Tuesday, December 17, 2019

शिक्षण सहायक प्रणाली Teaching Support System

शिक्षण सहायक प्रणाली Teaching Support System 
शिक्षण सहायक प्रणाली वह तन्त्र या व्यवस्था होती है , जिसमें शिक्षण कौशल , सहायक शिक्षण सामग्री आदि शामिल होते हैं , जो अधिगमकर्ता के क्षमता विकास में सहायक होता है । इसे विभिन्न वर्गों में बाँटकर देखा जा सकता है जैसे-
  1. परम्परागत शिक्षण सहायक प्रणाली Traditional Teaching Support System 
  2. आधुनिक शिक्षण सहायक प्रणाली Modern Teaching Support System 
  3. आईसीटी आधारित शिक्षण प्रणाली ICT Based Support System 
परम्परागत शिक्षण सहायक प्रणाली Traditional Teaching Support System 
परम्परागत सहायक प्रणाली में परम्परागत सहायक सामग्रियों का उपयोग होता है । इसमें वर्तमान की तुलना में निम्न स्तर की सहायक सामग्रियाँ पाई जाती हैं । इसमें शिक्षण सामग्री के रूप में दृश्य एवं श्रव्य आधारित सामग्रियाँ पाई जाती हैं । उदाहरणस्वरूप ब्लैक बोर्ड , मानचित्र , ग्लोब , पुस्तकें , पत्र , पत्रिकाएँ आदि ।
परम्परागत शिक्षण प्रणाली में शिक्षण कौशल तथा शिक्षण के विषय विस्तृत न होकर संकीर्ण व निम्न स्तर के पाए जाते हैं । परम्परागत शिक्षण प्रणाली में बौद्धिकता का विकास अपेक्षाकृत कम होता है । शिक्षक एवं शिक्षार्थी प्रत्यक्ष रूप से संवाद व तर्क - वितर्क कर समस्याओं का समाधान करते हैं । शिक्षण उपदेशात्मक , निर्देशात्मक तथ्यों पर आधारित होते हैं ।शिक्षार्थी का मूल्यांकन जाँच में प्राप्त अंक या ग्रेड के अनुसार होता है अर्थात् इसमें बौद्धिकता कमजोर नजर आती है ।इसमें विषय के अध्याय एवं टॉपिक के बीच सूक्ष्म संकेन्द्रण होता है , जिससे विस्तृत , व्याख्यात्मक , बौद्धिकपरक विचारों का अधिक विकास नहीं हो पाता है । शिक्षण बदलाव की ओर अधिक प्रगतिशील नहीं होता है । वर्तमान समय पर अधिक आधारित होता है ।
आधुनिक शिक्षण सहायक प्रणाली Modern Teaching Support System 
आधुनिक शिक्षण सहायक प्रणाली में उन्नत शिक्षण सामग्री तथा उच्च शिक्षण कौशल पाया जाता है । इसमें शिक्षण सहायक सामग्री श्रव्य , दृश्य तथा श्रव्य - दृश्य आधारित सहायक सामग्रियाँ पाई जाती हैं ।इसमें शिक्षण का स्तर उच्च पाया जाता है । शिक्षण विषयों के साथ शिक्षार्थी की बौद्धिकता के विकास पर भी बल दिया जाता है। इसमें प्रशिक्षित शिक्षक तथा नवीन तकनीक से पूर्ण कक्षाओं में शिक्षण कार्य संचालित होता है । शिक्षण में वर्तमान समय में ऑनलाइन सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं , जिससे बच्चे बिना कक्षा के वीडियो के माध्यम से शिक्षण कार्य करने में सक्षम हैं । कक्षाओं में विशेष रूप से कम्प्यूटर , वीडियो , स्लाइड आदि सामग्रियों का प्रयोग होता है । बच्चों की जाँच मनोवैज्ञानिक तरीकों से कराई जाती है । शिक्षण की जाँच परीक्षाओं में शिक्षार्थी द्वारा प्राप्त अंक के साथ - साथ विश्लेषणात्मक द्वारा बौद्धिकता की भी जाँच की जाती है । मानव का विकास कर उचित मानव संसाधन को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है । आधुनिक शिक्षण में शिक्षकों ने भी नवाचार को बढ़ाकर शिक्षण में सभी शिक्षार्थियों की नवीन प्रवृत्तियों को जन्म दिया है । आधुनिक शिक्षण प्रणाली आधुनिक बदलाव के प्रति सजग है , ताकि अधिक - से - अधिक तकनीकों व अन्य सहायक सामग्रियों को अपनाकर शिक्षण को मजबूत बनाया जाए । इस प्रकार आधुनिक शिक्षण सहायक प्रणाली , शिक्षक , शिक्षार्थी तथा शैक्षणिक वातावरण सभी दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है ।
आईसीटी आधारित शिक्षण प्रणाली ICT Based Support System 
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी ( ICT ) एक व्यापक क्षेत्र है , जिसमें सूचना के संचार के लिए सभी प्रकार की प्रौद्योगिकी समाहित है । यह रेडियो , टेलीविजन , सेलफोन , कम्प्यूटर आदि के अनुप्रयोगों से सूचना प्रसारण करता है । यह उच्च शिक्षा में शैक्षिक अवसरों को विस्तृत करने , उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास एवं शिक्षा के गुणवत्ता बढ़ाने के लिए महत्त्वपूर्ण साधन है । इससे दूरवर्ती स्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है ।इससे उच्च शिक्षा के संस्थानों में अधिक पारदर्शिता प्रणाली लाने से शिक्षण की प्रक्रियाओं और अनुपालन के मापदण्डों को मजबूती मिलने की सम्भावना है । यह छात्रों के प्रदर्शन , नियुक्ति , वेबसाइट एनालिटिक्स और ब्राण्ड के ऑडिट के लिए सोशलमीडिया मैट्रिक्स के विश्लेषण के प्रयोग में सहायक होता है । यह उपग्रह और अन्य माध्यमों द्वारा पाठ्यक्रम वितरण के साथ दूरस्थ शिक्षा सुविधाजनक बनाने में सहायक है ।
इसके माध्यम से ई . लर्निंग और दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों में । ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से शिक्षण अधिक रोचक और आसान हो रहा है । इसके माध्यम से शिक्षण को इण्टरनेट तथा वर्ल्ड वाइड वेब के माध्यम से शिक्षार्थी तक पहुंचने में मदद मिलती है । यह शैक्षणिक संस्था के दिन - प्रतिदिन के प्रशासनिक गतिविधियों को आसान तथा पारदर्शी तरीके से नियन्त्रित तथा समन्वय के साथ निगरानी करने में सहायक है । यह उच्च शिक्षण संस्थानों में पंजीकरण , नामांकन , पाठ्यक्रम आवण्टन , उपस्थिति की निगरानी आदि की जानकारियाँ उपलब्ध कराने में सहायक है ।

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