश एवं कर्मफल का विवेचन है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – a
125- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योग एवं सांख्य दोनों द्वैतवादी दर्शन हैं।
2 . दोनों ही कारण - कार्य नियम के सन्दर्भ में सत्कार्यवाद के समर्थक हैं।
3 . सांख्य जहाँ एक अनीश्वरवादी दर्शन है , वहीं योग ईश्वरवादी दर्शन है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – d
126- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . पतंजलि के अनुसार प्रमाण तीन हैं - प्रत्यक्ष, अनुमान एवं शब्द।
2 . चार्वाक ने केवल प्रत्यक्ष को ही प्रमाण माना है।
3. साधारण विश्वसनीय व्यक्तियों के आप्त वचन को लौकिक शब्द कहा जाता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – d
127- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योगसूत्र के अनुसार चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
2 . बुद्धि , अहंकार तथा मन को ही संयुक्त रूप से चित्त की संज्ञा दी गई है।
3 . योग की मान्यता है कि प्रत्येक पुरुष के साथ एक चित्त सम्बन्धित होना है , इसलिए चित्त भी अनेक हैं।
उपरोक्त कथनों में कौन - से कथन सही हैं?
( a ) 1 , 2 और 3
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 और 2
उत्तर – a
128- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . विकल्प वृत्ति के द्वारा मिथ्या ज्ञान प्राप्त होता है।
2 . विपर्यय वृत्ति के द्वारा काल्पनिक ज्ञान प्राप्त होता है।
उपरोक्त कथनों में कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – d
129- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1 . योग दर्शन में चित्तवृत्तियों के चार प्रकार बताए गए हैं।
2 . प्रमाण वृत्ति के द्वारा यथार्थ ज्ञान प्राप्त होता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – b
130- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योग दर्शन में पाँच प्रकार के क्लेश बताए गए हैं।
2 . अभिनिवेश क्लेश का अर्थ है जीवन के प्रति आसक्ति तथा मृत्यु का भय।
3 . समस्त क्लेशों का मूल कारण अविद्या को माना गया है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) 1 और 3
( d ) 1 . 2 और 3
उत्तर – d
131- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . व्यास ने चित्त की चार भूमियों / अवस्था का उल्लेख किया है।
2 . मूढ़ चित्त की अवस्था में रजोगुण की प्रधानता होती है।
3 . मानसिक अवस्थाओं के विभिन्न स्तर चित्तभूमि कहलाते हैं।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) 1 और 2
( b ) 2 और 3
( c ) केवल 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – c
132- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योग दर्शन में ईश्वर की सत्ता को स्वीकार किया गया है।
2 . योग सूत्र के अनुसार जो क्लेश, कर्म, आसक्ति और वासना इन चारों से असम्बन्धित हो, वही ईश्वर है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – c
133- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1 . योग दर्शन में ईश्वर की प्रकृति और पुरुष को संयोजक और वियोजक का कार्य करने वाला बताया गया है।
2 . श्रुति प्रमाण में ईश्वर की सत्ता को नहीं माना गया है।
उपरोक्त कथनों में से कौन - सा / से कथन सही है / हैं?
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 1 और 2
( d ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर – a
134- सांख्य दर्शन के अन्तर्गत प्रकृति के गुण में शामिल है
1 . सत् गुण
2 . रज् गुण
3 . तम् गुण
कूट
( a ) केवल 1
( b ) केवल 2
( c ) 2 और 3
( d ) 1 , 2 और 3
उत्तर – d
135- पतंजलि के योग दर्शन में प्रमाण में शामिल है
1 . प्रत्यक्ष
2 . अनुमान
3 . शब्द
4 . उपमान
कूट
( a ) 1 और 2
( b ) 1 , 3 और 4
( c ) 1 , 2 और 3
( d ) 1 , 2 , 3 और 4
उत्तर – b
136- योग दर्शन में क्लेश के प्रकार हैं
1 . अविद्या
2 . अस्मिता
3 . राग
4 . द्वेष
5 . अभिनिवेश
कूट
( a ) 1 , 2 , 3 और 5
( b ) 2 , 3 , 4 और 5
( c ) 1 , 2 , 3 और 4
( d ) 1 , 2 , 3 , 4 और 5
उत्तर – d
*निर्देश - नीचे दिए गए कथन और कारणों को ध्यानपूर्वक पढ़कर कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए।
कूट
( a ) A और R दोनों सही हैं तथा R , A की सही व्याख्या है
( b ) A और R दोनों सही हैं , परन्तु R , A की सही व्याख्या नहीं है
( c ) A सही है , किन्तु R गलत है
( d ) A गलत है , किन्तु R सही है
137 कथन ( A ) आनन्द मुक्त पुरुष का स्वरूप नहीं है।
कारण ( R ) आनन्द सत्व गुण से उत्पन्न होता है।
उत्तर – a
138- कथन ( A ) शब्दतन्मात्र से आकाश की उत्पत्ति होती है।
कारण ( R ) स्पर्शतन्मात्र और शब्दतन्मात्र के योग से वायु की उत्पत्ति होती है।
उत्तर – a
139- कथन ( A ) संसार के समस्त विषय त्रिगुणात्मक हैं।
कारण ( R ) तीनों गुण प्रकृति के मूल तत्त्व हैं।
उत्तर – a
140- कथन ( A ) सत् गुण हल्का सफेद होता है।
कारण ( R ) सतोगुणी व्यक्ति ही अध्यात्म में प्रवेश कर सकता है।
उत्तर – a
141- कथन ( A ) योग दर्शन तत्त्वमीमांसा का निराकरण नहीं करता।
कारण ( R ) यह मोक्ष की प्राप्ति के उपाय बताता है।
उत्तर – b
142- कथन ( A ) योग दर्शन एक व्यावहारिक दर्शन है।
कारण ( R ) यह मोक्ष के व्यावहारिक व सहज उपायों को बताता है।
उत्तर – a
143- कथन ( A ) योग दर्शन में चित्त त्रिगुणात्मक है।
कारण ( R ) यह प्रकृति से उत्पन्न है।
उत्तर – a
144- कथन ( A ) सुषुप्तावस्था की वृत्तियों को निद्रा कहते हैं।
कारण ( R ) इसमें जाग्रत एवं सुषुप्त की अवस्थाओं का अभाव होता है।
उत्तर – a
145- कथन ( A ) जगत् वास्तविक है।
कारण ( R ) यह ईश्वर की सृष्टि है।
उत्तर – c
146- कथन ( A ) योग 'चित्तवृत्तियों का निरोध' है।
कारण ( R ) चित्त का विषयाकार होना ही चित्तवृत्ति है।
उत्तर – b
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