कार्यक्रम अनुदेश विधि शिक्षण की उच्च स्तर पर संचरित पद्धति का एक सामान्य उदाहरण है।
यह तार्किक क्रम पर आधारित शिक्षण विधि है, जिसमें छात्र प्रत्येक चरण के पश्चात तुरन्त प्रतिपुष्टी अर्थात फीडबैक प्राप्त करने में सक्षम होता है।
कार्यक्रम अनुदेश विधि के गुण
- शिक्षण की यह विधि शैक्षणिक कार्य की प्रगति को जानने के लिए नियमित प्रतिपुष्टी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
- इसके माध्यम से शिक्षार्थी की सक्रिय भूमिका को सरलतापूर्वक सुनिश्चित किया जा सकता है।
- शिक्षण के कार्यक्रम अनुदेश विधि को किसी भी विषय के अध्ययन-अध्यापन के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है।
- तार्किक और उच्च स्तर पर संचरित प्रणाली होने के कारण यह शिक्षण विधि विद्यार्थीयों के मध्य अरुचिपूर्ण साबित हो सकती है।
- इस विधि में कुछ समय उपरान्त शिक्षार्थियों में प्रेरणा का स्तर कम होने की सम्भावना बनी रहती है।
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