कक्षा में विषय वस्तु को सरल एवं बोधगम्य बनाने के लिए जिन विधियों का शिक्षकों द्वारा उपयोग किया जाता है, उन्हें शिक्षण विधियाँ कहते है।
शिक्षण विधियाँ दो आधारों पर वर्गीकृत होती है-
- शिक्षक केन्द्रित विधियाँ
- शिक्षार्थी केन्द्रित विधियाँ
इस विधि में शिक्षक जटिल संप्रत्ययों की व्याख्या करते है तथा शिक्षार्थी उन्हें समझने का प्रयास करते है।
शिक्षक केन्द्रित विधियाँ छः प्रकार की होती है-
1- व्याख्यान विधि
2- व्याख्यान-प्रदर्शन विधि
3- समूह शिक्षण विधि
4- टेलीविजन या वीडियो प्रस्तुति विधि
5- समीक्षा नीति-सम्बन्धी विधि
6- प्रश्नोत्तर शिक्षण नीति विधि
शिक्षार्थी केन्द्रित विधियाँ
इस विधि के अन्तर्गत शिक्षार्थी का केन्द्रीय स्थान होता है। इसमें विद्यार्थी के मनोविज्ञान को समझते हुए शिक्षण की व्यवस्था की जाती है। इस विधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी की अभिरुचि, अभिवृत्ति और क्षमताओं को ध्यान में रखकर शिक्षा प्रदान करना है।
शिक्षार्थी केन्द्रित विधियाँ 9 प्रकार की होती है-
1- कार्यक्रम अनुदेश विधि
2- सुपुर्द नियत अधिन्यास कार्य विधि
3- कम्प्यूटर आधारित शिक्षण विधि
4- परस्पर संवादी वीडियो विधि
5- मुक्त अधिगम विधि
6- निरीक्षण विधि
7- खेल विधि
8- अन्वेषण विधि
9- प्रयोगशाला विधि
शिक्षण नीतियाँ, विधियाँ एवं युक्ति में अन्तर
शिक्षण नीतियाँ शिक्षक द्वारा की गई ऐसी कौशलपूर्ण व्यवस्था है जो विद्यार्थीयों में उद्देश्यों के अनुसार व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए की जाती है। शिक्षण विधियाँ, शिक्षण उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायक होती है। शिक्षण युक्ति से अभिप्राय व्याख्या, दृष्टांत आदि में इस युक्ति का प्रयोग किया जाता है, जैसे- प्रश्नोत्तर, व्याख्या आदि।